00:00नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है हमारे यूट्यूब चैनल पर जहां हम लाते हैं आपके लिए वो कहानियां जो सिर्फ सुनी नहीं जाती महसूस भी की जाती हैं
00:14कहानियां जो आपके दिल को छू जाएं आंकों में नमी और होंटों पर मुस्कांग छोड़ जाएं
00:20आज के कहानी भी कुछ ऐसी ही है एक ऐसी लड़की की जिससे दुनिया ने मनहूस कहा लेकिन उसने अपने हुनर अपने प्यार और अपनी मुस्कांग से सब को चवका दिया
00:32तो चलिए शुरू करते हैं एक ऐसी सची सादगी भरी लेकिन दिल को छू लेने वरिदास्तान काला रंग सुनहरा मन एक मनहूस लड़की की सुनहरी कहानी
00:44लेकिन दोस्तो इससे पहले कि हम शुरू करने कहानी अगर आपने अभी तक हमारे चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है
00:52तो जल से जल सब्सक्राइब करें और बेल आइकन दबाएं ताकि हमारी हर नई वीडियो की नोटिफिकेशन आपको मिस्टिए
01:00कभी कभी हमें इनसान को उसके रंग, रूप या शकल से आपते हैं
01:13पर क्या किसी का काला रंग, मोटा शरील या निकले दांत, उसकी आत्मा, उसकी मासूमियत या उसके हुनर से स्यादा मायने रखता है
01:24आज की कहानी एक ऐसी लड़की की है जिसे दुनिया ने ठुक राया
01:30मगर जिसने प्यार, हुनर और समर्पन से एक ऐसी मिसाल कायम की जो हर दिल को छू जाएगे
01:38उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाउं में रहती थी श्यामा, 28 साल की सावली, मोटी
01:46और देखने में बिलकुल आम, चेहरे पर मासूमियत, दिल में प्रेम और जुबान पर हमेशा मुस्कान
01:55चट पटा मसाला, गरम गरम पूरिया, बाके लिए स्पेशल बनाओं आज पूरिया
02:04बाके लिए स्पेशल बनाओं आज पूरिया
02:08अरे शामा, रोस की तरह फिर गाना शुरू कर दिया है, अरे थ्यान देखने पे, नेबर्स कहेंगे, ये बेसुजी बिटिया है
02:25अम्मा, बेसुरा खाना तो नहीं मनाओंगी न, बस वही काफी है
02:33दोस्तों, शामा को खाना बनाने का शौक था, ने ने ने जुनून था
02:39टीवी से पाककला देखती, रेडियो सुनती, किताबें पढ़ती, पर पढ़ाई में थी एक ताम कमजोर
02:48कई बार फेल भी हुई, फिर भी कभी शिकायत नहीं की, आज फिर से शामा को देखने कुछ लोगों ने आना था
02:58घर में अल चलती, पर शामा हमेशा की तरह मुस्कुरा रही थी
03:03अरे जल्दी तयार हो जाओ शामा, देख इस बार तो ठीव से मुस्कुरा ना बेठा
03:09दोस्तों लड़के वाले आये, खाना खाया, तारीफ की, और जाते जाते वही पुरानी बात
03:31लड़की पसंद नहीं आई, बिना कुछ कहे शामा बाहर चली गई, बस ऐसे ही
03:38अरे शामा, तु कहां जा रही है अके लिए, बस यो ही, सुच रही थी, कहीं दूर चले जाओ
03:49जहां कोई भी मेरे रूप से नहीं, मुझे मेरे काम से बैजाने, तुझे पता है ना, इस महीने शेफ कॉम्पिटिशन है शहर में
04:03ये शामा, तु हिससे क्यों नहीं लेती हैं?
04:09मैं, जिसे ठीक से पढ़ना नहीं आता, जो रेसिपी के नाम भी भूल जाती है, तो रेसिपी नहीं दिल से खाना बनाती है, और दिल से बने खाने का स्वात कोई नहीं भूलता
04:25दोस्तों, वो पहली बार था जब शामा ने खुद भरूसा किया
04:33शामा ने दिन रात महनत की, मसाले पी से चूले पे उंगली जलाई पर नहीं रुकी
04:40क्योंकि उसे विश्वास था कि इस बार कोई उसे मन्हूस नहीं कहेगा
04:46नेशनल शेफ प्रतियोगिता का मंच सजा था, कैमरे चालू थे, हर कोई बेस दिखने की कोशिश में था
04:57पर शामा बस खुद जैसी थी
05:01आपका नाम जी शामा मतलब जो अंधिर में भी उचाना देख सके
05:13जब शामा ने अपनी खास डिश बनाई, तो हर एक जज ने सिर चोका कर कहा
05:22वाह
05:23Miss Shama, would you like to join our five star property as master chef?
