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Watch & Enjoy Latest Hindi Dubbed Movie S/o Krishnamurthy Scenes, Starring Sharwanand, Anupama Parameswaran on Aditya Movies.

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Transcript
00:00हरे यार यहां नेटवर्क काम नहीं कर रहा है वहां क्या हो रहा है कुछ समझ में नहीं आ रहा है और यहां क्या हो रहा है वो भी समझ में नहीं आ रहा है
00:08क्या हुआ जी?
00:10इधर हम मामी पापा को मिलाना चाहते हैं,
00:13लेकिन वो मिलना ही नहीं चाहते हैं,
00:14टाइम वेस्ट है, यहां से जाना ही बेटर है.
00:17मेरी बात सुनिये, तेवहार के बाद पापा ने बात करने के लिए बोला है न,
00:20तब बात करेंगे, अभी क्यों चिंता करते हो?
00:22जानकी जी, जानकी जी, नमस्कार बेहन जी,
00:27नमस्ते, सिताराम जी की पूजा के लिए आपने मुझे शुब मोरत देखने के लिए कहा था न,
00:30वो मैंने देख लिया है, कल बहुत ही शुब दिन है, आप चाहे तो पूजा कर सकती है,
00:35इसमें क्या बात है, कल ही पूजा कर देते हैं, पंडिजी, अभी नहीं रख सकते बेटा, वो…
00:38कुछ नहीं होगा, अरे पंडिजी, नमस्ते, नमस्ते जी, कैसे आना हो, बड़ी मा काफी दिनों से राम और सिता की शादी करवाना चाहती थी,
00:48पंडिजी कह रहे हैं कि कल अच्छा दिन है, तो मैं कह रहा हूँ कि पूजा करवालो, वैसे भगवान के काम हमारे बोलने से थोड़ी होने वाले हैं, वो चाहेंगे तो ही होगा, शायद भगवान आपके हाथों से करवाना चाहते हैं, क्यों पड़े पापा?
01:01ठीक है, जैसे इनकी मर्जी है, हो गया, पंडिजी, आप काम शुरू कर दीजी, भगया, सुनिए, आप सारे गाउवालों को बोल दीजी, पापा, आप फूलों का और मंडप का अरेंजमेंट करवा दीजी, जल्दी या, बड़ी मा, आप चाहती थी न, कि राम और सीता की �
01:31बहुत प्यासरी, जैसे प्यार करते हैं, उसे सिर्फ देखते नहीं रहते हैं, दिल की बात भी कहनी चाहिए, उसके लिए टाइम आना चाहिए, क्या, पापा, मैं अच्छी तरह से जानता हूँ, तुम दोनों के बीच पे कुछ चल रहा है, ऐसा कुछ नहीं है, वो कुरसी
02:01जोहर देखा है, हाँ, नित्या, हाँ ममी, ममी, आस्ट्रिलिया से निकलने से पहले इसने क्या कहा था पता है, अगर मेरा दिल वहां नहीं लगा, तो मैं तुरन टिकेट निकाल के आस्ट्रिलिया वापस आ जाऊंगी, ऐसी कंडिशन रखी थी इसने, लेकिन अब ऐसा लग
02:31क्या बाते है भाईया, सुभा सुभा यहां क्यों बुलाया, बताता हूँ
02:47तुम नहीं यहां पर आई हो, यह नहीं, मैं लेकर आया हूँ, शी इसन लब भी दियो, बट यह बात वो तुम से कैसे कहे इसलिए बहुत टेंशन में है, मैं जानता हूँ
03:00कि तुम भी से प्यार करते हो, अरे यह क्या भाया, सुभा सुभा आप जोक मार रहे हो, जोक और मैं?
03:08नित्या से प्यार करूँ और उभी मैं?
03:10रिश्टेदार बोलकर बस थोड़ा सा क्लोज हुआ हूँ, तो इससे क्या प्यार हो जाता है?
03:16और वैसे भी, यह कहाँ और मैं कहाँ भाया?
03:25या नित्या, चार दिन हम मिल जुल कर रहे तो उसे प्यार समझ बैठी?
03:30पर तू तो इससे बहुत पसंद कर लो, लेकिन प्यार के मामले में कभी मत करना, समझ गए?
03:42नित्या, अगर मेरी बातों से और विवहार से तुम्हें जरा से भी ठेस लगी हो, तो रियली सौरी हैं?
03:48ठीक है ना?
03:52नित्या?
04:00यह, सच बोल, तूने नित्या से प्यार किया या नहीं?
04:10बहुत प्यार किया, फिर?
