00:00उसने सविधान की हत्या की जा रही थी, अपनी मनमाननी कर रही थी
00:04अभिनंदन और स्वागत है
00:08सारे 11 मेंबर ही चले गए जेल में तो बच्चों को कहा चोड़ के जाएं
00:12स्रिमती सुरुमित्रा आरे जी
00:15अपनी मनमाननी कर रही है यह, हमारे को को यह दिखार ही नहीं दे रही है
00:21आपातकाल के समय दिल्ली के रानी बाग में आपका निवास था
00:26आपके पडिवार के 11 लोग आपातकाल के दौरान गिरफतार हुए
00:31इसमें तीन पुरुस और पांच महिलाएं साथी तीन छोटे बच्चे थे
00:37आप सबको जानकर यह अशर्य होगा कि उस आपातकाल के दौरान
00:42स्रिमती सुमिता आर्या जी के साथ वो तीन बच्चे भी जेल में रहे
00:47आपका अभिनंदन और स्वागत है
00:53आपको अंगवस्त्र देकर डॉक्टर अनिर्वान गांगुली जी
00:57मान्ये ग्रिहमंत्री जी आपका सम्मान करेंगे
01:01और साथी संविधान की एक प्रती भी आपको भेट करेंगे
01:05स्रिमती सुमित्रा आर्या जी के सासुर
01:11उस समय माननिये जिला संगहचालक के दाईट उपर थे
01:14और पूरा पड़िवार इमर्जेंसी की यातनाओं में
01:18लंबे समय तक जूजता रहा
01:19आपका बहुत-बहुत अभिनंदन और स्वागत
01:22उस नहीं सविधान की हत्या की जा रही थी
01:25अपनी मनमाननी कर रही थी कि जो मैं कहती हूँ वो सचाही है
01:29चाहे कोई मट जाए पिट जाए जो बच्चा मूह नहीं खोल सकते थे
01:37कि हमारे साथ क्या-क्या जुलम हो रहे हैं
01:39इसने देखा कि आप तो देखन तरसा
01:43कि आप तो मैं जाने वाली हूँ तब इसे रात तो रात ये पैसलता है कर लिया
01:50कि इनको तो छोडने पड़े कि जेले भड़ते जा रहे है
01:54इसके पास तो खाना भी खतम हो रहा था इस टेम
01:57जो में डाल मिलती थी तरी गंदी डाल सबजियां ये राज माता सिंदिया जी ये बैठे हुए है
02:04ये हमारे को लेके गए अपने रूम में कहते रात को बच्चे तुम चुट्टी बच्चों को लेके कैसे आ गए
02:11तो हमने का जी हम मारा को पीछे सबालने वाला सारे 11 ग्यारा मेंबर ही चले गए जेल में तो बच्चों को कहा चोड़ के जाएं
02:18तो इन्होंने हमारी बड़ी वेलकम की जद्किरी और कहते हैं दूज ले जाओ दई ले जाओ बड़ी प्यार दिया तरी
02:25अपने कमरे में लेके गए कहते हैं कोई चीज गिजरात को काश्ट हो तो मेरे को बुलाना
02:33क्या हुआ था जब अचानक से डिप्लेयर होगा सारी चीज़े और आप लोगों को पता भी नहीं चला लोगों को जेल जाना पड़ा तो कैसा
02:45यह हमारे कई दिनों से चल रही थी समझे कि यह सवितान की हत्या की जा रही है अपनी मनमाननी कर रही है यह हमारे को जो अधिकार ही नहीं दे रही है तो मेरे खांस तो अमर्दसिस को लगानी पड़ी कि यह कोई बोल भी न सके हैं
03:06अभिनंदन और स्वागत है आपको अंगवस्त्र देकर डॉक्टर अनिर्वान गांगुली जी मान्ये ग्रिहमंत्री जी आपका संबान करेंगे और साथ ही संविधान की एक प्रती भी आपको भेट करेंगे
03:22स्रिमती सुरुमित्रा आरे जी के ससुर उस समय माननिये जिला संगहचालक के दाईट उपर थे और पूरा पड़िवार इमर्जेंसी की यातनाओं में लंबे समय तक जूचता रहा