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We bring you the powerful and uplifting recitation of Chaupai Sahib (also known as Benti Chaupai). This sacred composition is one of the most beloved prayers in Sikhism, renowned for its spiritual power to grant protection, inner strength, and perseverance against all adversaries, fear, and obstacles.

🛡️ The Significance of Chaupai Sahib
Chaupai Sahib is an integral part of Nitnem (the daily regimen of prayers) and is recited twice daily—once during the morning Nitnem and again as a core section of the evening prayer, Rehras Sahib.

Composed by the Tenth Sikh Guru, Guru Gobind Singh Ji, this Bani is a heartfelt plea (Benti) to the Almighty for Divine shelter and support. It is a commitment of the soul to God, asking for protection and reaffirming the warrior spirit (Bir Ras) in the face of life's challenges.

Listening to or reciting Chaupai Sahib daily is believed to:

Provide Spiritual Protection (Raksha): It acts as an energetic shield, guarding the devotee against misfortune, enemies, and negative influences.

Instill Fearlessness: It bolsters courage and resolves fear, transforming anxiety into faith.

Grant Success: It helps the devotee overcome hurdles and achieve success in all noble undertakings.

📖 Key Theme: The Warrior's Prayer
The Chaupai Sahib is a masterpiece of devotional poetry that blends deep humility with unflinching resolve. Guru Gobind Singh Ji asks for the strength of a warrior in the spiritual battle against the five vices (lust, anger, greed, attachment, and ego). The famous concluding lines affirm faith:

"O Lord! May you always be my Protector, may You always uphold my honor. May You be my Helper, even though I may not be worthy of You."

✨ How to Engage with this Path
Daily Practice: Make this a part of your daily spiritual routine, especially in the morning or evening.

Focus: Listen attentively to the words (Gurbani) to absorb the profound message of protection and faith.

Share: Share this powerful prayer with anyone seeking strength, courage, or Divine refuge in their life. #ChaupaiSahib #BentiChaupai #Nitnem #Gurbani #SikhPrayer #SpiritualProtection #DivineShield #Meditation #Waheguru #Sikhism

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Transcript
00:00सत्राम श्रिवाइगुरु साहिव जी एक वंकार श्रिवाइगुरु जी की फत्रै पाश्वेग स्वी
00:07कवेव बाच बेन ती चाओ पई हमरी करोहात दैरच पूरण वेचित कीच्च
00:15ताव तर्नन मन रह हमाराओ अपना जान करोप्रत पार
00:21हमरे दोष्ट सवैत मकाव हो आपहा दै महें वचाव हो सुखी वसा मूरू परवाराओ सेवक सेख सवै करतारा मूर चाओ
00:32नेज करदा करियाओ सावैर नकाओ आज संगरियाओ पूरण होए हमारी आसाओ तोर पजन की रह प्यासा
00:40तो मैं शाड को यवर नत्याओं जोवर चाओं सुत्म तेपाओं सेवक सेख हमारे तारिय है चोन चोन सत्र हमारे मारिय है आप हाद मुझा अबरिय है मरनकार का त्रासन बरिय है
00:55हुजो सदा हमारे पच्छाओ सिरी अस्तो जोजू करे हो रच्छा राकली हो मुह राकन हारे साहिव संत सहाहि प्यारे दीन बांध दुष्टन के हंता तम हो पुरी चतरत सुकंता
01:09काल पाए ब्रह्मा बबतरा काल पाए शिवजु बबतरा काल पाए करविशन परकासा हो सक्ल काल का किया तमासा जवनकार जोगी सब कियो हो वेदराज ब्रह्मा जूतियो जवनकार सब लोक सबारा हो नमशकार है तहीं हमारा
