00:00देखे वन नेशन वन इलक्षन के जो है जो इस्टेडी टूट के लिए हम गये थी विबिन राजियों में पाँच राजियों और एक यूनियन टेरिटेरी तो मेरा कहना है कि महाराष्ट में गये वहां के मुख्यमंत्रेजी, उप मुख्यमंत्रेजी, श्पीकर, डिप्टी�
00:30के मेंबर्स, सबका ये मानना था कि वन नेशन वन इलक्षन होना चाहिए, लेकिन कुछ पॉलिटिकल पार्टीज का उनका एक्सप्शन भी हैं कि उनको ये फियर हैं कि भी नैशनल इस्टेट इस्टेट इस्टेट इस्टेट का जो उन्होंने एपॉइंट रेज किये, तो
01:00और वहाँ पर टीचर्स का अंगेजमेंट वगएरा और सिवल सोसाइटी के लोग भी वहाए थे, सब ने ये का कि वन नेशन वन इलक्षन की बात उनन गई, और उसके बाद में हम चंडिगड गए, चंडिगड में पंजाब गवर्मेंट, पंजाब के उनके कैबिनेट मिन
01:30और सब लोगों का जो है, इनपुट हमें मिले, और उसके बाद में हम हिमाचल पर देश कहें, महां के भी मुख्य मंतरी, महां के स्पीकर वगएरा, सबी लोग आए, और गौर्मेंट भी आई, महां के चीफ सेकरेटी वगएरा, सबी जगा, तो सब का जो है, हम इनपुट �
02:00national interest में बने, इस तरह का विचार है, और आज भी जो है, one nation, one election के लिए, हम भारत के पूरो मुख्य नयदिस, जस्टिस कहर, और भारत के पूरो मुख्य नयदिस, जस्टिस वाइवी चन्दूचूद, ये हमारे सामने committee के सामने interaction के लिए आ रहे हैं, और हमें लगता कि उनसे
02:30हैं, उससे सबसे बड़ा कि mechanism क्या हो सकता है, तो जहां पर भी हमने देखा कि रोजान जो हैं, पूरा देश में एक तरह से perception बन गया है, कि one nation, one election होना चीए, क्योंकि शुरू में चार election जो हैं, 1967 तक साथ हुए, और उसमें लोकसभा और विदान सभा के चुनाव साथ हुआ
03:00हैं, और वैसे भी हम आकर देखे हैं, जब फैडरलिज्म में वगरा की बात करें हैं, तो election commission of India जो हैं, वो section 14 और 15 के तैथ representation of people act जो हैं, उसमें पार्लियमेंट और विदान सभा के चुनाव कराने के लिए, छे मिना पहले जो हैं, वो notification कर सकते हैं, तो चुनाव का जहां तक
03:30basic structure हैं, इन चीज़ों पर जो हैं, अभी दिल्ली में जो आज जो आएंगे भारत के पूर मुकिन आदिस लोग, उनके साथ मनतन होगा, और members जो हैं, अपने सवाल raise करेंगे, चर opposition parties का कितना आपको fierce raise study के लिए हैं, देखिए अभी support और opposition की बात नहीं है, अभी हम सारों से input �
04:00game होती हम चाते हैं कि जो भी विरोध अगर कोई विरोध की बात आती हम वो भी पूछते हैं, जिससे कि हम पता लगे कि उसमें उसको हम consider कर सके, adjudicate कर सके, जब हम सारे साथ मैटे, तो हम दोनों तरह के viewpoint ले रहे हैं, और लेने के बाद में committee जो हैं, सब लोग हम deliberate करेंगे उ
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