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Watch and Enjoy Srinivasa Kalyanam Hindi Dubbed Movie Scenes, Starring Nithin, Rashi Khanna, Nandita Swetha on Aditya Movies.

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Transcript
00:03ऐसे मत करो बेटा खराब हो जाएंगे दिखाएंगे ने सब को दें
00:23तुमहारा क्या है तुमने जिन्दगी अच्छी तरह बिता दी मेरी
00:25जिन्दगी मुझे भी अच्छी तरह बितानी है मतलब मतलब बताता हूं मापापा ससुर जी सासुमा सब सुनिये श्री ज़रा यहां
00:35
00:40आप में से कईयों ने मैरिड लाइफ देख ली है हम अब देखने वाले हैं सो शादी के बारे में
00:45शादी के बाद होने वाले चेंजिस के बारे में हम आप सब से सुनना चाहते हैं अभी वो सब किसलिए
00:50यहां जरूरी है चाचू आजकल कई लोग शादियों में जाते हैं वहा
01:05अगर ऐसी शादी हो तो जिन्दगी भर याद रहती है मैं अपने कई शादी शुदा दोस्तों और कलीक्स को देख
01:10रहा हूं कोई पत्नी से डरता है किसी को पती पर गुस्सा है इगो और छोटी-छोटी बातों पर बार
01:16डिवोस तक पहुंच जाती है इसलिए आपकी यादें
01:19आपके experience हमें बताएंगे कि शादी के बाद खुश रहने का रास क्या है दादी मा आप शुरू कीजिए अरे
01:28ऐसे अचानक पूछेगा तो कैसे पूछ लिया ना start कीजिए तेरे दादा जी कहा करते थे हमारे पैदा होने के
01:36बाद जिस तरह हम माबाप को देखा करते हैं बच
01:52नेक्स्ट मामा जी अब आप कहिए ना मैं ठीक है बेटी वो टैब दो
02:02पति पत्नी के बीच का प्यार डबलू जैसा होता है नई नई शादी के बाद उनके बीच का प्यार पीक्स
02:10पर रहता है बाद में बच्चों की वज़ा से करियर में सेटल होने के प्रोसेस में प्यार घटता जाता है
02:17दुबारा जब बच्चे बड़े होकर अपने काम करते ह
02:21हुए लाइफ में वो सेटल हो जाते हैं तब उनके बीच में प्यार बढ़ता है वहां से बच्चों की शादी
02:28उनकी जिन्दगी सेटल करने तक प्यार थोड़ा घटता है एक बार जब जिमेदारियां खत्म हो जाती है एक दूसरे का
02:36सहारा बनकर एक दूसरे के प्रती उनका �
02:39प्यार फिर से बढ़ने लगता है दुबारा पीक्स पर आ जाता है मतलब पती-पत्नी का प्यार पीक्स से शुरू
02:45होकर पीक्स में एंड होता है बीच में आने वाले उतार-चढ़ा को छोड़कर एक दूसरे को अच्छी तरह समझते
02:52हुए चले तो उनकी जिन्दगी खु�
03:08अब आपकी बाणे बताइए करती जाओ रहेगी हमारी अर्दहांगनी जो कहत है वयसा ही ज्यसे नहीं होते अपकी बाते में
03:21मानती उ ना इसलिए रहे भीजगने नहीं होते
03:25से दुबहीं आफ मैं हम बोल थी हूं यह कहेंगी ओके बटाइए
03:41हर लड़की बचपन से लेकर एक उमर तक अपनी सारी फीलिंग्स अपने पेरिंस के साथ शेर करती है
03:48बाद में भाईयों के साथ, बहनों के साथ और उसके बाद फ्रेंज के साथ, फिर कुलीक्स के साथ
03:54हर एक स्टेज पर कोई ना कोई उसके जिम्मेदारी लेता है
03:58पर इन सब की जिम्मेदारी एक साथ लेने वाला सिर्फ पती होता है
04:08हम औरतों की छोटी-छोटी खुशिया होती है वासू
04:12घंटों मेहनत करके खाना बनाने के बाद
04:14पती बस एक बार कह दे कि ये खाना अच्छा है वही हमारी लिए काफी है
04:20जब श्री पैदा हुई थी तुम्हारे ससरोजी ने उससे अपनी गोद में उठाया था और वो बहुत खुश हुए
