उज्जैन/ वाराणसी/ प्रयागराज/अयोध्याः सावन के मौके पर देश भर में लाखों श्रद्धालु शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना करने और भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने के लिए उमड़ पड़े हैं. मध्य प्रदेश में उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में पवित्र भस्म आरती देखने के लिए हजारों लोग तड़के ही इकट्ठा हो गए. श्रद्धालुओं ने कहा कि वे इस पवित्र अनुष्ठान के साक्षी बनकर और भगवान शिव की दिव्य कृपा पाकर खुद को धन्य और भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं.उत्तर प्रदेश में वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए भारी भीड़ उमड़ी. श्रद्धालुओं ने कहा कि भारी भीड़ के बावजूद उन्हें बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने में कोई दिक्कत नहीं हुई. संगमनगरी प्रयागराज के मनकामेश्वर मंदिर में भी ऐसी ही तस्वीरें देखने को मिलीं. बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का आशीर्वाद लेने पहुंचे.अयोध्या के नागेश्वर नाथ मंदिर में खास तौर से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखी. सुबह से ही सरयू स्नान कर कांवड़ यात्रा लेकर रामनगरी पहुंचे कांवड़िए मंदिर में जलाभिषेक करते दिखे. वहीं उत्तराखंड के हरिद्वार में श्रद्धालुओं ने दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की. मान्यता है कि ये भगवान शिव की ससुराल है. दिल्ली में चांदनी चौक के गौरी शंकर मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी. बता दें कि हर साल सावन महीने की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि को सावन शिवरात्रि मनाई जाती है. भगवान शिव के भक्तों के लिए इसे बेहद शुभ दिन माना जाता है. हिंदू चंद्र कैलेंडर के मुताबिक इस साल सावन का महीना 11 जुलाई को शुरू हुआ है और ये नौ अगस्त को खत्म होगा.
00:26उसी क्रम में आज का दिन बहुत विशेश माना जाता है
00:30चोके मासिक शुप रातरी का दिन है
00:35आज बाबा महाकाल की विशेश बसमारती करी गई है
00:39बाबा महाकाल के पड़ आज तीन बज़े खोल दिये गएते
00:44उसके बाद में बाबा को बंचामरत इसनान हुआ
00:47और फिर शिंगार हुआ
00:48फिर बाबा को बस मरपण करके उसके बाद में विशेश आरती करी गई है
00:53दूर दूर से शद्धालू और दर्शनारती बाबा महाकाल कर दर्शनलाब लेने
00:58आज के दिन विशेश रूप से पड़ा रहे
01:00शिधालों ने कहा कि वे इस पवित्र अनुष्ठान के साक्षी बनकर
01:06और भगवान शिव की दिव्वक्रपा पाकर खुद को धन्य और भागिशाली महसूस कर रहे हैं
01:11दिली खुआ इस थी बस मारती देखने की जो किया आज पूरी हुई
01:16उत्रपदेश में वारानसी के काशिय विशुनात मंदिर में जलाबिशे करने के लिए भारी भीड उमड़ी
01:39शिधालों ने कहा कि वे मंदिर प्रशासन की तरफ से किये गए इंतिजामों से खुश है
01:43and even after the father of the father, there was no doubt in the way.
02:13ुशिवरात्री पर जो भी भक्त यहां दर्शन करने आ रहे हैं, वो मोक्ष और मुक्ती के द्वार पर खड़े हैं।
02:33संगम नगरी प्रयागराज के मनका मेशवर मंदर में भी ऐसी ही तस्वीरे देखने को मिली। बड़ी संखा मेशद्धालू भगवान शिव का आशीरवाद लेने पहुचे।
03:03जिससे आपके कारों में मंगल मैं हो और दूसरी बात आपके जो पीछे आगे के कर्म हैं वो आपके साफ सुत्रे हो जाएं।
03:12शिधालों ने खास तौर से दूद, दही, घी, शहद और चीनी से बने पंचामरत से भगवान शिव को इसनान करा कर पुजा की।
03:21आज हम मनका मेश्वर महादेव की दर्शन करने आए हैं।
03:51आयुद्धा के नागेश्वरनात मंदिर में खास तौर से श्रद्धालों की भारी भीर दिखी।
04:04सुबह से ही सर्यू इसनान कर कावड़ यात्रा लेकर रामनगरी पहुचे कावड़िये मंदिर में जला भिशे करते दिखे।
04:10सब्सक्राइब करने के लिए सर्यू इसनान किया है और उसके बाद में हमाएं आने के शनान मंदिर में जल चड़ाया है और मुझे बहुत अच्छा लगा है और ब्योस्ता भी बहुत अच्छी थी यहापे और अच्छी शुपधा थी और यहाँ पे भीर भी नहीं
04:40वहीं उत्राखंट के हरिद्वार में शद्धालों ने दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना की मानेता है कि यह भगवान शिव की ससुराल है
05:01और जो लोग 12 महीने अगर शिव का पूजन नहीं कर पाते हैं वो खाली स्रावन में अगर चार सुमार को भी रख लेते तो उसका पुन्ने अधिक होता है
05:12और जो लोग पूरे स्रावन मास नहीं आ पाते हैं तो महा सिवरात्री के एक दिन भी अगर भगवान शिव का गंगा जल और एक बेल पत्तर से अभिशेक करते हैं तो उनकी सारी मनों कामनाय पून होती है
05:21सिवरात्री का पावन परवे देश और प्रदेश वासियों को हरदिक सुपकामनार बदाई लोग यहां दो बजी से लाइनों में लगे पड़े हैं लोग जहां जहां से भी जल चलाने यहां आ रहे हैं बोले नात का भीशेक कर रहे हैं ऐसी मान्यता है कि दूद, दही, घी
05:51अर्चना और अनुस्थान करते दिखे
06:21हर साल सावन महीने की क्रिश्न पक्ष चतुरदशी तिति को सावन शिवरात्री मनाई जाती है भगवान शिव के भक्तों के लिए इसे बेहत शुप दिन माना जाता है
06:46हिंदू चंद्र केलेंडर के मताबिक इस साल सावन का महीना 11 जुलाई को शुरू हुआ है और ये 9 अगस्त को खत्म होगा
Be the first to comment