01:28जवनकाल सवजक्त बनायो हो देव दैज जच्छन पजायो
01:32हाद अंतर कैवतारा हो सोई गुरू समझेओ हुमारा
01:37नवशिकाल तसी को हुमारी ही सकल परजाज नियाप सवारी
01:41सिवकन को सिवकन सुक दियो हो सत्रन को पलमुवद कियो
01:45काट काट के अंतर की जानत पले बुरे की पीर पशानत
01:51चीटी ते कुंचरे स्थूला हो सब परकृपाओ दिश्ट कर पूला
01:56संतम दुख पाई ते दुखी सुक पाई साधन की सुकी
02:00एक एक पीर पशानना है काट काट की पट पट की जानने
02:05जाब उदकरक करांकर तारह प्रजा तरत तब दे अपारा
02:09जाब आकरक करत हो कब मूँ तुम मैं मिलत दे तर सबू
02:14जीते बदन स्रिष्ट सब तारह आप आपनी भूज उचारह
02:20तम सब हीते रहत निरालम जानत वेद पेद अर आलम
02:25दंका अंद्र पका अंद्र लंब हो आद निर नाद संभ तांका मूढ चारत पेद अधाध
02:32आप आपनी भूज जीते वरणत पेन पेन तोिते तुम्रा लखन जाय पसारा हो कह बेद सजा प्रतम संसार
02:54एक रूप नूप्स रूपा रंक पेहो राव केक पूपा
02:59अंडज जेरज स्यत जकीनी उतपवज खान बहुर रच दीनी
03:04कहूं फूल राजा हैवा बैठा कहूं सेमट पेहो संकरे कैठा
03:10सगरी सिष्ट दखाये चंपव आजुगा सुरूप स्यंपव
03:15अब रच्चा मेरी तुम करहो से खुवार सिक संगरो दुस्ट जते उठवतो तो पाता सकल मलीश करोरन काता
03:23जे अस तो जतो सरनी परेतिन के दुस्ट दुखतो हवै मरी पुरक जवनपग परेति हारेतिन के तुम संकर सबटारी
03:32जो कल को एक वारते आये हैं ताके का निकने आये हैं रच्चा हुएता ही सब काला दुस्ट अरिस्ट ट्रेदत काला किरपा दृष्ट तन जाही निगर रहो ताके ताप्त नको रहो रिद सेद करमू सब होई दुस्ट शा शवैस का नकोई
03:53एक वार जन तमे संबारा काल पास्तिताय वारा दिन नर नाम तिहारो का दर्द दुस्ट दुख तेरा खड़के तमे संतिहारी आप भास दैलो बारी सर्ग ठावर महो सहाई दुस्ट दुख तेलो वचाई
04:13सत्नाम श्री वाहिगुरू साहिव जी एक वांकार श्री वाहिगुरू जी की फत्ह पाश्वेग स्वीं
04:21कवयो बात बेन ती चाओ पई हमरी करोहात दैरच पूरण वेचित कीच ताव तर्नन मन रह हमारा अपना जान करो प्रत पारा
04:34हमरे दुष्ट सवैत मकाव हो आभाद है महें वचाव हो सुखी वसा मूर पर वाराओ सेवक सेख सवैकर तारा मूर चाओ नेज कर दैकरियाई
04:47सावैर नकाओ आज संगरियाई पूरण होए हमारी असा तोर पदन की रह प्यासा तुम्हें शाड को यवर न त्याओं जो वर चाओं सुतम ते पाओं सेवक सेख हमारे तारिय चोन चोन सत्र हमारे मारिय आप वाद मुझा उवरीयाई मरन कार का त्रासन बरियाई
05:09हो जो सुधा हमारे पच्चा स्रि अस्तव जजू करे हो रच्छा राकली हो मुहे राकन हारे साहीव संग्त साही पिएर दीन बांध दुष्ट के हंता तुम्हो पूरी चिकृत सुकन्ता काल पाए ब्रह्मा बभतरा हो काल पाए शिवजू अवतरा काल पाए कर विशन परक
05:39परशानत्रण चिती ते खुरे की पीड़ी फुषानत्रण चीति ते कुंचरे स्थूलाः तुड हाँ वड़ाई दिसी अवारवगे लिएड़ा कि उस्पारण परशानत्रण कौन्षभाई
06:09संतन दुख पाई ते दुखी सुख बाई साधन की सुखी एक एक पीर पिशान नहीं कट-कट की पट-पट की जानना है जब उद करक करां करता रहा हो परजा तर्थ तब दे अपारा जब आ करक करता हो कभू हूं तुम मैं मिलत दे तर सब हूं जीते बदन स्रिष्ट सब ता
06:39नंकाा अंडरबका अंडरलंग आज अनी अनाद संब तांका मूढ चारत पेजाओ जांको पेवना पवत वेदा तांका आउ कार पाहनन नुमानत महामूढ कशपीदन जानत महा देव का औके सुदासिव नंकार का चीनत नह पट आप आप अपनी बुद्धै जेति वरणत �
07:09उप्सरूपा रंक पेहो राव कही पूपा अंडज जेर जलसे दजकीनी उत पोज खान बहुर रच दीनी कहुं फूल राजा हवा बैठा कहुं सेमट पेहो संकरे कैठा सगरी सिष्ट दखाये चंपव आजुगा सूप श्यंपव अवरच्च मेरी तमकरो सेख वार सिक्संग
