00:00भारत के सोतंतरता संग्राम के चिपे सितारे
00:06शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस में ले
00:19वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशान होगा
00:24यही जजबा था उस शहीद सुखदेव का
00:28जिन्होंने देश के लिए हस्ते हस्ते अपनी जान कुर्बान कर दी
00:33भगत सिंग और राजगरू का नाम तब तक पुरा नहीं होता
00:37जब तक उनके साथ सुखदेव का नाम ना लिया जाए
00:42नमस्कार दोस्तों हमारे यूट्यूब चैनल पर आपका स्वागत है
00:50और आज हम चर्चा करेंगे एक ऐसे महान करांतिकारी की
00:54जिन्होंने अपने कम उम्र में ही देश की आजादी के लिए अपने परानों का बलिदान दे दिया
01:00उनका नाम सुनते ही हर भारतिय का सिर्फ गर्व से उंचा हो जाता है
01:05शहीत सुखदेव
01:07सुखदेव ने भगल सिंग और राजगुरु जैसे वीरों के साथ मिलकर
01:13उस सपने को साकार करने के ठानी थी
01:15जिसमें भारत को स्वतंतता के खुली खावा में सांस लेते देखना था
01:21सुखदेव का जन्म 15 मई 1907 को पंजाब के लुध्याना जिले के नौभरा इलाके में हुआ
01:41उनका पूरा नाम था सुखदेव थापर लेकिन लोग उन्हें प्यार से सिर्फ सुखदेव कहकर बुलाते थे
01:48उनके पिता का नाम रामलाल और माता का नाम रल्ली देवी था
01:53दुर्भा के वश सुखदेव के जन्म के तीन महीने बाद ही उनके पिता का निधन हो गया
01:59इसके बाद उनके ताउ लाला अचिंतराम और ताई ने उनके लालन पालन में उनकी मां का पूरा साथ दिया
02:06Bajpana Time
02:36और उनसे प्रेरित होते
02:38उन्ही कहानियों ने उनके मन में देश भक्ती का पीज बोया
02:43बच्पन से ही उन्होंने ठान लिया था
02:46कि बड़े होकर वे एक वीर, साहसी और सच्चे देश भक्त बनेंगे
02:52ये देश भक्ती की भावना ही थी
02:55जिसने उन्हें भारत की आजादी के लिए अपना सब कुछ नौचावर करने का जज़बा दिया
03:02अपने बच्पन में ही सुखदेव ने ब्रिटिश सरकार के कूर अत्याचारों को अपने आँखों से दिखा था
03:12इन अत्याचारों ने उनके मन में आजादी की आज जिला दी
03:17और उन्हें क्रामतिकारियों के साथ जुड़ने के लिए प्रिट किया
03:21तब ही उन्होंने ठान लिया था
03:24कि वे अपने देश को ब्रिटिश हुकूमत के बंधों से मुक्त कराएंगे
03:29मां जब मैं बड़ा हो जाऊंगा तो अपना देश अजाद कराऊगा
03:36हाँ बेता जुग जुग जीओ
03:39सुगदेव की शिक्षा नेशनल कॉलिज अफ आर्ट्स नेशनल कॉलिज लाहोर में हुई
03:46पिता के निधन के बाद उन्होंने अपने चाचा श्री अचिंदा राम के साथ लायलपुर में रहना शुरू कर गिया
03:53श्री थापर नागरिक समाज की एक प्रमुक सदस्य और स्वतंतृता सिनानी थे
04:00जो आर्ट्स समाज से भी चुड़े थे
04:02उनके नेत्रित्व और मात दरशन में सुखदेव का व्यक्तित्व और आदर्श विक्सित हुए
04:09श्री थापर ने सुखदेव को नकेवल शिक्षा दी
04:12बलके उन्हें सोतंतृता संग्राम और समाज सेवा के महत्वस्य भी परिचित कराया
04:18अपने चाचा के सानित्य में सुखदेव ने नकेवल अकाद्मिक सभलता प्राप्त की
04:24बलके देश भक्ति और समाज सेवा के दुन भी सीखे
04:28सुखदेव की शिक्षा और उनके चाचा के मारदरशन ने उनके जीवन में मात्वपोन भूमी का निभाई
04:35जिससे वे एक महान स्वतंद्रता सेना नी बने
04:39वारो नसी में अपनी पढ़ाई के दौरान सुखदेव ने संस्क्रित और अन्ने हिंदु धर्मिक ग्रंतों का अध्यान किया
04:48इसे दौरान उनका संपर्क युवा क्रामतिकारियों से हुआ
04:53हमें अंग्रेजों के खिलाफ एक जुट होना होगा
04:57बिल्कुल अगर हमें आजादी चाहिए
05:01तो क्रामतिका रास्ता अपना नम होगा
05:041921 में सुखदेव ने नेशनल कॉलिज लाहोर में प्रवेश लिया
05:11जहां उनके मुलाकात भगत सिंग और भगवती चरन वहरा से हुई
05:16ये वो समय था जब क्रामतिकी चिंगारी ने ज्वारा का रूप लिना शुरू किया
05:23सुखदेव हमें हर युवा को क्रामति से जोड़ना होगा
05:28हाँ भगत ये देश हमें पुकार रहा है
05:32हमें इसके लिए अपना सब कुछ नियचावर करना होगा
05:36सुखदेव ने किशुरा वस्था में ही हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपबलिकन असोसियेशन से जुड़कर
05:46क्रामतिकारी आंदोलन की शुरुआत की
05:48वो शहीद भगत सिंग और चंदर शेकर आजाद के करीबी से योगी रहे
05:54सुखदेव ने ना सिर्फ पंजाब में बलकि पूरे उत्तर भारत में संगठन का विस्तार करने
06:01और क्रामतिकारी गतेविदियों को मस्बूत बनाने में एहम भुमिका निभाई
06:05उनके प्रयासों ने आजादी की लडाई को एक नई तिशा दी
06:10फर्ष 1926 में नौजवान भारत सभा की स्थापना हुई
