00:00अल्ला मैं तुझ से तेरे फजल और रहमत का सवाल करता हूँ
00:07क्यों अब तेरे घर में था, मस्जद तेरा घर है, बाजार शेतान का घर है, गलिया शेतान का घर है
00:14अब मुझे तेरा फजल और रहमत चाहिए
00:16अगर मैं हाथसों, बीमारियों, फकर, गुर्बत, किसी जादोगर के जादो, किसी दुश्मन के वार, अगर बश सकूँगा तो तेरा रहमत तेरा रहम और तेरा फजल है, इसके लावा ना कोई रास्ता है, ना कोई मन्जल है, ना कोई तर्तीब है
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