00:00वाहिवर जी दुफपंजनी साहिब एक ओमकार सद्वर परसाद गौडी महला पंजमा मांज दुफपंजन तेरा नाम जी दुफपंजन तेरा नाम आठ पहर आरादी ए पूरन सद्वर ग्यान रखाओ जीट काट मसै पारग्रम सुई सहावा थाओ यमक्रम कर नेड़ना आव
00:30जोग संताः तत्ती वाव न लगत लें सद्वर रखे आप गुर नारायन दी योगर तुर सचा सजनहा बुर तुफपंजन तुफपंजन पाया जन्नान सद्वर लखार गौडी महला पंजमा सूके अरे की एकिन माहे अमरत रिष्ट संच जीवाए पाटे कस्ट पूरे ग
01:00जागुर फिर्माए इच पुन्नी पूरे गुर मिले नार पेजन सुकर कले मलाता जिवाँ आप गए पाई प्रवसांत सुतल पहे की नीप्रव दात रख गिर्पाचे पहे सहले जनम जनम के मिशली मेले रहाओ सिम्रत सिम्रत प्रव का नावो सगल लोग का बिन स्यास आओ
01:30मला पंजमा जिस सिम्रत दोख साब जाए नाम रतन वसैमन आए जब मन मेरे गुविल की बाने सादू जनरा मरतन वकानी रहाओ एकस बनाहें दू जाकोए जाकी दृष्ट सरासुख होए साजन मीत सखा कर जेत हर हर अकर मन महले लेक रावर्या सर्बत स्वामी मुन गावै �
02:00पीवत राम रस अमरत गुण जास जाक हार तेरन मिटी खुद तास रहाओ सर्बकल्यान सुथ सहज निजान जाकर देवसर पगवान आव खद मंतर तंत पच्छार कहन हार त्रिवे महतार ताज साब पर्म पजेयो पार ग्रम वह नालक हटल एहो तरम जोडी महला का जवाओ
02:30राम नाम नित रतन वखान बिल से रोग पैकल्यान पार ब्रहम गुण अगन भीचार सादू संगम है हिस्कार निरमर गुण गावो लितमीत गई दयाद उबरे जनमीत मन बचुक्रम तब अपना प्याई नानक दास तेरी सरणाई गोडी मला पंजमा नितर प्रगास किया �
03:00नानक नाम जवैसों जीवै साद संग हर अमरत पीवै घौडी मजा पंजमा फिरकर बैसरों हर जन प्यारे साद कर कुमरे का जसवारे रहाओ नुष्ट दूत पर में सर्मारे जनकी पैज रखी इकर तारे बाद सहा सहा सब वसकर दीने अमरत नाम महारस पिने निर्पाओ व
03:30परण परे प्रव अंतर जमी नानक ओट पकरी प्रव स्वामी प्रीमला पंजमा राजपिता प्रव मेरे मुझे निर्गुन सब बन तेरे रहाओ पंज बिखादे एक जरीबा राख भूर खन हारे खेद कर है अर्भोच संगा गट है सायो संग कुहारे कर कर हारे यो अनिक �
04:00संत मिले मोहित इर्ज पाया संती मंत जीओ मोहि निर्पहो गुर का सब्द तमाया जीत लाई कोई महां भी खादी सहज सहेली बानी को नानक मन पया परगासा पया अजनिर्बानी बिलाबल महला पंजमा सर्व क्यान की गुर्देज सेवत अपनी लाय हो सेव बिखन लागै �
04:30हर नाम ते आए रहाओ सबने थाएं रव्या आप राज जुगाद जाका वर परकाफ बुर परसाज ना होई संताब बुर के चरन लगे मन मिठे निर्भिगन होई सब थाएं उठे सब सक पाई सड़ तूठे और गहम प्रभए रस्वाले जित है जित है जित है नाले नानक
05:00सब्सक्ता प्यार दीन दुदान सब्सक्त जनम जीवन करवाद रहाओ अकात कता अमरत प्रभवानी कोह नानक यप जीवे ज्यानी
05:16जाप जीवे घ्यानी, बिलावल मला पंजमा, सांद पाई मुरसद गुरपूरे, सुक उपजे बाजे अनहाद तूरे करहो, ताप पाप संताप पिलासे, हर सिमृत किल विक्ष सबनासे, अनद करहो मिल संदर नादी, गुर नानक मेरी पैज सवारी, अनद करहो मिल संदर ना�
