00:00जंगल में एक बार एक भेलिया अपना शिकार खा रहा था, तभी एक हडी का तुकरा उसके गले में अटक गया, जिससे उसे गले में दर्द होने लगा, भेलिया दर्द से छट पताने लगा, उसे सांस लेने में भी कथिनाई होने लगी, काईयों से उसने सहायता मांगी और �
00:30कहा, तुम करवत लेकर अपना मुह खोलकर लेट जाओ, भेलिया अपना मुह खोलकर लेट गया।
00:56चाहता तो तभी तुम्हें चट कर जाता क्या तुम्हारा जीवित रहना किसी पुरिस्कार से कम है शिक्षा भले के साथ ही भलाई करनी चाहिए
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