07:39परिये तिनकी दुष्ट दुख्त हवैमरी पुर्क जवनपग परितिहारी तिनकी तुम संकर सब टारी जो कल को एक वारते आये हैं ताके कानिक ने आये हैं
07:51रच्चा हुएता हैं सवकाला दुष्ट अरिस्ट ट्रेदत कल किरपा दृष्ट तन जाहे निहरगो ताके तापत नकमों भरगो रिद सिद कर्मों सव होई दुष्ट शा श्वैस के नकोई एक वार जिन तुमें संबारा कारफास थितायों बारा जिन नर नाम तिहारों का
08:21सर्व ठावर महो सहाई दुष्ट दोख तेलो हचाई सत्राम श्रिवाईगुरु साहिव जी एक वांकार श्रिवाईगुरु जी की फत्हाई पाश्वेग स्वी कवयो बात बेन ती चाओ पई हमरी क्रोहात दैरचा पूरण वेचित कीचा ताव तर्नन मन रह हमारा अपना
08:51आभाद है महें वचाव हो सुकी बसा मूर प्रवाराओ सेवक सेख स्वैकर तारा मूर चाओ निज करदाकरिया सावैन का आज संगरिया पूर्ण होए हमारी आसा तोर्फजन की रह प्यासा तुमैं शाट को यवर नत्याओं जो वर चाहों सुत्म ते पाउं सेवक सेख हमा
09:21साहिव संत्व सहाए प्यारे दीन बांद दुस्टन के हंता तुम हो पुरी चक्रद सकंता काल पाए ब्रह्मा भवतरां काल पाए कर विसन परकासा उसक्लकाल का किया तमासा
09:47जवनकाल जोगी सव कीयो हो वेदराज ब्रह्मा जू थीयो जवनकाल सव लोक सवारा हो नमशकार है तहीं हमारा जवनकाल सव जगत बनायो हो देव दैज जचन पजायो आद अंतर कैवतार हो स्वई गुरू समझेयो हमारा नमशकार तुसे को हमारी ही सक्ल परजाज नियाप
10:17बुरे की पीर पिशानत चीटी ते कुंचरे स्थूला हुँ सब परिक्रपा दिष्ट कर पूला संतन दुख पाई ते दुखी सुक पाई साधन के सुकी एक एकी पीर पिशानना है काट कट की फटपट की जानना है
10:33जाब उदकरक करांकर तारा परजा तर्थ तव दे अपारा जाब आकरक करत हो कब मूं तुम मैं मिलत दे तर्थ सबूं जीते बदन स्रिष्ट सब ताराए आप आपने भूज उचाराए तुम सब ही ते रहतने रालम जानत वीद पीद और आलम रंकांद रबकांद लंग आ�
11:03ता काउ कार पाहनन मानत महां मूढ कशपीजन जानत महां देव काउ कहत सदासे रंकार का चीनत ने पेव आप अपनी बुद्ध है जेती वरनत पेन पेन तो ही तेती तमरा लखन जैप साराओ कह बेद सजा प्रथम संसारा एक रूप नूप सरूपा रंक पेहोराव कही प�
11:33पूल राजा हवा बैठा कहूं सिम्ट पेहो संकर कैठा सगरी सिष्ट दखाये चंपव आजुगा सूप श्यंपव हवर्चा मेरी तुम करहो से को वार सिक्संगरो दुस्ट जिते उठवत उत पाता सकल मलीश करोरन काता जे अस्तोज तो सरनी परेतिन के दुस्ट दुखत
12:03दुखती रहा हैं।
12:33सर्व ठावर महो सहाई दुष्ट दोख तेलो वचाई
12:41सत्नाम श्रिवाय गुरु साहिव जी एक हुँ अंकार श्रिवाय गुरु जी की फत्र है पाश्वेग स्विम
12:49कवयो बाद बेन ती चाओ पई हमरी क्रोहात दैरचा पूरण है चित कीचा
12:57ताव चर्नन मन रहे हमारा अपना जान करो प्रत पार हमरी दोष्ट स्वेद मकाव हो आभाद है मुहें वचाव हो
13:08सुखी वसा मूर परवारा हो सेवक सेख स्वेकर तार मूर चाओ निज करदै करियाई
13:15साव है नकाओ आज संगरियाई पूर होए हमारी असा तोर पजन की रहे प्यासा तो मैं इशाड को यह वरनते आओं जो वर चाओं सुत्म ते पाओं
13:27सेवक सेख हो मारे तारिय हो दे चोन चोन सबन सा अच वर मरे मार रियाई मर्नकाल को तुरस न पर यह हो
13:38सता हमारे पच्छा परचा राक्ले हो मुह कृ-ठणिहारे साहिव संत शाहिख स सहाई प्यारे दीन बांद दुष्टन
13:48करम पर काशना कर विजन पर काशा ओ सक्रक्रद का किया तिम्य जो गीश वद यह विद्रार्द को कि यूदम जोन ऑफ ए खार आ दो कर खेंट कर दिन आओ Yo
14:14सब्सक्राइब काट काट के अंत्र की जानत परे बुरे की पीर पशानत चेटी ते कुंचरे स्थूला हो सब परकृपाओ दिश्ट कर फूला
14:38संतन दुखपाई ते दुखी सुकपाई साधन के सुखी एक एती पीर पशान नहें कट कट के पट पट की जाननें
14:47जाब उद करक करांकर तारा प्रजात तरत तब दे अपारा जाब आ करक करत हो कब हूँ तम मैं मिर्त देतर सब हूँ
