00:00दो दोस्तों ने एक गाउ से दूसरे गाउ जाने का फैसला किया
00:08गने जंगल से होकर गुजरता था
00:15चलते चलते एक दोस्त ने कहा
00:18हम बहुत अच्छे दोस्त हैं
00:20तो अगर कोई खत्रा आए
00:22तो हम एक दूसरे की मदद करेंगे
00:24है ना
00:25उसने जवाब दिया
00:28बिल्कुल सच्ची दोस्ती यानि मुसीबत में एक दूसरे का साथ देना
00:33उस देर बाद उन्होंने अचानक एक बड़ा भालू अपनी और आते देखा
00:38भालू को देखकर वे डर गए
00:41प्रेला दोस्त तुरंत एक पेड़ पर चड़ गया
00:47क्योंकि वह चड़ना जानता था
00:50उसने अपने दोस्त के बारे में नहीं सोचा
00:53जो पेड़ नहीं चड़ सकता था
00:55तो दोस्त को लगा कि वह भाग नहीं सकता
00:57अपनी जान बचाने के लिए उसने जल्दी से एक तरकीब सोची
01:03इन पर लेट गया और मरने का नाटक करते हुए सांस रोक ले
01:09के पास आया और उसके शरीर को सुंगा
01:13अलू मरे जानवर नहीं खाते तो उसने सोचा आदमी मर चुका है और चला गया
01:19के जाने के बाद पेड़ पर चड़ा दोस्त नीचे उतरा और पूछा
01:32यार भालू तुम्हारे कान में क्या फुस्फुसा रहा था
01:36जमीन पर लेटा दोस्त उटकर बोला
01:39भालू ने कहा कि सच्चा दोस्त वही है जो मुसीबत में साथ खड़ा रहे
01:44जो दोस्त खुद को बचाने के लिए छोड़ जाए वह कभी सच्चा मित्र नहीं होता
01:50तोस्त को शर्म आई और उसे अपनी गलती का एहसास हुआ
01:58कसार सच्ची मित्रता की परक मुश्किल वक्त में होती है
02:05अच्छे वक्त में साथ हो वह असली दोस्त नहीं होता
02:11जोस्त नहीं होता है
02:13च्छे जोस्त में के लिए वहाँ हुआ के लिए नहीं होता है
02:17अच्छे मेंगा हाँ