00:00ओ यारो माफ करना कुछ कहने आया हूँ
00:06कुछ अपने बारे में समझाने आया हूँ
00:30ओ यारो माफ करना कुछ कहने आया हूँ
00:40कुछ अपने बारे में समझाने आया हूँ
00:50मैं हो पर देसी नजवाँ दिल में रहेने आया हूँ
00:59दिल में रहेने आया हूँ
01:04ओ यारो माफ करना कुछ कहने आया हूँ
01:11कुछ अपने बारे में समझाने आया हूँ
01:16मैं हो पर देसी नजवाँ दिल में रहेने आया हूँ
01:26दिल में रहेने आया हूँ
01:31अपने आया हूँ
01:36मेरे एहले वतन तेरा क्या जहाँ
01:41मेरे एहले वतन तेरा क्या कहना
01:50मेरे एहले वतन तेरा क्या कहना
02:07नसरीन और समन तेरा क्या कहना
02:12खुश पुछ जमन तेरा क्या कहना
02:15मेरे जंग और जमन तेरा क्या कहना
02:18ए देश से आने फाल बता कैसा है मेरा महबूब वतन
02:30क्या अब भी वहाँ खलिहानों में सब नीव के नीचे सोते है
02:46क्या अब भी वहाँ बचपन वाले वो खेल सुहाने होते है
02:53क्या अब भी वहाँ ना जारानी के इससे गादी सुनाती है
03:01क्या अब भी वहाँ पर बच्चों को मालोरी गादी सुनाती है
03:09क्या अब भी वहाँ बैसाखी में सब जूंके भंगडा पांदे है
03:16क्या अब भी वहाँ बारातों में सब ताशे ढोलवा जान दे हैं
03:25क्या अब भी वहाँ के जावों में मिलती है मक्यती रोटी
03:34क्या अब भी वहाँ के मेलों में उड़ती है हसीनों की जोड़ी
03:40तेरे देश की मीती की
03:46वो ही खुश बूलाया हो
03:51ओ यारो माफ करना कुछ कहने आया हो
04:02कुछ अपने बारे में समझाने आया हो
04:07अई वतायू कुरवाण
04:17तु मेरी आन वै वै तु मेरी शान वै वै
04:28तु मेरी जान वै वै तुझ बे कुरवान वै वै
04:33मेरा अर्मान वै वै मेरी पहचान वै वै
04:38मेरा इमान वै वै तुझ बे कुरवान वै वै
04:43क्या अब भी महबत की लहरे उठती है चनाब के पानी से
04:51क्या अब भी सुरूर छलगता है मदबस्त हवा की रवानी से
04:59क्या अब भी वहां पे खाले गुमीर की घजले काई जाती है
05:06क्या अब भी वहां पे मस्तान में महफिले सजाई जाती है
05:13क्या अब भी वहां की इतों में आती है सिवईयों की खुश्वूर
05:21क्या अब भी वहां त्योहारों में लगते हैं वो मेले हर सूरूर
05:29क्या अब भी बहा पर शादी में दूले का सहरा दाते है
05:36क्या अब भी बहा खुश हाली में घर-घर लड़ो बिजवाते है
05:44तू रगा लेगने मुझे को मैं भी तेरा हिसा आया
05:54ओ यारो माप करना कुछ कहने आया हूँ
06:06कुछ अपने बारे में समझाने आया हूँ
06:11परदेस में कुछ अच्छा ना लगे
06:26परदेस में कुछ अच्छा ना लगे
06:40कुछ भी तो यहां सच्चा ना लगे
06:50चाहत का लहां कोई मूल नहीं
06:55दो प्यार बखने कहीं बोल नहीं
07:01अपनोंने मुझे ठुकराया है
07:06घरोंने मुझे अपनाया है
07:11घर की नहीं नीज बुलाती है
07:15अपनों की बहुत यारा दी है
07:21हम देद हु मैं तेरा
07:31मत सोच पर आया हो
07:41मत सोच पर आया हो
07:46ओ यारों माफ करना
07:50कुछ कहने आया हो
07:53कुछ अपने बारे में
07:55समझाने आया हो
07:58मैं हु पर देशी नजवा
08:03दिल में रहने आया हो
08:08दिल में रहने आया हो
08:13दिल में रहने आया हो
08:18हाओ लंग
08:20भीओ को
08:25हाओ
08:29घ्लुत बास
08:30दिल में रहने आया हो
08:34आया हो
08:36वाओ लंग
08:38इसक्तितितितितितितितित
08:41हाओ
08:42आग
08:43वाओ
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