00:00इस सबसे पहले तो मैं कहूंगो के बढ़ाई के पातर है हमारी सारी की सारी IMD की टीम इंडियन मेटलोजी डिपार्टमेंट की इस उपलब्धी के लिए और एक ऐसे समय में जब भारत पांचमें दर्जे से चौते दर्जे पर अर्थव्यासता के आने का सेलिबरेशन कर रहा
00:30जी की प्रेड़ना से क्योंकि उन्होंने ही मिशन मौसम की कल्पना की थी और उनी के द्वारा घोशित भी की गई थी आज भारत एफस अर्थात भारत फोरकास सिस्टम जो पूरी तरह इंडिजिनस है जो पूरी तरह यहीं पर विक्सित किया गया और जिसको विक्सित करने
01:00महिलाओं ने आगे बढ़कर के लीड लेना शुरू किया है द्रूमन लेड प्रोजेक्स है मारे चाहे अंतरिक्ष में हैं चाहे बाय टेक्नोलोजी में उसका द्रिश आज आज आपको मौसम विभाग में भी देखने को मिल रहा है और दूसरी बात जब मैंने यह कहा कि भा
01:30में पचास हजार क्रोड रोपे से अधिक भारत की अर्थ विवस्था में बड़ोतरी हुई है आई एमडी की सेवाओं की वज़े से कहीं कहीं पर बाई प्रिवेंटिंग पोटेंशल लॉसिस जो कहीं अकस्वाद बारिश के होने से तूफान आने से साइक्लोन आने से थं�
02:00खेती का परानब किया जाए किस तरह का वीज किस मौसम में लगाया जाए हार्वेस्टिंग की टाइमिंग कैसे हो और आगे चल करके इसमें और भी विर्दी होगी ऐसा हमारा विश्वास है क्योंके गत दस वर्षों में प्रधान मंत्री जी ने जो व्यक्ति गत इसमें र�
02:30इसमें सेशन की और से प्रात्विक्ता ना मिले और आप इससे यसी वाद से अनुआ लगा सकते हैं कि सन दोजार चौदा पंद्रा में जब यह सरकार आई है तो अर्थ साइंसिस मंत्राले की का कुल बजट मतर चार सो पांच सो क्रोड हुआ करता था आज वो बढ़कर के ल
03:00दार मोदी जी ने एहसास भी कराया है आम नागरिक को कि कितना हमारा स्टेक है इस शेतर के साथ और इसलिए जब हम बात करते हैं सन दोहजार सेंटालीज की तो अब वो समय आ गया क्योंगे गए गया क्योंगे गन दस वर्शों में अगर आप तुलनात्वंग नंग से दे�
03:30यह नहीं होगा कि हमने मेटरलाजीकल केपिलिटीज को किस हद तक विक्सित किया या उसमें किस हद तक सुप्रमेसी हासिल की बलके हमारा लक्ष यह रहेगा किस हद तक हमने भारत की अर्थविवस्ता को अवल दरजे में लाने में आई-एमडी का भूमी का निभाने में स�
04:00हम तो क्या है कि अब हमारा जो फॉरकास्टिंग सिस्टम है वो स्टेट अफ टी आर्ट होता जा रहा है कहीं कहीं जहां हमें अभी क्योंके अभी आइस्ट इ-प्रॉसस ऑफ Eự हमारे कुछ एक शहर है जहां हमारा मॉनसून फॉरकास्ट का सिस्टम बहुत ही उंदा मैंच �
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