00:00देवराज सेव्यमान पावनांग्रि पंकजम् व्याल यद्ग सुत्रमिंदु शेखरंक्र पाकरम् नारदादि योगि वृंद वन्दितं दिगंबरम् काशिका पुराधिनाथ काल भैरवं भजे
00:19आनुकोटि भास्वरं भवाब्धितार कंपरं नील कंठ मिप्सितार्थ दायकं त्रिलोचनं ताल कालमं बुजाक्ष मक्ष शूल मक्षरं काशिका पुराधिनाथ काल भैरवं भजे
00:37शूल तंक पाश दंड पानि माधि कारणं श्याम काय माधि देव मक्षरं नामयं तीम विक्रमं प्रभुंवि चित्रतांड भप्रियं काशिका पुराधिनाथ काल भैरवं भजे
00:53पति मुक्ति दायकं प्रशस्त चारु विग्रहं भक्त वत्सलं स्थितन समस्त लोक विग्रहं विनिक्व नन्म नोग्याहेम किंकि नील सत्क तिम काशिका पुराधिनाथ काल भैरवं भजे
01:09धर्म सेतु पालकंत्व दर्म मार्ग नाशकं कर्म पाश मोचकं सुशर्म दायकं विभुं स्वर्ण वर्ण शेष पाश शोबितांग मंडलं काशिका पुराधिनाथ काल भैरवं भजे
01:26रत्न पादु काप्रभाभिराम पाद युगमकं मित्यमद्वितिय मिष्ट दैवतम निरंजनम रत्यो दर्पनाशनं कराल दंश्ट्रमोक्षनं काशिका पुराधिनाथ काल भैरवं भजे
01:42अट्टा हास बिन्न पद्म जांड कोश संत तिंग्रिष्टि पात नष्ट पाप जाल मुग्र शासनं अष्ट सिद्धि दायकं कापाल मालिका धरं काशिका पुराधिनाथ काल भैरवं भजे
01:58पूतसंग नायकं विशाल किर्ति दायकं काशिवास लोक पुन्य पाप शोधकं विभुम् नीति मार्ग गोविदं पुरातनं जगत्पतिं काशिका पुराधिनाथ काल भैरवं भजे
02:14काल भैर वाष्टकं पठंति ये मनोहरं जान मुप्ति साधनं विचत्र पुन्य वर्धनं शोक मोह देन्य लोब कोपताप नाशनं प्रयांति काल भैर वांग्रि सन्नि दिम्न राध्रुवं
02:30इति श्रीमास चंकराचार्य विरचितं काल भैर वाष्टकं संपूर्णम
02:38झाल भैर विरचितं काल भैर वाष्टकं संपूर्णम
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