00:00मेरे हर जनम दिम पर मेरी माँ कोई न कोई रेजिलुशन ले लीती है
00:24मेरा म्यूजिक सीखना, डान्स, अक्टिंग, एट्सिक्टरा
00:28बस मेरे 23 जनम दिन पर ही मैंने खुद एक डिसिजन ले लिया
00:33सुसाइड करने का
00:58मुझे लगा अब तक शायर मैं यम्राज के सामने रहें
01:03मुझे लगा अब तक शायर मैं यम्राज के सामने होती, पर जिन्दा बिच गई
01:21मुझे लगा अब तक शायर मैं यम्राज के सामने होती, पर जिन्दा बिच गई
01:31शादी फिक्स होते ही शॉपिंग करने वाली लड़कियां देखी हैं, लेकिन सुसाइड करने वाली लड़की पहली बार देखी, आखिर क्या कमे रखी थी मैंने
01:44हलो
01:48लक्षमी मैं काउंटर पे हो, बिल चेक से दू या कैश
01:52कार्ड से दीजे, तुम्हारे पापा की वज़ा से ही तुम बिगड़ी हो, अगर तुमने मेरी बात मानी होती, तो सान्या मिर्जा या साइना नहवाल बन गई होती
02:00हेलो
02:04अच्छा वो डिसकाउंट कितना मांगो इनसे, 10 परसेंट या 20 परसेंट
02:0815 परसेंट, बच्पन में ही तुम्हें होस्टल भेजा होता, तो आज यह प्रॉब्लम ही नहीं होती
02:14हाँ
02:17बिल तुम्हारे नाम पर बनुआ हूँ या फिर अनू के नाम पर
02:20मैं नीचे आ रही हूँ
02:23ठेक है
02:24होस्पिटल बिल से ज्यादा फोन बिल आ जाएगा
02:27हाँ
02:37हाँ
02:38आप नीचे नहीं थे क्या
02:39हाँ
02:40डाड़ी तुम पहुच चालाखो
02:43आँ खुलते ही क्लास लेनी सुडू करती तो क्या करता
02:46क्या हो गया मेरी शेरनी बेटी को
02:54क्या है
02:57क्या हो बिटा
03:00शेरनी बेटी को आइसक्रीम कानी है
03:03तो मंगा लेते हैं
03:06हेलो, हाँ अर्यो
03:08बॉर्ण डॉक्टर
03:09मॉर्ण बॉर्ण
03:10खत्रा तो नहीं है ना डॉक्टर
03:12अब कोई खत्रा नहीं है
03:13लेकिन एक बात है
03:14चाकू खरीदने की दुकान बदलनी होगी
03:16उसमें धार कम थी
03:17डॉक्टरों में सेंस अफ्यूमर होना अच्छी बात नहीं होती
03:23चुबली हिल्स में मेरा जील है
03:30सॉरी घर है
03:32अनू
03:51जब शेखर देखने आएगा तो ये पहनना
03:55और जब डिनर जाओगी तो ये
03:57इनके साथ की सारी जुल्री रेडी करके लॉकर में रखी है
04:018524
04:03लॉकर का नंबर है याद रखना
04:068524
04:09उनके आने के बाद अपना मू लटका के मत खड़ी रहना
04:13थोड़ा स्टाइल में हॉट सी लगना
04:15क्या हुआ
04:19ममी
04:25मैं ना
04:30हाँ तुम
04:34तुम्हारी साथ
04:36अब बोलो भी अपने पापा की तरह दिमाग मत खाओ
04:40जैननी जलू क्या
04:42शेखर जैसा पैसे वाला लड़का पढ़ा लिखा लड़का घर में न सास न ननत ऐसा लड़का पूरे शहर में इस तरह का लड़का मिलना कितना मुश्किल है जानती हो न
04:48शेखर जैसा पैसे वाला लड़का पढ़ा लिखा लड़का घर में न सास न ननत ऐसा लड़का पूरे शहर में इस तरह का लड़का मिलना कितना मुश्किल है जानती हो न
05:04अर्जेंटली कॉंफरेंस में जाना पड़ रहा है वरना मैं खुद यहां रहकर यह रिष्टा पक्का करवाती तुमने या तुम्हारे पापा ने मिलकर यह रिष्टा तोड़ने की कोशिश की तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा
05:16क्या हुआ लक्ष्मी अभी तक पैकिंग कर रही हो पैकिंग नहीं बेबी सिटिंग कर रही थी और क्या रुको अनू कितनी बाहर समझाऊं तुम्हें
05:32पहाई लता अंटी नाइस जर्नी थैंक्यू वेल्कम मानिक बैठ यह कुछ चाय कॉफी कॉफी
05:45कॉफी
05:46छोड़ी है असी डिटी होगी फिर मिलते है प्लेस प्लेस सर मेरा केस प्लेस
05:55तुम शेखर से मिलना नहीं चाती हो है ना गॉपाल हाँ अरे नेनी इत्रा इपोटन कुछ नहीं है बस सर नहीं तु बुला है
06:13एक नंबर का कथा है जी सर मैडम ने पैकिंग नहीं की क्या सूट के सब तक मीचे नहीं आइस का मतलब पैकिंग चल रही है यह रानी जी के महामंत्री है
06:25क्या बात है नया फोन हाँ सर मैडम नहीं खरीद कर दिया आइफोन यहां पर भी यही है किसी भगवान की फोटो लगाते तो अच्छा रहता डाड़ी हाँ बटी मेरे इसाब से तो मेरे लिए मैडम ही गॉडड़स है सर मतलब माय गॉड़ वा ना सर डेवी दुरगा जिस �
06:55मिने बात सुन्दी नहीं आप आप वेस्ट हो
06:58Hello!