04:27उस दिन से लेकर आज तक मैं अपने सारे दर्द भूल गई
04:32जानते हूँ पती साथ चल कर कुछ खरीदवा दे तो पत्नियों को कितनी खुशी होती है
04:40जब इन्होंने उस दिन दुकान में आकर मेरे लिए एक सारी से लेक की तो मैं बहुत खुश हुई थी
04:51इतने सालों के हमारे रिष्टे में वो दूसरी बार था जब उन्होंने मेरे साथ रहकर मेरे लिए एक सारी खरीदी
04:59थी
04:59पहली बार तब जब नहीं शादी हुई थी
05:07कहते हैं कि औरतें को छिपा नहीं सकती
05:12लेकिन हम बहुत कुछ छुपाती हैं
05:17बस अपने पती के प्यार के सिवाए
05:27बाई श्री बहुत खुश किसमत है कि वो तुम्हारी फैमिली में जा रही है
05:43पदू ए पदू यहां क्या कर रही हो
05:51क्या हुआ तुम रो क्यों रही हो
05:54मुझसे नहीं हो रहा वासू तुम्हारा मुझसे इस तरह दूर जाना यह मुझसे बरदाश नहीं हो रहा
06:01मुझे तुम बहुत पसंद हो सोचा था कि तुम जैसे ही आओगे वैसे ही तुम्हें अपने मन की बात बता
06:06दूंगी
06:09लेकिन मेरे बताने से पहले तुमने अपने मन की बात घर वालों को बता दी
06:16मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ
06:19बहुत सपने देखें तुमसे शादी करके इसी घर में रहने के
06:25लेकिन इस घर में तो मेरी जगा श्री को तयार किया जा रहा है
06:28लग रहा है जैसे उसने मेरी जगा चीन ली है
06:31शादी का मंड़ तयार करने पर
06:33फोल तयार करने पर
06:34इस शादी से रिलेटिक कोई भी काम करने पर ऐसा लग रहा है
06:37कि वो मेरे लिए होना चाहिए था
06:41बच्पन से ही नानी मच से ये बात
06:42कहती आ रही थी कि वासुही तुम्हारा पत्नी बनेगी तो शाहे तुम भी मुझे उस नजर से देखते हैं ना
06:56वासु
07:01लेकिन मैंने तुम्हें हमेशा एक दोस्त ही माना है कि मैं श्री से प्यार ना भी करता तो भी मैं
07:08तुमसे यही कहता है
07:11तुम मेरे बार में सब जानती हो, तुम मुझे समझती हो, फिर भी तुम ऐसे
07:16समझती हूँ वासू इसलिए, इसलिए बात किसी को नहीं बताई मैंने
07:22लेकिन आज जब तुमने पूछा, तो खुद को रोक नहीं पाई, और सब कह दिया
07:28एक बात तो सच है वासू, अपनों से कभी कुछ नहीं चुपाना चाहिए, सही वकपर ना बताकर बाद में बताएं,
07:36तो खुद को कभी दुख के सिवाय और कुछ नहीं मिलता है
07:57ठीक है, तुम वो सब देख लो ना, मामा जी, सारा इंतिजाम कर दिया, 200 लोग खाना एक साथ खा
08:01सकते हैं, ठीक है, बस ये देख लो कि जो लोग आया है, वो किसी को कोई परिशानी नहीं पूरी
08:06चाहिए, जैर, मिनिस्टर के पीए का बार बार फोन आ रहा है, अपोईमें
08:27जादी के लिए पांच दिन टाइम वेस्ट क्यों करना और अपनी बेटी की शादी में सारे काम होद कर रहा
08:31है, वेस्ट, आल जस्ट चेक इट, यह, थैंक्स,
09:20जादा, बाहर बंडी जी कबसे दूलेंगों बुला रही है, काफे देर होगे, ऐसे लेका चलोगे, हाँ, दिद्या, वासु, चलो बेटा,
09:26चलोगे, चलोगे, चलोगे,
09:27आज मेरे यार की शादी है, आज मेरे यार की शादी है, यार की शादी, अच्छा सुन, जब तु बड़ा
09:48हो चाएगा, तेरी शादी भी ऐसे ही करवाँगे,
10:04जब तुने कहा कि श्री से तुम्हें शादी करनी है, पता है घर के सारे लोग क्यों मानगे? क्योंकि सबको
10:12तुम पर वारुसा है.
