00:00एक जंगल में एक लोम्री और एक सारस रहते थे. ये दोनों बहुत अच्छे दोस्ट थे. सारस रोजाना लोम्री को तालाब से मचली पकर कर खाने के लिए देता था. इस परकार दोनों की दोस्ती बहुत गहरी होती. चली गई. सारस बहुत सीधा साधा था. लेकिन लोम्री
00:30में बहुत मजा आता था. एक दिन उसने सोचा कि क्यों न एक बार सारस का भी अपमान किया जाए और उसका मजाक उराया जाए. ऐसा सोचकर उसने सारस को दावत पर बुलाया. उसने जान बूझ कर सूप एक प्लेट में परोसा. उसे पता था कि सारस प्लेट में से सूप को न
01:00आया किया, सारस बोला नहीं मित्र, यह तो बहुत स्वादिश्ट है, सारस ने जब देखा कि सूप को प्लेट में परोसा गया है, और लोमरी जान बूज कर उसे सवाल कर रही है, तो वह सब समझ गया, लेकिन कुछ नहीं बोला, उस दिन सारस को अपमान सहने के साथ ही भूख
01:30था और लोमरी के साथ लंबी चौँच वाले अन्य, पक्षियों को भी बुलाया था, सारस ने सूप को सुराही में परोसा, सुराही का मुन्ह इतना चोटा था कि उसमें बस चौँच ही अंदर जा सकती थी, लोमरी पूरा टाइम सुराही और अन्य सभी पक्षियों को सू�
02:00बहुत स्वादिश्ट है। लोमरी काई भी सभी की हां में हां मिलाना पड़ा। यह सब देख लोमरी अपने आप में बहुत अपमानित महसूस कर रही थी। लेकिन कुछ कह नहीं सकी। कहानी से सीख में कभी भी किसी का अपमान नहीं करना चाहिए। हम जैसा दूसरों के सा�
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