06:59Hello,crates Six-Karolly, शेखर के दादा जी बैनर जी बोल रहे है,
07:02अरे इतने नहीं, सिर्फ आधा� काफी है,
07:04क्या आधा?
07:04शेखर के दादा जी बैनर जी बोल रहे हैं,
07:06यह, बैनर जी बोल रहे हैं, इतना ही काफी है,
07:09बैदर्जी साब आप राम सिंग जी की बेटी को देखने आ रहे हैं क्या?
07:12कौन से राम सिंग जी?
07:14अज़ टाड़ी, प्लीज, प्लीज, प्लीज, प्लीज
07:16मेरा मतलब है, महालक्ष्मी जी की बेटी को देखने जा रहे हैं क्या?
07:20हाँ, हाँ, हाँ, हाँ
07:21आप तूनका नाम सुनते ही खुशी के मारे फूले नहीं समा रहे हैं, लेकिन वो तो चिनने ही जा रहे हैं
07:28ये क्या आधी हदूरी बाते कर रहे हो तुम खुल के समझाओ ना
07:31आप अपना काम दंदा चोड़कर अमेरिका से देखने आ रहे हैं तो वो अपना चेनी जाने का प्रोडम क्यों नहीं बतल सकती
07:39वैसे आप कौन बोल रहे हैं?
07:41मैं राम
07:42लोटरी लग जाए तो पैसों से मतलब रखना चाहिए ना कि दुकान दार से
07:48यह मेरी गॉड़ेस का गिफ्ट है सेर
07:50वो लोग शादी पक्की करने नहीं आएंगे
07:55तुम भी इन दस दिनों में जब तक तुम्हारी मा नहीं है है एदराबाद में मस्त होकर के जीओ
08:00वाट
08:02यहां जहां भी जाओ तो हमेशे के रख महालक्षमी ही होगा टैटी
08:07जहां उनका नाम भी नहीं सुन पाऊ ऐसी जगह जाना है
08:12मा का नाम ना सुनो ऐसी जगह मतलब एक तो है
08:20हमारी दूर करिश्टिदार तुमारी आंटी और यह है कृष्ण मूर्थी अंकल
08:28रिश्टिदार? यहने तो कभी नहीं देखा?
08:38काफी दिनों से मिलने नहीं है
08:39क्यों? क्यों क्या तुमारी बागी वज़ा से?
08:44यहीं रहते हैं क्या?
08:46वो विजावाडा के पास एक छोटे से गाउं में रहते हैं
08:50गाउं में रहते हैं?
08:54और कोई जानता भी नहीं
08:58अब बात करते हैं उनसे डाड़ी
09:01क्या? अब सिगार पीते हो
09:03तेरी मा से छुपा कर बहुत सारे काम करता हूं मैं
09:07तो मेरी छोटी मा जैसी भी कोई है
09:12अब तक तो नहीं है चाहो तो ट्राइब कर सेता हूं मैं
09:16ट्राइब इतने बड़े खिलाड़ी हो तो मा के सामने चुप क्यो रहते हो
09:21अपनी अर्गोमेंट तो बस कोट में होती है
09:23कार में तो बस तेरी मा की चलती है
09:25अगर कभी मेरे जीतने के हाला बंद भी जाते हैं तो तेरी मा को चक्कर आ जाते हैं
09:28उसके बाद तो बस मेरा मुझ बंद, कम बोलूगा तो समझदार समझेंगे, लेकिन उल्टा हो गया, सुनिये, सुनिये ना, हाँ आरा हूं, जलाना मन, तुम्हा कहो तो आजी तुम्हे तुम्हे भेज देता हूं, दस दिन वा रहे के आजा, अकेली ही, तो किसी को साथ ले ज
09:58कि उनकी एतामियत खराब है? नानी बीमार है, तो जा के उने देखाओ ना, चिल्ला क्यो रही हो?
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