00:00ननहा सा हाथी सीधा सादा पहन के तोपी चला दादा कांधे पे उसका लाल सा दैग मन में सपनों का छोटा सा स्वैग
00:30नुभी ने बोला धीरे चलना सड के पास नहीं मचलना पापा ने हस कर प्यार किया पर लिख के तु नाम करेगा पेता
00:40पहली घंती बजा स्कूर हाथी बोला वा सो खूर
00:55नया दोस्त बणा बंदर भैया दोनों ने खेला सेव भैया
01:00पोई हेला खाया सेव भैया
01:06पीचर ने पड़ाई रंगीन बनाई एबी सेदी भी खेर में सिखाई
01:15ननहा हाथी अब रोज पड़े सपनों के पंक लिए उर चले
01:20एबी सेदी भी खेल में सिखाई
01:36ननहा हाथी अब रोज पड़े सपनों के पंक लिए उर चले
01:40अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो
01:54तो हमारे चैनल क्रियेटिव स्टोरीज त्रेट को लाइक, सब्सक्राइब और शेयर करें
01:58इससे ना सिर्फ हमें आपका सपोर्ट मिलेगा
02:01बलकि आपको आने वाली नई कहानियों की जानकारी भी मिलती रहेगी
02:05शुक्रिया
Comments