14:56जीते बदन सुष्ट सब ताराई आपो आपनी भूज उचाराई तुम सब हीते रहत निर आलम जानत वीद पीद अर आलम
15:07नंका अंद्रब कांद्र लंग अद नीर नाद संब तांका मूढ चारत पीदा जांको पीबन पावत वीदा
15:16तांकाओ कर पाहनन मानत मामूढ कशपीद जानत मादेव काओ कहत सुधासिव नंकार का चीनतने प्यव आपो अपनी बुद्ध है जेती विरनत पेन पेनत वेतेती तमरा रखन जैपसाराओ कह बेद सजा प्रसम संसारा
15:36एक रूप नूप्स रूपा रंक पेहो राव के पूपा हंडज जेर जलसे तजकीनी कुत पज खान बहुर रच दीनी कहूं फूला राजा हवा बैठा कहूं से मठ पेहो संकरे कैठा
15:53सगरी सिष्ट दुखाय चंप हो आजगा सुरूप स्यांप हो अवरच्छा मेरी तम कहो से खो वारिसिक संगरो दुष्ट जिते उठवातो तुपाता सकल मलीश क्रोरन काता
16:05जे अस्तो जोत सरनी परेतिन के दुष्ट दुख्त हवेमरी पुर्क जवरपक परेति हारेतिन के तुम संकर सब टारी जो कल गो एक वारते आये हैं ताके कान इकने आये हैं
16:19रच्चा हुएता ही सवकाला, दुस्ट अरिष्ट ट्रेदत काला, किरपा दृष्ट तन जाही निह रहो, ताके ताप्त नकमों हरो, रिद सेद कर्मों सव होई, दुस्ट शा शवैस के नकोई, एक बार जिन तुम्हे सुंबारा, कालपास्तितायो बारा, जिन नर नाम ते हा
16:49सर्व ठावर महो सहाई, दुस्ट दोखतेलो बचाई, सत्नाम श्रिवाईगुरु साहिव जी, एक उंकार श्रिवाईगुरु जी की फत्हाई पाश्वेग स्वी, कवयो बात बेन ती, चाओ पई, हमरी क्रोहात दैरच, पूरण हुए चित कीच, ताव तर्नन मन रह हमारा
17:19सुखी वसा मूर पर वाराओ, सेवक सेख सवैकर तरा मूर चाओ, निज कर दै करियाई, सावैन काओ, आज संगरियाई, पूरण हुए हमारी आसा, तो रपजन की रह प्यासा, तो मैं शाड़ को यह बरनाते आओं, जो वर चाहों सुत्मते पाओं, सेवक सेख हमारे तारिय
17:49मरन काल का तरासन बरियाई, पूजो सुदा हमारे पच्छा, सिरी अस्तो जुकरे हो रच्छा, राकली हो मुहराकन हारे, साहिब संत सहाए प्यारे, दीन बांद दुष्टन की हंता, तम हो पुरी चतरत सुकंता, काल पाए ब्रह्मा भबतरा, काल पाए शिवजु अवतरा,
18:19जवनकाल सव लोक सवारा हो, नमशकार है तही हमारा, जवनकाल सव जगत बनायो, दीव दैजिच्छन पजायो, आध अंत कैवतारा हो, सुई गुरू समझेओ हमारा, नमशकार तुसी को हमारी सकल परजाजने आप सवारी, सिवकन को सिवकन सक दियो हो, सिप्रन को पल मु�
18:49एक एक पीर पिशाना है कट कर दिए पत की जानने हैं जुद्ख और करक करता रहा प्रजा तरद ताव दिए अपा रहा हैं जब करक करत हो कभव हों तुम मैं मिरत दिए तर सब हम गलते बदह स्रिश्ट सब ताहरा हैं, आप आप ने भूज उचा रहा हैं
19:16तुमसभीते रहत निरालं जानत वीद पीद अर आलं नुमका अंदरबुका अंदरलंग आध नीड अनाद संब। तांका मुळद चारत पेदा जांको पीबन पावत वेदां।
19:30तांकाव कारपाहनन मानत महामूड कशपीधन द्यानत महादेव काव कहत सदासिव नंकार का चीनत नहें पेव
19:40आप अपनी बुद्ध है जेती वरनत पेन पेन तोहेतेती कमरा लखान जैप साराव कह बेद सजा प्रसम सुंसारा
19:50एक रूप नूप सरूप रंक पेहो राव कह पूप अंडज जेरज सेग जकीनी उतपज खान बहुर रचदीनी
20:00कहुं फूल राजा है वा बैठा कहुं सेमट पेहो संकरे केटा
20:06सगरी सिष्ट दखाय चंप आजुगा सूप स्यंप अवर चा मेरी तुम करो सेख वार्व सिक संगरो
20:15दुस्ट जिते उठवत तुपाता सकल मलीश करोरन काता
20:19जे अस्तोजत सरनी परेतिन के दुस्ट दुखत वह मरे पुरक जवनपग परेति आरेतिन के तुम संकर सब टारे
20:28जो कल को एक वारते आए हैं ताके कान इकने आए हैं रच्चा हुए ताहीं सब काला दुस्ट अरिष्ट ठेदत काला
20:38किर्पा दृष्ट तन जाही नहर हो ताके तापत नकों हर हो रिद सिद कर्मों सब होई दुस्ट शाः शवैस का नकोई
20:49एक वार जन तुमें संबारा काल फास्तिताय वार जन नर नाम तिहारों का दर्द दुस्ट दुख तेरा
20:58खड़ केत मैं संतिहारी आप हाद गैल हो बारी सर्व ठावर महो सहाई दुस्ट दोख तेल हो वचाई
