00:00जाहां बहे कोमल अरमान की स्वर्निम्धारा
00:13कौन सा अश्वदी खाओ जिसकी शान हो न्यारा
00:17तुबई उभरे एक तारा अंबर में जग मगाए
00:22बदलों सी हूं चाई पाए सपनों को पंख लग जाए
00:30गगगन चूंडी मारतों ने आंगन सजाया भारी
00:41हमदान के हाथों ने सींची धरती सारी
00:46चाई दिल में उसी के प्रेम खोडों का
00:58चांद नीसा प्रचन निशा में कोमर प्रभात
01:03उजी आले का अंगलन
01:06जब रेगिस्तान सुनहरी हो उमंग से बहे वीरता
01:13अश्वजूम कर बोले गौरव महिमा की राह सीरता
01:17निश्चल धावन में कोई ताग न रहे जहां
01:22तलवार सिगूंजे शौर अश्वथाप पर नया जहां
01:27जब जब जबन चुंगी इमारतों ने आंगन सजाया भारी
01:41हमदान के हाथों ने सीम चिय धरती सारी
01:46चाग दिल में उसके प्रेम घोडों का
01:49चांद नी साब बचन निशा में कोमर प्रभात
01:54उजियाले का अंगलन
01:57जब रेकिस्तान सुनहरी हो उमंग से पहवीरता
02:04अश्वजूम कर पोले गौरव महिमा की राह सीरता
02:09निश्चल थावन में कोई दाग न रहे जहां
02:13कलवार सिगूंजे शौर अश्वथाप पर नया जहां
02:24जब दुबरी संस्क्रति का संकम दवाचान की पुगार
02:31हम ठान के तेरे ना में खिलता विश्वास तहरी वार
02:36आप कदम जब उसके पड़े आशा से धरी धरा
02:41जन जन खिले रिदियों में विश्वास मलभार तखता पर
02:46नावली अश्वों की चंधनी पवित्रता तेरी मूरत
02:59कला और आविश्कार में बसी उठकर सकी सजिल सूरत
03:04दस तो ने सवेरा इस वादियों को अभय की चाया बनती
03:08शैली जोती संगम में प्रकाश चाया की गूंजन हसी
03:13पेकिस्तान गाए अधूर अश्व की थाप परपराद
03:20शायगी कोई लहरों में शाही कर्व का आदर
03:24यही दुबई यही अश्वो का संगम सत्य की दलवार
03:36हमदान की धडकन में दमके उजियारा असिम विचार
03:43झाली जचिते वाल अश्वार अश्वार
03:50झाली आदरेख झाली विचिते ऎट लांग गविच्ट
03:57झाली विदो फिसे झाली दलवा गाए भी
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