00:00लाहूर दाता दर्बार में दफन पुरासरार अंग्रेज कौन है?
00:03हजरत अली हजवीरी के मजार के पास एक गोशे में अलग थल लग।
00:06तनहा ऐसी कबर भी मौजूद है जिस पर शायद ही कोई जाता है
00:09क्योंकि उसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं
00:11ये कबर है एक अंग्रेज की जो सच की तलाश में दाता दर्बार तक पहुँचा
00:15कुछ ऐसे मशाहदात और तजर्बात हुए कि इसलाम कबूल किया और अपनी जिन्दगी का उखताम उसी सर्जमीन पर कर दिया
00:22अंग्रेज का नाम था फारूख एहमद लिनार्ड
00:25वो अंग्लिस्तान से थे मगर हक की तलाश उन्हें लाहूर ले आई फिर वो यहीं के होकर रह गए
00:30आज उनकी कबर दाता दर्बार के एक गोशे में उनके रोहानी सफर की गवाही देती है
00:35ये कबर ना सिर्फ इसलाम के आलमगीर पेगाम की अलामत है
00:38बलकि उनको भी जवाब है जो इल्जाम लगाते कि इसलाम तलवार के जोर पर फैला है
00:43क्या आपको कभी हजरत अली हजवीरी के मजार पर जाने का तिफाक हुआ है
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