04:13प्यार करना हमरे हाथ में होता है, पर उसे जीतना हमरे हाथ में नहीं है, मतलब?
04:25राजु, यह नित्या का प्यार नहीं है, इन्फाक्शुेशन है.
04:30किसी भी नई चीज को देखकर वो अट्राइट हो जाती है
04:34यहां जो कुछ भी देख रही है उसे पसंद आ रहा है
04:36लेकिन मेरी बात सुनो
04:38तुम यहां उसे दस दिन से जानते हो
04:41लेकिन मैं उसे बीस सालों से जानती हूँ
04:44तुम बहुत अच्छे लड़के हो
04:47दूसरों के बारे में सोचते हो
04:50तुम्हारे बात करने का तरीका अच्छा है
04:52लोगों की हेल्प करते हो यह अच्छी बात है
04:54बट
04:55नित्या से कोई उम्मीद मत रखना
05:00वरना तुम्हें तकलीफ होगी
05:02और तकलीफ मुझे भी होगी
05:06मैं भला आपको क्यों तकलीफ दूँगा, चांस ही नहीं है, जब आप यहां आई तो पता नहीं कैसे आई, लेकिन जाओगी तो खुश हो करी जाओगे, तुम मेरी बात को इतने जल्दी समझ जाओगे, ये मैंना एक्सपेक्ट ही नहीं किया था राजू, प्यार करने वाले �
05:36मुझे पसंद नहीं है, मैं शांती से बात करूँगा, तु चिंता मत कर, घर वालों को मैं कन्विंस करूँगा, सब को कन्विंस करने से बहतर है, कि मैं खुद को ही कन्विंस कर लूँ भाईया, चांता हूं, तु अपने आपको कन्विंस कर लेगा, लेकिन तेरे बिना वो
06:06पर पहला प्यार किसी किसी को ही देता है
06:09मेरी किसमत में ये प्यार नहीं
06:13हाई नित्या
06:35मैं ये सोचती थी कि तुम दूसरों का दर्द मिटाते हो
06:45पर दर्द देना भी जानते हो ही अब पता चला
06:50आम इंप्रेस्ट राजू आम इंप्रेस्ट ये क्या बेटी तुम इसे हनी की जग इसके नाम से बुला रही हो
06:59अनी बोलना में फूल चुकी हूँ अब आगे से कभी नहीं बोलूंगे अब मैं कुछ भी बोलू क्या फर्क पड़ता है
07:09बाई
07:13या हुआ बेटा नित्या ऐसे क्यों बात कर रही है
07:23शांती तुमसे बात करती उससे पहले मैं उससे बात कर लेता तो अच्छा रहता
07:39हर बात में मुझसे कोई न कोई गड़ड़ी हो जाती है
07:44लेकिन तेरे प्यार में मैंने कोई गड़ड़ी नहीं की बेटा
07:50क्या पापा अब भी
07:51बाइया बाभी दीदी काका जानते हो ये क्या है
07:58जिसे मा और पिता जीने साइन करने के लिए लॉयर के पास भेजा था ये वही नोटिस है
08:03मैंने पहले ही कहा था ये मिलकर नहीं रह सकते हम अपना टाइम वेस्ट कर रहे हैं
08:11सुनी? नहीं! किसी ने नहीं सुनी मेरी बात!
08:14अब अपनी आँखों से देख लो!
08:15क्या बात है? बुलिये?
08:16बोलने के लिए क्या बचाब!
08:17मेरी बात तो सुनी है! अब तक हम लोग ने तुमारी हर बात सुनी है!
08:19ए तुम खड़ी खड़ी देख क्या रही है? जाके सावान समेट!
08:22प्लीज एक बार मेरी बात तो सुनी है!
08:23क्या सुनू? क्या सुनू मैं? तुमने ही बोला था दोनों को मिलाने की कोशिश करो!
08:27कोशिष की, क्या हासिल हुआ?
08:29क्या, क्या हम नहीं चाहते
08:30क्यào ढ़ीं सात्य रहें, खुश रहें?
