00:00सारे बंगाल में धीरे धीरे धर्शन काड़ियों की बर्चस्तों बर नहीं है
00:22जो मर्जी करने की मोहोल बंगल में पैदा हो चुके है और सबसिसका बुरा असर बंगल की महिला समाज पे और खासका स्थ कॉले योबे चाहे हो सरकारी हो ये गैर सरकारी हो
00:52कि हर जगा महिलाओं की खत्रा बढ़ते जा रहे हैं कि बंगल की जो कानून बेवस्ता कि ये दिन पर दिन कमजोरूते जा रहे हैं और कानून बेवस्ता को चूज दूलूस करने के लिए
01:15बंगल की सरकार की
01:19कोई
01:22ठोस कदम नहीं है
01:25इसलिए
01:28सरकार की लापरो आई
01:31और उसके साथ साथ अननाई कारियों बलत कारियों की ताकत मिलने वाले
01:47जो भैंकर महोल पाइदा हो चुके हैं इसका सिकार हो रही है हमारे घर की बच्ची इससे निदान पाने के लिए
01:59सरकार को करी से करी
02:02कदम उठाना से नहीं बलकि इन अपराधियों को साजा दिलवाने के लिए
02:10सोचना पड़ेगा सरकार ने तो कानून बना दिया एक उपराजीता कानून लेकिन इसका अनुपालों कैसे होते हैं
02:25मुझे पता नहीं क्योंकि बंगाल के उपराधियों को कानून से डर नहीं ऑपरात करते चले जा रहे हैं बलत कर
02:35करते चले जा रहे हैं चाहे आरजी कर हो चाहे कॉस्वा कोलेज हो चाहे आयाम हो जहां भी हो देखिये लगातार इस बलतकारियों की ताकत इसलिए मिल रहे हैं क्योंकि बंगाल में कानून और बेवस्ता बोलके कुछ चीज बचे नहीं
02:52आर समी माता बंगिोज हो जातार आर इसलिन रहे हैं पना बंगल में केसे से यदियों के आरा इसलिए चाहे कि कुछ गूने अर्थी को चीज़ में सेलिए टाइस।
03:11anti-women policy of giving patronage to all the accused involved in crime against women.
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