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  • 2 years ago
जो कोई काम हमसे होता है वह हम हमारी शक्ति से करते है या कोई दूसरी शक्ति हमसे करवाती है? अध्यात्मिक दृष्टि से वर्तमान जीवन में हमसे होने वाले कार्यों में हमारी शक्ति कितनी है?
Transcript
00:00जो काम हम करते हैं, क्या हम खुद करते हैं यह कोई सक्ति करवाती है?
00:06आप जितनी भी इच्छा करते हैं सब हो पाता हैं?
00:21नहीं
00:22सुबह साड़े तीन बज़े उठके पहुँचना है एर्पोर्ट पे तो साड़े तीन बज़े उठने के लिए एलाम रखना पड़ता है कभी।
00:29तो फिर आपकी शक्ति नहीं, तो फिर डस में से एक बार भी हमारी शक्ति के अनुसार नहीं हो पाता है,
00:36तो नव में भी हमारी शक्ति नहीं थी, हम एडजेस करते हैं कि मैंने यह किया, इतने बज़े यह कर सका, मैं जो भी सोचता हूँ हो जाता है,
00:43सच्मुज तो विचार, वाणी, वर्तन, पाँच इंद्रिय से जितना भी अनुबव में आता है, उसमें खुद की शक्ति है ही नहीं,
00:54100% खुद की शक्ति नहीं है, सिर्फ मानता है मेरी शक्ति है, मैंने किया, और वोही अज्ञानता से दूसरे भोव के कर्म बांधता है,
01:03ताकि आज के जिवन वेवार में इतनी भी शक्ति, सत्ता खुद की नहीं है, और वोही अज्ञानता निकालने करने वाला कौन है, और मैं खुद कौन हूँ, वो जान लिया, तो फिर जो भी हो रहा है, उसमें हमें रागद्वेश नहीं होगे, दुखों से मुक्ति मिलेगी
01:33आज के जिवन वेवार में इतनी भी शक्ति, सत्ता खुद की नहीं है, और वोही अज्ञानता निकालने करने वाला कौन है, और मैं खुद की नहीं होगे, तो फिर जो भी हो रहा है, और मैं खुद की नहीं होगे, तो फिर जो भी हो रहा है, और मैं खुद की नहीं होगे, �
02:03तो फिर जो भी हो रहा होगे, तो फिर जो भी हो रहा होगे,.
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