00:00गुरु पूर्णीमा के दिन गुरु को दिया गया उपहार केवल एक वस्तू नहीं बलकि ये हमारे सम्मान, श्रद्धा और आभार का ही एक प्रतीक है
00:08इस दन आप अपने गुरु को कुछ जरूरी चीजें दे सकते हैं
00:12गुरु के चरणों में फूलर पित करना एक पारमपरिक और सुन्दर तरीका है अपनी श्रद्धा दिखाने का
00:18आप उन्हें ताजे फल और घर की बनी मिठाईयां भी सच्चे भाव से दे सकते हैं ये शुद्धता का प्रतीक है
00:25अगर आपके गुरु पढ़ने में रुची रखते हैं तो आपको या ध्यात्मिक या ज्यानवर्धक पुस्तक उन्हें उपहार कर सकते हैं
00:32वही आप उन्हें अंगवस्त्र या शौल भी सम्मान स्वरूप दे सकते हैं
00:36खादी का अंगवस्तर उन्हें देना शुब रहेगा वही गुरू को सबसे प्रिये चीज होती है शशिकी सेवा भावना और अनुशासन इस दिन वरत रखकर ध्यान करके या गुरू के कार्यों में उनकी मदद करके आप उन्हें खुश कर सकते हैं अगर आप भावुक रू�
01:06वस्तर सफेद मोती और हल्दी के साथ चनी की डाल उन्हें उपहार स्वरूप भेट कर सकते हैं ध्यान रहे गुरू को दिया गया सबसे बड़ा उपहार होता है उनकी दी हुई सीख को जीवन में अपनाना यदिया वास्तों में उनका सम्मान करते हैं तो उनके बताय गए म
01:36झाल झाल झाल झाल झाल
02:06झाल झाल झाल झाल
02:36झाल झाल
Comments