10:17बेटा, इसको नीचे रखो. भगो अवियमास अविता पुरन धिर मह्याम त्वादो गार्य पत्याय दिवाह.
10:26बेटा, अब ये आख्षात और फूल वहाँ चड़ा दो. आख्षात हम फुस्पम समर पयामे हैं.
10:33शादी का मंडप मंदिर जैसा होता है, यह अश्ट दिकपालक सबता रिशी सब होते हैं.
10:46एक बात तो सच है वासू, अपनों से कभी कुछ नहीं चुपाना चाहिए.
10:50सही वक्पर ना बता कर बाद में बताएं, तो खुद को कभी दुख के सिवाए और कुछ नहीं मिलता है.
11:02यह बात हम दोनों के बीच ही रहेगी.
11:06जब तुने कहा कि श्री से तुम्हें शादी करनी है, पता है धर के सारी लोग क्यों मान गए? क्योंकि
11:11सब को तुम पर बारुसा है.
11:14अपनों से कभी कुछ नहीं चुपाना चाहिए. सही वकपर ना बता कर बाद में बताएं, तो खुद को कभी दुख
11:21के सिवाए और कुछ नहीं मिलता है.
11:27क्या हूँ वासू?
11:28बेड़ा, ऐसे शादी के मन्दप से उठकर नहीं जाते. बैट जाओ.
11:32वासू, खड़े क्यों हो?
11:33आप से बात करनी है.
11:38हम शादी के बाद बात करेंगे ना? बैट कर पुजा करो.
11:42नहीं पापा, अभी बात करनी है.
11:47अगर अभी बात नहीं की, तो आपका और श्री का गुन्हेगार बन कर जीना होगा.
12:04सॉरी ससूर जी, आपसे वादा किया था कि ये बात किसी को नहीं बताऊंगा.
12:09लेकिन मुझसे अब रहा नहीं जाता है.
12:12वहाँ बैट कर, कुछ नहीं कर पा रहा हूँ.
12:15कैसा वादा किया है बिटा?
12:24दादी माँ, शादी से पहले इस श्री को तलाग देने वाले कुछ डिवोस पेपर्स पर, इन्होंने साइन करवा ले.
12:44शादी से पहले तलाग कैसा?
12:49उन्हें हमारे प्यार पर भरोसा नहीं है, या इस शादी पर भरोसा नहीं है, मैं नहीं जानता है.
12:57उन्होंने कहा कि अगर शादी के लिए हां कहनी है, तो मुझे दस्तकत करने होंगे.
13:03तो मैंने कर दिये.
13:06ये क्या बात होई? हर माता पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे शादी के बाद मिलकर रहे.
13:12और आप हैं कि शादी के पहले ही?
13:14गल्ती उनकी नहीं है, दादी. मेरी है.
13:24हमारे प्यार के बारे में सब को बताने वाला, मैं इस अग्रीमेंट के बारे में किसी को नहीं बता पाया,
13:29श्री.
13:30सौरी.
13:36बच्पन में बुआ की शादी में पंडिजी ने मंत्र पढ़ते हुए, मुझे उनका मतलब समझाया था.
