00:00स्वाभिमान जब भी स्वाभिमान की बात होती है तो राजस्थान की वीरांगनाओं का नाम गर्व से लिया जाता है।
00:05उनके लिए स्वाभिमान एक ऐसा आभूशन था जिसे उन्होंने मृत्यू के बाद भी नहीं उता रहा।
00:10राजस्थान की वीरांगनाओं का स्वाभिमान आत्मसम्मान प्राणों से भी अधिक प्रिय था।
00:14जोहर राजस्थान की वीरांगनाओं की वीर्ता बलिदान और त्याकी अनमोल गाथा है।
00:18मृत्यू के अनेक रूप होते हैं जिनमें से आग में जलना सबसे भयानक माना जाता है।
00:22परंतु राजस्थान की वीरांगनाओं ने सदैव जोहर के माध्यम से अपना देह त्यागने में गौरव महसूस किया।
00:28इसके पीछे एक बड़ा कारण था। मुगल सेना अपनी क्रूरता की हदें पार कर चुकी थी।
00:32वे हिंदू महिलाओं की मर्यादा भंग करते और उनके मृत शरीरों का भी अपमान करते थे।
00:36यह अत्याचार वीरांगनाओं के लिए असहनीय था।
00:39वे कतई नहीं चाहती थी कि उनके मृत शरीरों को भी कोई मुगल चुए।
00:43इसलिए उन्होंने जौहर की अगने में जल कर अपनी मर्यादा को बचाने का निर्णाय लिया।
00:47वीरांगनाओं का साहस हमें सिखाता है कि मृत्यू से भी बड़ा आत्मसम्मान होता है।
00:52आईए हम उन वीरांगनाओं को श्रद्धान जली अरपित करते हैं जिन्होंने अपनी मर्यादा के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया।
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