21:09सत्नाम श्रीवाईगरु साहिव जी एक कोंकार श्रीवाईगरु जी की फत्हाई पाश्वेग स्वी
21:17कवेव बाद बेन ती चाओ पई हमरी क्रोहाद दैरच पूरण होए चित कीच ताव तर्नन मन रह हमाराओ अपना जान क्रोप्रत पार
21:31हमरी दुस्ट स्वेद मकावगो आभाद दै मुहें वचावगो
21:36सुखी वसा मूरू परवाराओ सेवको सेख स्वेकरत आरा मूर चाओ निज करदा करिये
21:43साव बैरन काओ आज संगरिये पूर होए हमारी असा तूर पजन की रह प्यासा
21:50तो मैं इशाड को ये वरनाते आओं हूं जो वर चाहूं सुतम ते पाओं हूं सेवक सेख हमारे तारिय है चौन चौन सत्र हमारे मारिय है आप हाद है मुझा अबरिय है मरनकार का तरासन बरिय है
22:05हूं जो सदा हमारे पच्छा सिरी अस्तो जजू करे हो रिच्छा राकले हो मुहे राकन हारे साहिव संत साहिप प्यारे दीन बांध दुष्टन के हंता तुमगो पुरी चक्रद सकंता काल पाए ब्रह्मा बवतराव काल पाए शिवजु अवतरा काल पाए कर विशन प्रकासा
22:35आपशवारा और नमशकार है तहीं हमारा जवनकार सवजगत बनाएओ दीव दैज जिच्छन पजाएओ आद अंतर कैवतार आओ सोई गुरू समझेओ हमारा नमशकार तुसी को हमारी सक्लप्रदाजने आपशवारी सिवकन को सिवकन सुक दीओ सट्रन को पल्मुवद कियो क
23:05पूलया संतन दुख पैई ते दुखी सुक पाई साधन के सुखी एक एक ही पीर पिशानना है कटकट के पट पट की जानने जाब उदकरक करांकर तारा परजा तर्त तब दे अप़ारा जाब अकरक करत हो कब हूं तुम मैं मिनत दे तर्स हुँं जेकते बजन स्रिष्ट स�
23:35प्रुम्का अंद्रबुका अंद्रलंग असन्ब तांका मूर्घ चारत पेबद आजांक पैपन पापत वेदे तांकाओ नरकाहनानु मानत महामूढ कस पेधना जानत।
23:50महां दीव काओ कहत सदासिव नुरूंकार का चीनत नह पेव आपो अपनी बुद्धा जेती वरनत पेन पेन तोलेतेती तमरा लखन जैप सारा हो कह बेद सजा प्रतम संसारा एक रूप नूपस रूपा रंक पे ओर आव के पूपा
24:09अंडज जेरज शेत जकीनी उत पोज खान बहूर रच दीनी कहूं फूल राजा हैवा बैठा कहूं सेमट पेहु संकरे केठा सगरी सिष्ट दखाय चंपव आजुगा सूप श्यंपव हवर्चा मेरी तमकरो से खोवार सिक्संगरो दुस्ट जते उठवत उत पाता सकल मलेश
24:39पर्ख जवर्पग परिति हारे तिनके तुम संकर सब टारी दो कल को एक वारते आये हैं ताके का निकने आये हैं फृष्चा हुए ताहीं सब काला दुस्ट अरिस्ट ट्रेद तकाला किरपा दृष्ट तन जाही निगर रगो ताके ताप तनको रहो रेद सेद करमों सब ह�
25:09का दर्द दुस्ट दूख तेरा खड़केत मैं सन तेहारी आब हास देलो बारी सर्व ठावर मोह सहाई दुस्ट दूख तेलो बचाई सत्राम श्रिवाइगुरु साहिव जी एक कोंकार श्रिवाइगुरु जी की फत्राइपाश्वेग स्विम कवेव बाज बेन ती चाओ
25:39ताव तर्नन मन रहे हमारा हूँ अपना जान करो प्रत पार हमरे दोष्ट सवैत मकाव हो आभाद है मुहें वचाव हो सुखी वसा मूर प्रवार हो सेवको सेख सवै करतार मूर चाओ नेज कर दैकरियाई सावै नकाओ आज संगरियाई पूरन होए हमारी आसाओ तोर पजन
26:09पाउं सेवक सेख हमारे तारिय है चोन चोन सत्र हमारे मारिय है आभाद मुझा अबरियाई मरन कार का तरासन बरियाई हो जो सदा हमारे पच्छा स्री अस्तो जुझू करे हो रच्छा राकलियो मुहें राकन हारे साहिव संत सहाय प्यारे दीन बांद दुस्टन के हंता तम
26:39काल पाए कर विसन पर कासाओ सक्ल काल का किया तमासा जवनकार जो गीस वकी हो वीदराज ब्रह्मा जू थी हो
26:47जवनकार सव लोग सबारा हो नमशकार है तहीं हमारा जवनकार सव जगत बनाए हो दीव दैज चन बजाए हो
26:56आद अंत ये कैवताराओ सोई गुरू समझेओ हुमारा नमशकाव तुसी को हुमारी सकल प्रजाद ने आपसवारी सिवकन को सिवकन सुक दियो हो सत्रन को पलमुवद कियो
27:09काट काट के अंत की जानत पले बुरे की पीर पशानत चेटी ते कुंचरे स्थूला हो सब परकृपा हो दिष्ट कर फूला संतन दुख पाए ते दुखी सुख पाए साधन के सुखी एक एकी पीर पशानना है काट कट के पट पट की जानना है