06:17जिसमें सुखदेव, भगत सिंग, भगवती चरम और जैचंद विद्यालंकार मुख्य संयोजक थे
06:24असेयोग आंदोलन की वफलता के बाद इस सभाने जिवाओं को प्रेरित किया
06:30और आजादी के आंदोलन की नई उम्मीद बन कर उपरे
06:35अमरिस सर को इस सभा का केंदर बनाए गया
06:39जहां से देश भर के जिवाओं को जागरूक और संगठ हित करने का काम हुआ
06:44हमारे देश को आजादी चाहिए और इसके लिए हर युवा को तयार होना होगा
06:50आजादी का रास्ता आसान नहीं लेकिन ये हमारे लिए अनिवार रहे
06:5630 अक्तूबर 1928 को ब्रिटिश हुकमत द्वारा जबरन साइमन कमिशन को लागू करने पर
07:05जब लोगों ने इसका कड़ा विरोध किया तब लाला लाजपतराई ने साइमन वापस जाओ कर नारा देते हुए इसका विरोध किया
07:13लेकिन इस विरोध के चलते वहां ब्रिटिश सरकार द्वारा लाटी चार्ज कर दिया गया
07:21which was like fair
07:24The workers and the more they did
07:27they put them in it
07:30We'll never do anything
07:35We'll never do anything
07:42We'll do something
07:43British Samanaji
07:44some rip
07:46Bhagat Singh
07:47And Bhatakeshwar Dutt
07:49JT ko Asimlilie Bumkanne bhrafetar kar inpa mokadma chalaya gya
07:55Why don't we know that
07:56Bhagat Singh Singh or Sukhdeev
07:58Raj Guru bless, Karnal JP Sanders ke hatiya ki thii
08:02Onohne Sanders ko polis adhkari s ngaj kar gholi mari thi
08:07Kiunha usne lathi charge ka adhj diyat tha
08:10Jis mein laala lajpatrhae ki maut hogay thi
08:13Is mamlie ko todaara adalt mein kula gya
08:16and 3 people of Kranthikari on the road
08:19Sanders's hand came out of the blood
08:22The Jailon in the city has no to be able to Kranthikari
08:25and get rid of the Kranthikari team
08:28but also to keep the Kranthikari's hand in the city
08:32and then the Kranthikari's hand in the city
08:37Why do we know Kranthikari's hand in the city
08:42Why do we know Kranthikari's hand in the city of Kranthikari?
08:46That's why Bhagat Singh Singh and Sukhdev has been involved in the war and the war,
08:52such as the war, and the war and the war.
08:59The war against Sukhdev and Sukhdev have been involved in the war,
09:06and they've been MARGARATIOMY,
09:08as well as the war,
09:11the war and the war.
09:13Onkis kabat aur dhrad sa ngkalp nne Puree dèš ko jhak chhoor diya
09:17Aur loog in kranti kariyong ke samarthan meek jut ho gaye
09:2223 March 1931 ka dinn ithahas mein amar ho gaya
09:27Jab Sukhdev, Bhagat singh aur Rajguru ko phansi di gai
09:31Unki shahadat nne Puree dèš ko hila diya
09:35Aur azadhi ke liye loogon ke jazbhe ko aur mzboot kar diya
09:39ये तीनों क्रांतिकारी देश भक्ति का ऐसा उदाहरण मन गए जो हमेशा दिलों में जिन्दा रहेंगे
09:45हमारा बलिदान प्यर्थ नहीं जाएगा
09:49जेए
09:50शहीद सुकदेव का जीवन हमें सिखाता है
09:56कि सच्ची देश भक्ति, उम्र या हालात की मुहताज नहीं होती
10:09अर्च को शहीद दिवस के रूप में हम उनके बलिदान को शद्धांजरी देते हैं
10:14आएए उनके सपनों का भारत बनाने का प्रण लें
10:19जै हिल
10:21तो दोस्तों ये ती कहानी हमारे महान क्रांति के नायक अमर शहीद सुकदेव की
10:29उनकी बहादुरी, बलिदान और मात्र भूमी के प्रदी उनकी अटूट निश्ठा ने उनने भारतिय सवतंत्यता संगराम के इद्यास में अमर बना दिया
10:39Unki khani humm yad dilati hat ki swatantr edha payne k liye
10:43Kitnye yuvaun ne apne pranoh ki ahuti dihi
10:47Sakhidevë jaisi vyruu ki wajah sehy
10:49Aaj hum ek swatantr bharat mein sans le li rehe hai
10:53Dostou aisi khaniha na kiwal sunne
10:56Or sunna ne like hoti hai
10:58Bulkye inne dill mein bhasana bhi zharuri hai
11:00Agar aapko ye khaniけれ nadeak lagi ho
11:03То isse like karein
11:05Apanye doustou pariwad ke saad share karein
11:07and don't forget to subscribe to our channel and don't forget to miss a very quickly
11:14with a new story with a new story with a new story
11:18until the end of this video,
11:20Jai Bhairat, Jai Hind!
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