00:00शास्त्रों में निर्जला एकादशी व्रत का खास महत्यू बताये गया है कहते हैं कि जो कोई इस एकादशी का व्रत करता है उसे साल में आने वाली सब एकादशी व्रतों का फल एक ही दिन में मिल जाता है
00:15इस साल निर्जला एकादशी व्रत 6 जून को रखा जाएगा इस दिन निर्जल यानि बिना पानी पीए व्रत रहकर भगवान विश्नों की आरादना करनी चाहिए
00:24मानिता है कि इस व्रत से दीर घायू और पूरे साल की एकादशी के व्रत का फल मिलता है
00:31कहते हैं इस पवित्र व्रत को सही विधी से करने के लिए संपूर्ण पूजन सामगरी का होना बेहत जरूरी है
00:38यदि आप ये व्रत श्रद्धा और विधी पूर्वक करना चाहते हैं
00:42तो आईए सविड़ में आपको बताते हैं कि नर्जला एकादशी की पूजा में किन चीजों की आपको जरूरत पड़ेगी
00:48नर्जला एकादशी पूजा सामगरी की पूरी सूची
00:52इस दिन कलश तांबे या मिट्टी के पात्र का जल भढ़ने के लिए गंगाजल शुद्धिकरन के लिए पंचामरत दूद दही शहद घी और गंगाजल से तयार
01:01तुलसी के पत्ते विश्णुजी की पूजा में सबसे जरूरी पीला वस्त्र भगवान विश्णु के लिए पीला फूल गेंदे या कनेर का धूप दीप कपूर और अगरबत्ती सुपारी अक्षत रोली हल्दी और कुमकुम चंदन और भस्म फल एवं सुखे मेवे भोग
01:31ध्यान रहे इस दिन अन जूता चतरी पंखा जल वस्त्र आसन और फल आधी का दान कर सकते हैं कहते इस दिन जल कलश का दान करने से भी वर्ष भर की सभी एकादशियों का फल एक साथ मिलता है ये एकादशी मनुष्य को उसके सभी पापों से निजात दिलाती है ध्यान रह
02:01नबूले
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