27:29जाब उदकरक करांकरता रहा परदा तर्थ तब दी अपारा जाब आकरक करता हो कब हूँ तुम मैं मिलत दी तर सब हूँ
27:38जीते बदन स्रिष्ट सब तारा है आप आपनी भूज उचारा है तुम सब ही ते रहत निर आलम जानत वीद पीद अर आलम
27:49लूका अंधरवका अंदर लंग अनीर आनाधर संब तांका मूठ हो छारत पे द्यादा कोक पीवनपावत वीद तांका उखकार्पारनन मानत महा मूठ कश पीद न जानत महाँ देव काओ कहत सब्स दासे उँद फ़्नमु कार का चीनत नहप आप आपो अपनी बढी जीती ब
28:19पनूप्स रूपा रंक पेहो राव करिक पूपा हंडज जीरज सेत जकीनी कुत पोज खान बहुर रच दीनी कहुं फूल राजा है वेटा कहुं सेमट पेहो संकरी कैटा सगरी सिष्ट दखाय चंप हो आजुगा सुप श्यंप हो अवरच्चा मेरी तुमक हो सेख वार सिक्स
28:49सरनी परे तिनकी दुष्ट दुख्त हवें मरी पुर्क जवनपग परेति हारी तिनकी तुम संखर सब तारी जो कल को एक बारते हाई है ताके कानिक्ट नहीं आया है रच्चा हुए ताहीं सब काला दुष्ट अरिश्ट ट्रेदत काला किरपा दृष्ट तन जाहें निह र
29:19काल पास्तितायो बार जन नर नाम तेहारो का गर्द दुष्ट दुख्तेरा खड़केत मैं संद तेहारी आप हास्त दैलो बारी सर्व ठावर मोहो सहाई दुष्ट दुख्तेलो बचाई
29:37सत्नाम श्रिवाईगुरु साहिव जी एक होंकार श्रिवाईगुरु जी की फत्ह पाश्वेग स्वी कवेव बाज बेन ती चाओ पई हमरी क्रोहात दैरच पूरण वेचित कीच थाव चर्णन मन रह हमारा अपना जान क्रोप्रत पार हमरे दुष्ट स्वेद मकावगो आ
30:07सेख सवैकरतार मौरचाओ नेज करदै करियाई सावैर नकाओ आज संगरियाई पूर होए हमारी असा तोर पदन की रहा प्यासा तुमैं शाड को यह वरनते आऊं जो वर चाहों सुतमते पाऊं सेवक सेख हमारे तारिय चोन चोन सद्र हमारे मारिय आप हात है मुझा अबर
30:37पदो च दकुख सेख खमो मुख रखन आखरे साइव संथ सहाए पयार तिन बांद दुश्टन के घंता तुम हो पुरी चातृत सकंता काल पाए ब्रह्मा भतरा उख बाह सिव जुव अवतरा काल पाए कारिषब्ल कासा और harina को तहां सावन बाना जो गी सवक्युकी वर घ
31:07सव जग्त बनायों दीव दैज जच्छन पजायों हाद अंते कैवतार हाव सोई गुरू समझेव हुमारा नमशिकार तिसी को हुमारी ही सक्ल प्रदाद ने आपसवारी सिवकन को सिवकन सुक दियो हो सत्रन को पल्मुवत कियों काट काट की अंतर की जानत पले बुरे की पीर
31:37सुकी एक एक पीर पिशानां है कट कट के पट पट की जानना है जाब उद करक करांकर तार अपर जातर तु अपारा जाब आ करक करतो हो कवं हूं तुम मैं मिलत दे तर सबूं जीते बदन सिष्ट सब तारा है आप वो आपनी भूज उचा रहा है तुम सभी ते रहत निर �
32:07करपाँनान मानत महां मूड कस पीजना जानत महां देव काऊ कहत सदासे प्रका चीनत नह पर हाब अपनी बुद्ध है जीति वरनत पैन पैन तुलितेती तमरालखन जाईब सारा हो कहते बेद सजा प्रतम संसारा एक रूपा नूप सरूपा रंक पैं हो राव कही पूपा
32:37हंडज जेरज स्यत जकीनी पुत पुज खान बहुर रच दीनी कहुं फूल राजा हवा बैठा कहुं सेमट पहो संकरे कैठा
32:48सगरी सिष्ट दखाय चंपव आजुगा सूप श्यंपव हवर्चा मेरी तमक हो सिख वार सिक्संगर
32:57दुष्ट जिते उठवतों तुपाता सकल मलेश करूरन काता जी अस्तोज तो सरनी परी तिनके दुष्ट दुख तो हवे मरी पुर्क देवर्पक परी तिहारी तिनके तुम संक्ट सबटारी जो कल को एक वारते हाई हाई ताके कान इकने आया है प्रश्चा हुए ताहीं सब
33:27सब होई दुष्ट शा सवै सकन कोई एक वार दिन्त मैं सं बारा करपास्ती ताह वबारा जें नरनाम तिहारू हुआ दर्द दुष्ट दूख तेरा खड़के तमें संद। ते हारी आप हाँ ग्वाराई ताव उर्मों सहाई दुष्ट दौख तेलों बचारी
33:51सक्नाम श्रिवाइगुरु साहिव जी एक वंकार श्रिवाइगुरु जी की फत्ह पाश्वेग स्वी कवेव बात बेन ती चाओ पई हमरी क्रोहात दैरच पूरण वेचित कीच्च ताव तर्नन मन रह हमारा अपना जान क्रोप्रत पार हमरे दोस्ट स्वैत मकावगो आप द