05:30Sir, मैं, Sir, यह सर्फ टोकर नहीं, यह, यह मेरे वुचूद की पहचान है, Sir, thank you
05:45शामा अपने हाथ में certificate और चेक लेकर आई, पर घर में फिर वही तानाव, वही ताने
05:54अम्मा, मेरी अम्मा, आज बहुँच स्पेशल दिन है, पहले कुछ खाने को दो, तो फिर कुछ स्पेशल दिखाऊंगी, खा खा के तुझे यही मिला, तो सच मुछ बन हूँ से, अच्चा होता, भगवान तुझे उठा ले था,
06:15इस बार शामा हसी नहीं, बस चुपचाप चली गए, अपने कमरे में, शामा की मा ने दर्वाजा तोड़ा और देखा, वो जूल रही थी, और पास में रखा था एक पत्र, सर्टिफिकेट और एक लाह का चेक,
06:40मा, आज तुमने कहा, मर जा, मैंने कहा, ठीक है, आखरी बार भी तुमारा कहना मा नहीं लो, पर एक बात कहुँ मा, आज सबने कहा, देखो, ये है भाग के शर्ट लड़की,
07:10काश, तुमने एक पार मेरी आँखों में चांक कर दिखा, उतमा, सिर्फिक पार,
07:22फ्रेंड्स, शामाब हमारे बीच नहीं है, पर उसकी कहानी हम सब के दिल में है, उसमें साबित कर दिया, हुनर, प्यार और आत्मा का रंग सबसे उज्वल होता है,
07:34शामा चली गई, लेकिन उसकी रेसिपी, उसकी मुसकान, और उसकी सीक, आज भी हमारे साथ है,
07:46किसी को उसके रंग, उसकी शक्ल, या कमजोरियों से मतांखो,
07:53क्योंकि हर शामा के अंदर एक सुनहरा उजाला होता है, बस जरूरत है एक मौके की, एक भरोसे की,
08:02और इस तरहे, जिस लड़की को सारी दुनिया ने मनहूस कहा, वो एग दिन सब की नजरों का ताज बन गए,
08:11कभी किसी ने उसका रंग देखा, कभी किसी ने उसकी शक्ल, पर किसी ने उसका दिल नहीं देखा,
08:20वो दिल, जिसमें सिर्फ प्यार था, उम्मीद थी, और सबसे ज्यादा, एक मा के लिए, बेशुमार अपना पन,
08:34शाबा हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसकी कहानी रह गई है, एक मिसाल बन कर,
08:42क्योंकि रंग, शक्ल और पढ़ाई के नमबर नहीं, किसी इनसान की पहचान, उसका अपना होनर और उसकी मुस्कुराहत होती है,
08:54तो दोस्तों, अगर कभी जिन्दगी में, किसी को देखकर आप उसकी कमी ढूनने लगें,
09:04तो एक पर रुक कर सोचिएगा, कहीं आप उस इनसान के सबसे खुबसुरत पहलू को तो नजर अंदास नहीं कर रहे,
09:13तो मिलते हैं अगली कहानी में, और तब तक याद रखिये, हर इनसान के एक कहानी होती है,
09:19और हर कहानी में छुपा होता है एक सबक,
09:22तो दोस्तों, ये थी कहानी काला रंग, सुनहरा मन,
09:26इसी तरह हम आपके लिए और भी दिल्चस्प कहानिया लेकर आएंगे,
09:30तब तक के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें,
09:33और बेल आइकन दबाएं,
09:34ताकि आप हमारी कोई भी कहानी मिस ना करें,
09:38और अब आपसे विदा लेता हूं,
09:40और देखते हैं ये कहानियां जिन्दगी से,
09:43धन्यवाद और जैहित!
Comments