00:00झाल झाल
00:30झाल
00:59पहली इंटर कॉंटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल अगनी पांच का सफल परिषन ओडिशा के चांदी पुरिस्थेत इंटीग्रेटिड टेस्ट ट्रेंड्स से किया है।
01:21यह मिसाल MIRV यानि मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टर्मिटेविल री एंट्री वीकल टक्नीक से लहाज है।
01:31यह साथ कई वार हेट्स यानि डिफरेंट टार्गेट्स पर दागी जा सकती है।
01:37अगनी पांच की स्पीड मेक टॉंटिफोर यानि की आवाज की गती से चोबीस कुना जादा है।
01:44यह तीड़ टन तक न्यू किलियर वार हेट्स ले जाने में सक्षम है।
01:49इसमें कैनिस्टर लाँचिक सिस्टम का इस्तिमाल हुआ है।
01:52जिसकी वज़े से इसे आसानी से ट्रांस्पोर्ट और कहीं भी तैनात किया जा सकता है।
01:57इसके अलाबा यह 7500 किलो बजनी बंकर वस्टिड वार हेट्स लाँच कर सकती है।
02:04जो 100 मीटर गहराई तक जाकर दुश्मन की न्यूक्लियर टिकाने, राडार कींद्र, कमांड सेंटर और हत्यार मंडार को नेस्तनबूद कर सकती है।
02:16अगनी 5 का पहला परिक्षण अप्रेल 2012 में हुआ था।
02:20इसके बाद कई चर्णों में इसके ट्राइल किये गए।
02:24नए परिक्षण ने ये साबित कर दिया है कि भारत अब रणनीतिक शमता से लैस देशों में मजबूती से शामिल हो गया है।
02:32M.I.R.V टेक्नोलोजी पहले केवल अमेरिका, रूस और चीन के पास थी।
02:38लेकिन अब भारत इसमें कदम रख चुका है, वो भी पूरी सफलता के साथ, पूरी डेडिकेशन के साथ।
02:47भारत के लिए मिसाइल इसलिए भी एहम है क्योंकि पाकिस्तान और चीन अपनी सीमाओं पर भूमिकत बंकर और सुरक्षित हथियार ठिकाने बना रहे हैं।
02:57अगनी 5 उन पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में भी मारक्षमता रखती है जो छिपे हुए होते हैं जिन्हें आसानी से तलाश नहीं किया जा सकता।
03:09बदलते भूराजनितिक परिद्रश जैसे भारत पाकिस्तान तराओ या मद्दे पूर्व संगर्शों के मद्दे नजर ये मिसाइल भारत की सामरिक तागत को नई उचाईों तक पहुँचाती है।
03:22Asianet News, Hindi
03:39Asianet News, Hindi
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