34:21सेख सवैकरतारा मूर चाओ नेज करदा करिया साव एरन काओ आज संग्रिया पूरण होए हमारी असा तोर पजन की रह प्यासा तो मैं शाड़ को यह वरना त्याओं जो वर चाहूं सुतंते पाओं सेवक सेख हमारे तारिय है चोन चोन सत्र हमारे मारी है आप लाद मुझा
34:51स्कारक लिए मोहिरां �양हारे साहिए वो संत और स्हारे दीन बांद दुस्टन के गंता तुमगो पुरे चत्र्द सुकंता काल पाए ब्रह�миा बगतरा हो चुछ ऑवतड रा उतन पङार साल सकल कंपार का किया तमासा चुति ए भनक जो गी सब कीयो विद राज ब्रहमा जू
35:21जगत बनायो देव दैज जच्छन पजायो हाद अंते कैवतारा सोई गुरू समदेओ हुमारा नमशकार तुसी को हुमारी सकल प्रजाजने आपशवारी सेवकन को सेवकन सुक दियो हो सत्रन को पलमुवद खियो काट काट के अंतर की जानत पले बुरे की पीर पचानत चीट
35:51और सुकि एक एक ये पीर पिशान नहीं काट काट के पटपट की जानने जाब उद करक करांकर तरह पर दा तरत तव दे अपार जाब आ करक करतो कवों तुम मैं मिरत देतर सब हूं जीते बद्न सृष्ट सब तारह हाप वापनी भूज उचा रहें तुम सब ही ते रहत नि
36:21तांका मूठ चारत पेदां को पेवना पापत वेदां तांका वो करपानन मानत महा मूठ कश पेदां जानत महादेव का कह सदासे वोलन उंकार का चीनत नह पेव पाव अपनी बुद्ध।
36:38जेती वरनत पेन पेन तोय तेती तमरा लखन जैप सारा हो कह बेद सजा प्रथम सुंसारा एक रूप नूप्स रूपा रंक पेहोराव कह पूपा
36:51हंडज जीरज सेत जकीनी उतपज खान बहूर रचदीनी कहूं फूल राजा हवा बैठा कहूं सेमट पेहो संकरे कैठा सगरी सिष्ट दखाय चंप आजुगा सूप श्यंप हवरच्चा मेरी तमकर हू सेख वार सिक्संगर।
37:11दूस्ट जीते उठवतो तो पाता सक्द मलीश क्रोर नकाता जी अस्तोज तो सरनी परेहे तिनके दूस्ट दुखतो है मरी पुर्क जवरपग परेहे तिनके तुम संकर सबटारी जो कल को एक वारते आये हैं ताके कानिकने आये हैं रच्चा हुएता ही सवकाला दूस्ट �
37:41दूस्ट शाह श्वैस के नकोई एक वार जिन तुमैं संबारब कारफास्ति थाय वार जिन नर नाम तिहारो का दर्द दूस्ट दूखते राब खड़के तुमैं संद तिहारी आप भागल हो बारी सर्व ठावर मोह सहाई दूस्ट दूखते लोग चाई
38:05सत्नाम श्रिवाईगुरु साहिव जी एक वंकार श्रिवाईगुरु जी की फत्ह पाश्वेग स्वी कवेव बात बेन तीचाओ पई हमरी क्रोहात दैरच पूरण वेचिक कीच्च ताव तर्नन मन रह हमाराओ अपना जान क्रोप्रत पाराओ
38:27हमरे दुष्ट सवैत मकाव हो आभाद है महें वचाव हो सुखी वसा मूर प्रवाराओ सेवक सेख सवै करतारा मूर चाओ निज करदा करियाओ
38:39साव यह संग्रिय पूर्ण हो है हमारी आसा तोर पजन की रहा प्यासा तुमएं शाठ को अबर न तैंग जोबर चाहों सुथम ते पाउं सेवक सेख हमारे तारिय है चौन चौन सत्र हमारे मारी है आप आद मुझा उभरिय है मरन कार का त्रासन वरियाई हो जो सदा हमारे �
39:09तो सहाए पे आरे, दीन बांद। दुश्तन के हंता। तम हो पुरी चत्रत सुकंता। काल पाए ब्रह्मा बवतरा। काल पाए कर विसन पर का साउ सक्ल काल का किया तमासा।
39:25जवनकार जोगी सव कीयो हो वेदराज ब्रह्मा जूतीयों
39:29जवनकार सव लोक सवारा हो नमशकार है तहीं हमारा
39:34जवनकार सव जगत बनायो दीव दैज जचन पडायो
39:38हाद अन्ते कैवत तारा हो सोई गरू समझेयो हमारा
39:43नमशकार तिसी को हुमारी ही सकल परदाज ने आपसवारी सिवकन को सिवकन सुक दियो हो सप्रन को पल्मुवद कियो
39:51काट काट की अंतर की जानत पले बुरे की पीर पिशानत चेटी ते कुंचरे स्थूला हो सब पर क्रिपा दिश्ट कर फूला
40:02संतन दुख पाई ते दुखी सुख पाई साधन की सुखी एक एकी पीर पिशानना है काट काट की पट पट की जानना है
40:11जाव उद करक करांकर तारा प्रजा तरत तब दे अपारा जाव आ करक करत हो कब हूँ तुम मैं मिलत दे तर सब हूँ
40:20जेते बजना स्रिष्ट सब ताराएं आप आपनी भूज उचाराएं तुम सब ही ते रहत निरालम जानत वेद पेद अर आलम
