00:00वो निगाहें जो कभी रूह को मरहम थी कभी अब वही
00:19जख्मे जुदाई का सबब बनती है दिल की भी आंगली में तेरी आवाज अभी
00:36रात के सन नाटे में चांद सी बज़ती है
00:45इश्क की राह पे मन्जल का पता किस को है
00:54हम तो बस चलते रहें खाब में खोते हैं
01:03तेरा वादा था के लोटेगा बहारों के साथ
01:12अब तो पत जड़ में भी फूल से लगते हैं
01:22जिन्दगी तुझसे दिला क्या है
01:45दो में दोरा ही सही
01:50ते पहलू में भी कुछ जखम तो मिलते हैं
01:59मेरे दिल ने तेरे नाम पे सब छोड़ दिया
02:09अब तसवर में ही कुछ लम्हे सवरते हैं
02:18दिल की वीरां गली में तेरी आवाज अभी
02:27रात के सन नटे में चांद सी भजती है
02:36तेरा मादा ठक के लोटेगा बहारों के साथ
02:45अब तो पत्द हैं
02:50इससे न सिर्फ हमें आपका सपोर्ट मिलेगा
02:54बलकि आपको आने वाली नई कहानियों की जानकारी भी मिलती रहेगी
02:58शुक्रिया
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