00:00निश्चय प्रेम प्रतीती ते बिनय करें सनमान
00:13तेही के कारज सकल शुभ सिध्ध करें हनुमान
00:25जै हनुमंत संत हितकारी सुनली जै प्रबुर्ज हमारी जनके काज विलंब न की जै आतुर दोरी महा सुख दी जै
00:35जैसे कूदी सिंधु महिपारा सुरसा बदन पैठी बिस्तारा आगे जाये लंकिनी रोका मारे हुलात गई सुर लोका
00:43जाय विभीशन को सुख दीना सीता निर्खी परम पदलीना बाग उजारी सिंधु महबोरा अतिया तुर जमकातर तोरा
00:53अक्षे कुमार मारी संहारा लूम लपेटी लंक को जारा लाह समान लंक जरी गई जै जै धुनि सुर पुर नब भई
01:02अब बिलंब कही कारण स्वामी कृपा कर हूर अंतरयामी जै जै लखन प्रान के दाता आतुर वै दुख कर हुनी पाता
01:11जै हनुमान जै तिबल सागर सुर समुह समर्थ भटनागर ओम हनु हनु हनु हनुमंत हठी ले बैरी हिमारू बज्र की की ले
01:20ओम होम रीम रीम हनुमंत का पीसा ओम हूम हूम हनु अर्यूर सीसा जै अजनी कुमार बलवन्ता शंकर सुवन बीर हनुमंता बदन कराल काल कुल घालक राम सहाय सदा प्रतिपालक
01:38धूत प्रेट पिसाच नी साचर अगिन बेताल काल मारी मरफी
01:42इन्हे मारू तो ही सब्थ राम की राखु नाथ मरजाद नाम की
01:48सत्ते हो हुरी सब्थ पाई कै राम दूत धरू मारू उठाई कै
01:52जय जय जय हनुमंत अगाधा दुख पावत जन के ही अप राधा
01:56पूजा जब तपने माचारा नहीं जानत कचुदास तुम्हारा
02:01बनूप बनमग गिरिग हमाही तुम्रे बल हो डरपत नाही
02:05जनक सुताहरिदास कहाँ वो ताकी सपथ भिलंब न लावो
02:10जै जै जै धुनी होत अकासा सुमिरत हो यदू सह दुखनासा
02:14चरन पकरी कर जोरी मनाओं यही ओसर अब केही गोहरावन
02:19ठू उठू चलू तो ही राम दुहाई पाएं परों कर जोरी मनाईं
02:23ओम चन चन चन चपल चलंताँ
02:28हांक देत कपी चन चल ओम सम सम सह मिपराने खल दल
02:36अपने जन को थुरत उबारो सुमिरत होय आनंद हमारें
02:41ये बजरंग बान जे ही मारै ताही कहो फिर कवनू बारै
02:46पाठ कर आए बजरंग बान की हनुमत रक्षा करै प्रान की
02:51ये बजरंग बान जो जा पैंताजों भूत प्रेत सब कापैं
02:55धूप देय जो जपैं हमेशा ताके तन नहीं रहे कलेशा
03:00पुर प्रतिति द्रिर सरन हुए
03:02आठ करे धरी ध्यान
03:05बाधा सब हर करें सब काम सफल हनुमान
03:25झाल झाल झाल
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