Skip to playerSkip to main content
  • 6 years ago
कहते हैं साल में एक बार होलिका दहन होता है, लेकिन महाकाल स्वरूप भोलेनाथ की होली रोज होती है। फाल्गुन शुक्ल द्वादशी को भगवान भोलेनाथ अपने औघड़ रूप में काशी के महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर जलती चिताओं के बीच चिता की भस्म की होली खेलते हैं। जानें मसाने की होली के बारे में.

Category

🗞
News

Recommended