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  • 6 years ago
किसी के इस प्रश्न के जवाब में मितेया दो भागो में जवाब देते हुए कहते है कि उनके जवाब का पहला हिस्सा आपको संतोष देगा परन्तु दूसरा हिस्सा आपको आक्रोशित कर सकता है | मिया मीर और जहांगीर का उदाहरण देते हुए मितेया कहते है कि संतोष का आपकी अमीरी पर विशेष असर होता है |

अपने उत्तर के अगले भाग में मितेया अर्थव्यवस्था के इतिहास को समझाते है और बताते है कि १९७० में किस प्रकार रिचर्ड निक्सन ने अर्थव्यवस्था के मुलभुत सिद्धांतो को अनदेखा कर के ज्यादा मुद्रा छाप दी | २००१ में जापान ने "क्वांटिटेटिव ईजिंग" ने नाम पर क्रेडिट की सप्लाई को बढ़ा दिया | पिछले ५० वर्षो में विकसित देशो ने यह काम बिना रुके किया है और उसका प्रभाव लोगो की गरीबी पर प्रतिकूल रूप से पड़ा है |

मितेया कहते है कि एक गरीब देश में आमिर लोग हो सकते है और एक आमिर देश में गरीब लोग | अपने आचरण में ऐसी क्या विशेषताएं होनी चाहिए कि व्यक्ति आमिर बने, उसके लिए मितेया ने अपनी वेबसाइट पर " कृष्णा कि आठ पत्नी" वाले डिस्कोर्स को देखने का अनुरोध किया है |
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