13:42ध्रुवंते राजा वरुनो, ध्रुवंते देव ब्रहस्पति ही, ध्रुवंता इंद्रा इस्चा दाहितो, राष्ट्रम धार्यताम ध्रुवं।
13:50जब तुम्हारे सिर पर जीरा और गुड लगाते हैं, तब ध्रुवंते राजा वरुनो, ध्रुवं देवो ब्रहस्पति ही, ध्रुवंता इंद्रा इस्चा
13:59दाहितो, राष्ट्रन धारयताम ध्रुवक ऐसा कहते हैं, मतलब, अश्टदिक बालक को साक्षी मान कर, वादा क
14:08करना होगा कि हम दोनों साथ रहेंगे, लेकिन जो कागजाद हमें अलग कहेंगे, उन पर दस्थकत करके, मैं वहाँ बैठकर
14:15ये वादा कैसे कर सकता हूं, श्री।
14:38मैं कभी भी दोका नहीं दूँगा, और इसके बाद नादचरामी कहते हैं, इसका मतलब है कि मुझे ये मन्जूर है,
14:45तलाक के कागजाद पर दस्थकत करके दोका देने वाला, वहाँ बैठकर नादचरामी कहसे कह सकता है, तुम्हारे गले में मंगल
14:57सूत्र डालते वक्त, म
14:58मंगल यम तन तुना नेना, ममजीवन हे तुना, कंठे बदनाम सुमगे, तौम जीवम सरदाम सुभम, ऐसा कहते हैं, मतलब मेरे
15:07जिन्दगी का कारण इस सूत्र से मंगल नाम का रिष्टा तुम्हारे गले में बांध रहा हूँ,
15:15खपका उस रिष्टे को तोड़ने के लिए दस्थकत करने वाला, वहाँ बैठ कर अभी वो मंत्र पढ़ सकता है, श्री।
15:25पहली गांट बांधने के बाद, पूशा द्वेत नयत हस्ता, गुरुह अश्विनो द्रवप्रवाह, ताम्र देना गुमान कचा, गुरुह पत्नी यथा सूवसी,
15:38निवात बृददम अवदाब्याद,
15:40मतलब, घर की मालकिन की तरह हुक्म चलाकर, तुम हमें सुधारने के लिए हमारे घर आजाओ ये होता है, लेकिन,
15:50तुम्हें अपने घर वापस भेजने वाले कागजात पर दस्थकत करने वाला, तुम्हें घर बुलाने के लिए, वहाँ बैठ कर मंत्र
15:58कैसे पढ़ सकता है,
15:59श्री, कैसे पढ़ सकता है? ऐसे एक या दो नहीं, वहाँ बैठ कर जो हर एक मंत्र मैं पढ़ूँगा, उसका
16:11मतलब है, जो हर एक काम मैं करूँगा, उसकी पवित्रता है, इसलिए मंदप में बैठ कर इतने छूटे वादे मैं
16:20नहीं कर सकता, ये मुझ से नहीं हो पाएगा
16:24मुझसे नहीं हो रहा, नहीं हो रहा श्री
16:36तुम हमेशा कहती थी न, कि शादी का मतलब त्योहार होता है
16:40ऐसा त्योहार इतनी शर्टों पर इतनी गल्तियों के साथ
16:44नहीं होना चाहिए दादी, नहीं
16:47मैंने गल्ती किये
16:51मुझे माफ कर दो
16:53मुझे माफ करता है
17:00वासू, गल्ती मैंने किये
17:02तुम सौरी मन कहो
17:05कवेल
17:09इस एग्रिमेंट के बारे में
17:12गल्ती मैंने की
17:13आप सब को मुझे माफ करना होगा
17:17हर बात को बिजनस की तरह देखने वाला मैं
17:19हमेशा entry में ही exit के बारे में सोचता हूँ
17:23और मेरे लिए
17:26ये रिष्टा करने से पहले
17:29यहाँ ये सब कुछ देखने से पहले तक
17:33शादी एक event की तरह थी
17:37मतलब हमारे घर की शादी योग किसी और की
17:39It's just an event for me
17:42ऐसी सोच रखने वाले मुझे को
17:45जब रस्मों में बुलाया जा रहा था तो मुझे हसी आ रही थी
17:50लेकिन यहाँ इतनी रस्में होती है एक जर्नी होती है ये मुझे पता नहीं था
17:54सिर्फ मेहनी बहुत लोग नहीं जानते
17:58जब हमारे घर में शादीया होती है
17:59तो इवेंट मैनेजर्स को सौप के हम निश्चिंत हो जाते है
18:02किसी ने हमें शादी में बुलाया है
18:04नहीं गए तो वो नाराज हो जाएंगे
18:06इसलिए वहाँ जाकर फार्मेलेटीज को कम्प्लीट करना है
18:09इसलिए जाना पड़ेगा
18:11अटेंडेंस डलवाना ही पता था मुझे
18:13दुला दुलन के साथ घरवालों के साथ फोटो ले ली
