कालसर्प दोष क्या होता है?
जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तो इसे कालसर्प दोष कहा जाता है। यह दोष जीवन में बाधाएं, असफलता, मानसिक तनाव, विवाह में देरी और आर्थिक परेशानी उत्पन्न कर सकता है। कालसर्प दोष पूजा के लिए अमावस्या, सप्तमी, नाग पंचमी, कालाष्टमी, श्रावण मास, और गुरुपुष्य योग जैसे विशेष दिन श्रेष्ठ माने जाते हैं। उज्जैन कालसर्प दोष पूजा(https://atulastrology.com/kaal-sarp-dosh-puja-booking-in-ujjain/) के लिए सबसे श्रेष्ठ स्थान माना जाता है। यहाँ महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की उपस्थिति, पवित्र शिप्रा नदी, और अनुभवी पंडितों के द्वारा शास्त्रोक्त विधि से पूजा कराना विशेष फलदायी होता है। उज्जैन में कई प्रतिष्ठित पंडित कालसर्प दोष पूजा कराते हैं। इनमें पंडित अतुल अग्निहोत्री जी, पंडित मनोज त्रिपाठी जी, आदि अनुभवी और योग्य पंडित माने जाते हैं, जो संपूर्ण वेद-शास्त्र अनुसार पूजा संपन्न कराते हैं।
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