05:46अपना दिर्द समारेया, साथ जना होए किरपाला, दिर से सब करवारेया, पारज सर्दर आप समारेया, वड़ी आरजा, अरगो बिंद की, सोख मंगल, कल्यावन गीचारेया, रहाओं, वानत्रन रिपावन पर्या होए, सगले जी साथ आरेया, मन इच्छे नानक पल पाए
06:16नीद भाई सुख सहज कर आया, रहाओ, रज रज पोजन खावों मेरे पाई, अमरत नाम रिद माहे ते आई, नानक गुर पूरे सर लाई, जिन अपने नाम की पैजर खाई, गिलावल मनला पंजवां, ताक संताक सगले गए, जिन से ते रोग, पार बहम, मुदक से आ, संत
06:46गुनगावों निचराम की, यही अवखद जोग, आई, बसबों कारजेश में हैं, यही कलेशन जोग, नानक गुरभ सो पर सन पए, लह गए बे ओग, बिलावल मला पंजवां, बंदन काती आप गुरभ, वाकिर पाल, दीन दै आप गुरभ, पार बहम, ताकी नदर नहाल,
07:16रब यावन जोग रहाओ, आउखद हर का नाम है, यह रोग नाव या पै, साद संग मन पन ही तै, फिर दूखना जा पै, हर हर, हर हर जा पी ए, अंतर निव लाई, इन विक उत्र है, सुद होए, सादू सरणाई, सुनत जपत हर नाम जस, ताकी दूर बिलाई, महा मंतर नान
07:46रब यावल मला पंजमा, हर हर, हर अरा दी ए, फोई ए, आ रोग, राम चंग की लस्पिका, इन वार्या रोग, रहाओ, गुर पूरा हर जापी ए, इसकी चैपोग, साद संग तैवारन, मिल्या संजोग, जिस सिम्रत सुक पाई ए, मिन से बेओग, नान क प्रवसर नागती,
08:16पंजमा, दुप देग, तार पंजमा, इक ओंकार, साथ गुर परसाद, अवर उपाब सब त्या गिया, दारू माम लया, ताप ताप सब मिटे रोग, सिसल मन पया, गुर पूरा आरा जेया, सबला दुख गया, रखन हार राकिया, अपनी करमया, रहाओ, बहाँ पकड सब क
08:46सिमर सिमर मन तन सुखी, नानक फिर पया, बिलाबल महला पंजमा, रोग मिटाया आप प्रभ, उपजा सुख सांत, वड़ पूर पाप अत्रज रूप, हार की नहीं दात, गुर गो विंद प्रिपा करी, राख्या मेरा पाई, हम दिसकी सहनागती, जो सदा सहाई, रहाओ, �
09:16बिलाबल महला पंजमा, रात लिये इन रखन हाथ, सब बे आज मिटाई, तो लानक फिर पाई, तब पये सहाई,
09:46बिलाबल महला पंजमा, अपने बालग आप रखे अन, पार भ्रहम धुर देव, सुख सौंग सहज आनद पहे, पूरन पही सेव, रहाओ, कगत जनां की बेनती, सुने प्रभ आप, रोग मिटाई जीवाले अन, जासा बड़ परताप, दोख हमारे बक से अन, अपनी कल कही,
10:16ताप लहया गुर सिर जनहार, साथ गुर अपने को बल जाई, जने पैज रखी सारे संसार, रहाओ, कर मस्तक तारे बालत अकलीनो, तब अमरत नाम महारस दीनो, दाश की लाज रखे वहरवान, गुर नाने के बोले दर्ग है परवान,
10:46आप तेरा के राप, सीतल भाई गुर चर ने लागे, राम नाम किर्दे में जाप, रहाओ, कर किरपा अर्स प्रग दिन्ने, जगत उदार नव खंड परताप, बुख बिन से सुत अन्द तरवेशा, रिखन गुजी मानतन साच तराप, अनात को नात सरन समर सा, शगल सिष्
11:16आप, सोरच मर लाप पंजवा, कारकि सनान सिमर प्रग अपना, मन दान पैख रुगा, कोट बिगल लागते ब्रव सरना, प्रगटे पले संजोगा, प्रगबाने सब्द सपाके आ, गावो स्नहो प्रहो नित पाई, गुरपूरे मुरा के आ, रहाओ,
