हमेशा खुश कैसे रहें ? | How to be Happy in life ?
यह डिस्कोर्स डिप्रेशन वाले डिस्कोर्स के जवाब में दिया है। एक प्रश्नकर्ता ने पूछा है कि ख़ुशी और हर्ष में क्या अंतर है ? जवाब में मितेया छणिक हर्ष प्राप्त करने के कई उपाय बताते है परन्तु वो कहते है कि हर्षो की श्रृंखला ख़ुशी नहीं होती। ख़ुशी प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिक रूप से कार्य करना होगा।
धर्म में चार कुमारो का जिक्र है जिनका नाम है सनक, सनत, सनानन्द और सनातन। ख़ुशी सनक, सनत, सनानन्द और सनातन होनी चाहिए। और स्वम की ख़ुशी के लिए कार्य करना स्वार्थीपन नहीं है क्योंकि यदि आप स्वम् जहर से भरे होंगे तो अमृत कैसे बांटेंगे।
मितेया ने रामायण में समुद्र-सेतु का जिक्र किया है और उसकी मुस्सा द्वारा बनाई गयी चैनल से तुलना की है। यह आस्था का पूल है और सनक, सनत, सनानन्द और सनातन ख़ुशी के लिए आपको ये आस्था का पूल बनाना पड़ेगा।
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