40:31नुरूंका नुर्बका नुर्लंग आद नीध नाद संब तांका मूढ चारत पेदा जांको पेवना पापत वेदा
40:40तांकाओ कारपाहनन मानत महा मूढ कशिपी धना जानत महा देव काओ कहत सदासिव नुरूंकार का चीनत नह पेव
40:50आप अपनी बुद्ध है जेती वरनत पेन पेन तुहतेती तुमरा लखन जैप साराओ कह बेद सजा प्रतम संसारा
41:00एक रूप नूप सरूपा रंक पेहो राव केपूपा अंडज जेर जलसे घजकीनी उत पोज खान बहूर रचदीनी
41:10कहूं फूल राजा हैवा बैठा कहूं सेमट पेहो संकरे कैठा सगरी सिष्ट दुखाय चंपव आजुगास रूप स्यंपव
41:21अब रच्चा मेरी तुम करहो से खोवार सिक्संगरो दुष्ट जते उठवातो तुपाता सकल मलीश करो रनकाता
41:29जे अस्तो जतो सरनी परेतिन के दुष्ट दुखत भैमरी उरक जवनपग परेति हारेतिन के तुम संकर सबटारी
41:38जो कल को एक वारते आये है ताके कानक्ने आया है रिच्चा हुएताही सवकाला दुष्ट अरिष्ट ट्रेदत काला केपा दुष्ट तन जाये नहिरो ताके ताप तनक मुर रहो खिद सीध करमू सब होई दुष्ट शाहा श्वैस कन kop ठुई एक वार दिन तुमैस उबहरा
42:08खड़केत में सरंते हारी आप हात दैल हो बारी सर्व ठावर महो सहाई दुष्ट दोखते लो बचाई
42:19सत्राम श्रिवाईगुरु साहिव जी एक कोंकार श्रिवाईगुरु जी की फत्रै पाश्वेग स्वी
42:27कवेव बाज बेन तीचाओ कई हमरी क्रोहात दैरचा पूरण होए चितकीचा ताव तर्नन मन रहे हमाराओ अपना जान क्रोप्रत पाराँ
42:41हमरे दुष्ट सवैत मकाव हो आभाद है महें वचाव हो सुखी वसा मूर प्रवाराओ सेवक सेख सवै करतारा मूर चाओ नेज करदा करियाई
42:53साव है रणकाओ आज संगरियाई पूर होए हमारी असा उतोर पजन की रहे प्यासा तो मैं शाड को यह वरनाते आओं जो वर चाओं सुतमते पाओं सेवक सेख हमारे तारियाई चौन चौन सत्र हमारे मारियाई आप लाद है मुझा उबरियाई मरनकार का तरासन बरियाई
43:23सहाए प्यारे दीन बांद दुस्तन के घंता तुमको कुरी चक्रत सकंता काल पाए ब्रहमां बवतरा काल पाए शिवजु पाए कारविसन पर wrapping कासा उसकल काल का किया तमसा जवन काल जो गी सवकीओ
43:41वीदराज ब्रह्मा जूतियों जवनकाल सव लोक सवारा हो नमशकार है तहीं हमारा जवनकाल सव जगत बनायों दीव गैज जचन पजायों
43:52आद अंते कैवतार अल सुई गुरू समझेओ हमारा नमशकार तिसे को हमारी सक्व परजाज ने आप सवारी
44:01सेवकन को सिवकन सुक दियों सत्रन को परमू अद कयों काट काट की अंतर की जानत पले बुरे की फीर पक्षानत चीतिे कुंचरे स्थूला हो सब परकृपाव दिष्ठ कर पूला शंतन दुखभव坑 तीदुखी सुखवः साधन की सुखी
44:20एक एकी पीर पशाननाई, कट कट की पटपट की जाननाई, जाब उदकरक करांकर तारा प्रजा तर्थ तब देः अपारा, जाब आकरक करतो हो कभूं, तुम मैं मिरत देतार सबूं, जेते बदल सृष्ट सब ताराए, आप वो आपनी बूज उचाराए, तुम सब ही ते र
44:50तांका मूढ चारत पेबा, जांको पेबन पावत वेदा, तांकाओ कर पाहनन मानत, महा मूढ कश पेधन जानत, महा देव काओ कहत सदासे, उद्रूं कार का चीनत नह प्यव, आप वो आपनी बुद्ध है जेती वरनत पेन पेन तोह तेती, तुमरा लखन जाई पसाराओ क
45:20किरज से दजकी नहीं, उत्वज खान बहूर रच दीन, कहूं फूल राजा है वह वेठा, कहूं से मट पेऊ संकरे करथा, सगली सिष्ट दकाय चंपव, आजुगा सूप स्यंपव, हवरच्चा मेरी तमक हो सेख वार सिक्संगरू, दुस्ट जते उठवत उत्वत पाता सक
45:50तिहारी तिन के तुम संकर सब तारी, जो कल खो, एक वार ते आया है, ताके कान इक नहीं आया है, रच्चा हुएता ही सब काला, दुस्ट अरिस्ट ट्रेदत काला, किरपा दृष्टतन जाहे नहीं हरहो, ताके ताप्त नकमों हरहो, रिद सिद कर्मों सब होई, दुस्ट �
46:20दुस्ट दुख तेरा, खड़ के तुमें संतिहारी, आप हाज दैल हो बारी, सर्व ठावर मोह सहाई, दुस्ट दुख तेल हो वचाई
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