18:17तो मतलब शादी में आ गए
18:20हम जैसे लोगों को तो दिल से आशिरवाद देने का मतलब भी नहीं पता
18:28आशिरवाद देने के लिए अक्षद देने पर
18:31उसे डाल कर हाथों पर लगी हल्दी को साफ करने के लिए टिश्यू ढूंडे वाले मुझ जैसे लोगों को
18:41यहाँ आने के बात समझ वे आया
18:47कि उनक्षद के पीछे चावल गीले करके
18:54उन्हें सुखा कर हल्दी से रंगने का मतलब पिता का प्यार है
19:00जिम्मेदारी है
19:02बेटी के साथ उसके रिष्टे का एहसास है
19:08परसों जब यहाँ बहुत रिष्टेदार आ रहते तब
19:11समझ जी से मैंने पूछा तब उन्होंने मुझसे एक बात कही थी
19:15अगर सब को अपना माने तो रिष्टेदार बहुत ज्यादा है
19:18और अगर ना माने तो हम सब अकेले हैं तब मुझे समझ में आया
19:24कि मैंने अपने आपको सबसे कितना अलग कर रखा है
19:26शादी की एहमिद जाने बिना मैंने अपनी बड़ी बेटी के साथ कितना अन्याय किया
19:33जब अपनी बीवी से कहा लक्षमी हमें हजार करोड का प्रोजेक्ट मिला है
19:37तो अच्छा जी कंग्रेचुलेशन्स कहकर चली जाती
19:40कभी इसकी आँखों में इतनी खुशी नहीं देखी
19:44लेकिन जब मैंने उसके लिए मॉल में सिर्फ पांच मिनट दिया
19:47और एक आदर्श पती की तरह है
19:49एक साड़ी खरीदने पर वो कितनी खुश हुई ये मैंने परसों देखा
19:55अपनी बेटी को कॉस्टली गिफ्ट देने के लिए
19:58मैंने कॉस्टली कार दिलवाई थी
20:01तब उसकी आँखों में उतना रियक्शन नहीं था
20:04लेकिन जब उसके लिए उस परदे पर मैं ओम लिख रहा था
20:11पीली मिट्टी से, सिर्फ मिट्टी
20:14उससे पूजा करते समय जूसकी आँखों में चमक दिखी
20:21उसे मैं शब्दों में बया नहीं कर सकता
20:24एक बिजनसमेन बनकर मैं जो सबके घरों में रहना चाहता था
20:41मैं सोचता था कि अपनी बेटी को धन दौलत पैसा देकर मैं अपनी निगाहों में एक महान पिता बन जाओंगा
20:49मुझसे अपनी बेटी की शादी में सारी रस्में करवा कर पिता की जिम्मेदारियों के अहसास दिलवाने के लिए
20:55थैंक यू वासू
20:58तुम हमेशा मुझसे कहते थे कि मैं दूसरों के पॉइंट आफ यू से सोचता हूँ मुझे समझ में नहीं आता
21:03था
21:05पर इट्स जस्ट अपीस ओफ पेपर ये जानते हुए भी
21:09यहां मौझूद इन सब को बताने की जरुवत ना होने पर भी
21:14अपनों से सच नहीं छुपाना चाहिए ये सोच कर सब के सामने तुमने सौरी कहा न
21:19ये तुम्हारी संसकार की वज़े से है
21:23महान संसकार
21:31मेरे काफी सारे दोस्त मुझसे कहते थे
21:35कि तुम्हारी बेटी से शादी करने वाला खुश किस्मत है
21:38नहीं वासू
21:40मुझे लगता है कि तुम जैसा दमाद पाना मेरी खुश किस्मती है
21:46आप सब को दुखी करने के लिए मैं माफी चाहता हूँ
21:49प्लीज फगिब में माफ कर दीजेंगे अरे हरे हमारे बीच माफी कैसी अब शादी की एहमियत पहले जैसे क्यों नहीं
21:59रही रिष्टों में से प्यार इस तरह दूर क्यों हो रहा है
22:02इस बात को जैसे आप समझ गए हैं वैसे सब समझ जाय तो अच्छा होगा
22:07जिस रिष्टे में कोई लगाव नहों उसे आगे बढ़ाना और परंपराओं को छोड़ कर आगे बढ़ते रहना सही नहीं है
22:13समझेजी चलो एक मिनट पापा
22:20उस मंडब में जाने से पहले इतनी बड़ी बात तुमसे चुपाने के लिए तुमसे माफी मांगना चाहता हूँ
22:30इतनी बड़ी बात मुझसे छिपा कर सिर्फ सौरी कहोगे वासू
22:33क्या चाहती हो तुम
22:34सिंदकी भर के लिए तुम्हारा वक्त उधार चाहिए
22:57झाल
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