11:36साचा साइब अमित बडाई, अगत बचल दाए आला, संतां की पैज रखना आया, आद गिरद प्रत पाला, हर अमरत नाम पोजन नित कुंचो हो, सर्व वेला मुक्रपाव हो, जाल वरा साथ सब नाठा, गुन गुविंद नित गाव हो, सुनी अर्दास सुमी मेर, सर्व कल
12:06साथ के चरहने हालेया, राकन को राखे ओ बारक, साथ कुर ताप उतारेया, उबे साथ की सरनाई, जाकी सेवना विलती जाई, जाओ, तर महसुख बाहर फन सुखा, अपने पैज दयाला, नान कभी नना गैको, मेरा प्रभ होआ किरपाला, सो रख मला पंजमा, गई कले सरो�
12:36आमीन, पूरन काल समारी, हर जीओ, तुम सुख संकत रास, राक लेहो, भाई मेरे का, तब आगे प्रदास रहाओ, जो मांगों, सोई सुई पाबों, अपने खसन कर उसा, तो हो नानक गुर पूरा पेचेओ, मिटेओ, सगल अंदेसा, सो रख मला पंजमा, सिमर सिमर, गुर
13:06मन इच्छे खल पाया, मेरा गुर पूरा सुक दाता, करन करन समरात सुवामी, पूरन पूरत बिदाता रहाओ, अनंद, विनोद, मंगल, गुन गावाओ, गुर नानक पैद आला, यह जैकार, पैज आगे पीतर, कोगा, पार बहम रख वाला, सो रख महला पंजमा, गुर्�
13:36पूरी राजे राम की रख वाली, सुक सहज आनत गुन गावाओ, मन तन देह सुखा ली रहाओ, कटते उदारन सत्पर मेरा, मुरे चिस्ता परवासा, बखस दाए समसचे साहिब, सुन नानक की अरदासा, सो रख महला पंजमा, बखस आपार बहम परमे सर, सगले रोग जि�
14:06दूर को रहाओ, अपनी किरपा सहार रहाओ, सदा अनंद है मेरे प्यारे, हर गोविंद दूर राखेया, बड़ी बड़्याई नानक करते की, साच सवद साथ पाखेया, सुवर्ख मला पंजमा, बख रिपाल, गुरु गोविंदा, सगल मनौरत पाए, अस्तिर पहें लाग
14:36मिले सुवामी प्रीतम अपने, हर मंदर सुदाई, हर नाम दिनान नानक जन पाया, सगली इच्छ पुजाई, सोर ठमला पंजमा, संतो हो हर हर नाम तयाई, सुप सागर प्रभ विसराउ नाही, मन चिंद्रियाडा खलकाई, अहाओ, सद्गर पूरे तात गवाया, अपनी कि
15:06नानक पत्त रखी पर मेसर, उदरियाड सब संसारू, सुरठ मला पंजमा, मेरा सद्गर क्वाला होगा, हर क्रिपा प्रभ वात दे राखेया, हर गोविंद नाई रुआ रहाओ, साप गया प्रभ वात मिताया, जन कीला जिलकाई, साल संगते सब पल पाय, सद्गर कैवार ज
15:36सफल कर मस्त के सारे आ, सुरठ मला पंजमा, जी जन कर संतिसके की, सोई संत सभाई, अपने सेवत की आपे रखे, पूरन प्री बढ़ाई, हार ब्रहम, पूरा मेरे नाल, गुरपूरे पूरी सब रखी, हुए सर्ब जयाल, रहाओ, अन दिन नानक नाम के आए, जी प्रान का
16:06मला संजमा, ठांड पाई करता रे, ताप छोट गया परवारे, गुर्पूरे है राकी, सर्ण सचे कीता की, प्रमेसर आप हुआ है क्वाला, सौंत सहद तो किन में उतजे, मन हुआ तदा सुखाला, रहाओ, हार हार नाम दियो दारो, इन सगला रोग जितारो, अपनी किरप
16:36अपना वीचारिया, बुर्का सवद पायो सकी, इन सग्रीला जिराखी, बोलाया बोली तेरा, मुसाहिद गुने गहेरा, या पनानक लाम सच सकी, अपने दास की पैजे रखी
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