00:00मुबारक खान के अंत के बाद नागवन में फिर से जिन्दगी लौट आई थी
00:08गामववाले बेखौफ खेतों में हल चलाते
00:13बच्चे नदी किनारे हनसते भागते
00:18और रात को चांदनी में धोलक की हल की गूंट सुनाई देती
00:30लेकिन जंगल का सबसे गहरा हिस्सा अब पहले जैसा शांत नहीं था
00:37कहते हैं
00:49हर इंसाफ की एक कीमत होती है
00:52और इस बार वहक कीमत खुद नागिन सुल्ताना को चुकानी थी
00:58जल्नागिन रूहाना की वापसी
01:06एक आधी रात नागवन के दिल में बसे नीलसर सरोवर से नीली अजीब सी रोशनी उठी
01:16पानी में एक परचाई काम पी
01:25वह सुल्ताना की छोटी बहन रूहाना थी वही रूहाना जो कभी इंसानी दुन्या में जाकर प्रेम में पड़ गई थी
01:35पर प्रेम उसे मिला नहीं
01:41औरों की तरहद धोखा ही उसके हिस्से आया
01:50दर्थ में डूबी रूहाना ने खुद को सरोवर में समर्पित कर दिया था और तब से वह जलनाकिन बनकर वही कैद थी
01:58बर आज
02:17जब सुल्ताना ने इंसानों के लिए जालिम मुबारक खान को खत्म किया
02:22तो रूहाना का सदियों पुराना दर्थ फिर जाग उठा
02:30उसने आकाश की ओर भुबकारा
02:36मेरी बहन में उन इंसानों के लिए अपना वंशदर्म तोड़ा है अब वह भी सजा से नहीं बचेगी
02:45सरोवर बन गया जहरे
02:54धीरे धीरे नीलसर सरोवर का पानी नीले जहर में बदलने लगा
03:02छंडी भयानक हवा पूरी घाटी में फैल गई
03:09जो भी सरोवर के पास जाता बिहुश होकर गिर पड़ता
03:17गाउंग में फिर से डर लोट आया
03:22लेकिन इस पार जालिम कोई इंसान नहीं था
03:29यह नागवंश के भीतर की खामोश जंग थी
03:35जुनैद का फैसला
03:38जब जुनैद ने यह खबर सुनी उसने सुल्ताना की दी हुई कसम याद की
03:48सच्चाई के लिए कदम बढ़ाना कभी मत रोखना
03:56और वह अकेला ही जंगल की ओर निकल पड़ा
04:04उसे पता था इस बार सुल्ताना का इंसाफ किसी नए और दर्दनाक रूप में आने वाला था
04:19सुल्ताना अपने महल की उंची मिनार पर खड़ी आसमान को देख रही थी
04:29उसकी आंखों में डर नहीं
04:38बलकि एक ठकान एक उदासी थी जैसे वह पहले से जानती हो कि अब उसे अपने ही खून से लड़ना होगा
04:53नाक सैनिकों ने सरोवर की चारो ओर पहरा जमा दिया था
05:02लेकिन रूहाना का क्रोध अब किसी बंधन में नहीं रहने वाला था
05:10अचानक काली बादल छा गए बिजलियों ने आसमान फार दिया
05:23और नेलसर सरोवर से एक विशार नेली जलनागिन उभरी
05:33उसकी आंखों से नीला ध्वान निकल रहा था और उसकी चीख ने पूरा जंगल काम पाया
05:52उस रात नागवन में एक ऐसी जंग शुरू हूँ
06:06जिसे किसी इंसान ने कभी नहीं देखा
06:26सुल्ताना पिनाम रुहाना आज भी वही रोशनी वही परचाया
06:38कहते हैं उस रात के बाद सरोवर का पान हमेशा हलकी नीली रोशनी में चमकता है
06:56कुछ लोग दावा करते हैं रात के तीसरे पहर वहां दो परचाया दिखती है
07:04एक जो रक्षा करती है और दूसरी जो सजा देती है
07:10नागवन आज भी उसी एक में पर चलता है
07:19जो सच्चाय के लिए खुन बहाता है उसे सुर्ताना का आशिरवाद मिलता है
07:29और जो दिल तोड़कर धोखा देता है उसे रूहाना का श्राप जला देता है
07:39नीली रात की पुकार है
08:05दिल ये टूता बेकरार है
08:11सच के रास्ते कठोर है
08:17जूट के पीछे अंज़कार है
08:22दिल दिल पे जख्म जो गहरा था
08:28प्यार धोखे का पहरा है
08:34रूह असुगों मेरे डूबिती
08:39चांद भी आज
08:45इससे ना सिर्फ हमें आपका सपोर्ट मिलेगा
08:52बलकि आपको आने वाली नई कहानियों की जानकारी भी मिलती रहेगी
08:55शुक्रिया
08:56प्यार भी मिलती आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आ�
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