08:33अरे दोनों अब तक तो खुश ही थे ना
08:35किस ने कहा हम खुश थे
08:36हम खुश नहीं है
08:39अब तो बस
08:42जी रहे हैं
08:44तुम पैदा हुए थे तब हम खुश थे
08:47उसके बाद तुम जब तुम बड़े हुए तब भी हम खुश थे लेकिन अब हम खुश नहीं है
08:51फर्षों से तुम्हारी मा को मुस्कुराते हुए नहीं देखा
08:57हमेशा तुम्हारी मा के चेरे पर छूटी मुस्कान देखी ये सची मुस्कान कभी नहीं देखी
09:02ये यहां तुभारे सामने जिन्दा तो जरूर खड़ी है
09:05लेकिन इसका दिल तुम लोगों के पास है
09:08जब खाना खिलाने बैठती है
09:11तुम उससे कहती है
09:13सुनिये जी ये सब्जी मेरे बड़े बेटे को बहुत पसंद है
09:16जब ऐसक्रीम वाले की गाड़ी घर के सामने से गुजरती है
09:21और जब बच्चे उसके पीछे भागते हैं तो कहती है
09:24मेरा छोटा बेटा भी ऐसे ही भागता था
09:26कोई भी बच्ची मेहंदी लगवाने आती तो कहती थी
09:30मेरी भीटी भी जब तक मेरे हाथों से मेहंदी नहीं लगवा लेती तब तक छोड़ती नहीं थी
09:35हर दिन हर वक्त बस तुम लोगों की ही बाते करती रहती थी तुम लोगों की ही
09:41लेकिन तुम्हें बोला तो तुम लोग आते ही नहीं थे
09:43तुम्हीं बताओ मैं क्या करता
09:45इसलिए वो बेचारी दुखी हो जाती थी
09:51उसे इस तरह देखकर मैं भी दुखी हो जाता था
09:53तुम्हीं बताओ मैं क्या करता
09:55मेरे साथ तो ये वर्षों से है न
09:58अब ये तुम लोगों के साथ रहेगी
10:00जब तक ये मेरी पत्नी रहेगी
10:04तब तक मुझे छोड़ कर कहीं नहीं जाएगी
10:07किसी लिए ये सब करना पड़ा
10:08कम से कम
10:12बच्चों के साथ रहकर खुश तो रहेगी
10:15ले ज़ाओ इसमें
10:17ये क्या मा पापा इस तरह से बोल रहे हैं
10:24और आप कुछ बोल नहीं रही हैं
10:26अब मैं क्या बुलूं बेटा
10:27शादी होकर सालों कुसर गए
10:31बहुत उतार चड़ाव देखे पर
10:33कभी भी
10:35एक दूसरे के खिलाफ एक शब्द नहीं कहा
10:39और आज
10:42तुम्हारे कारण में
10:44उनसे दूर हो रही हूं
10:47और इसकी वज़े तुम लोग ही हो
10:50पर
10:55मैं जानती हूँ कि वो मुझे गुसे में तलाक नहीं दे रही है
11:00वो मुझे बहुत प्यार करते हैं इसलिए
11:02वो मुझे दुखी नहीं देखना चाहते
11:05वो बस इतना चाहते हैं कि
11:08मैं हमीशा अपने बच्चों के साथ रहू
11:11मा तुम भी उन्हीं के तरह बोल रही है
11:13आखिर हमारे घलती क्या है मा
11:14जब हम दोनों एब्रॉड से टल होना चाहते थे
11:17तब आप दोनों ने खुशी से सहमती दी थी थी न
11:19मा आप भी लोग चाहते थे थे ना
11:21कि हम लोग अच्छी पोजीशन पर पहुँचे ध्यान से सुनो
11:23हर मा बाप चाहता है कि उनके बच्चे नाम कमाएं उचाई पर
11:27पहुचे पर कितनी उचाई पर बोलो कितनी उचाई पर
11:30जहां से मा बाप दिखाई न दे एतनी उचाई पर
11:32प्लीज पापा, हम लोग आ नहीं पाते हैं, इसलिए तो WhatsApp पे फोटोज भेज़ते हैं, Skype पे बात ही करते हैं.
11:40बेटा थाली में खाना देखती रहने से पेट नहीं बरता, खाना परता है.
11:46पिधा जी ऐसा नहीं है कि हम आना नहीं चाहते, लेकिन टाइम ही नहीं है.
11:49बहु, दो दिन से तुम्हारे बेटे ने फोन नहीं किया, तो तुम कितनी परिशान हो गए थी, याद है न तुम्हें?
11:57तुम्हारे परवरिश में क्या गलती कर दी मैंने, जो मुझे ये दिन दिखा रहे हो.
12:00कल को तुम्हारे बच्चे तुम्हारे साथ ऐसा करेंगे तो तुम्हें कैसा लगेगा
12:05माबाप के पास बच्चों को खुश हो कर आना चाहिए दुखी हो कर नहीं
12:12संक्रांती पर आओ
12:16दस दिन हमारे साथ रहो
12:18उस दस दिन की खुशी को हम पूरे साल तुम्हारी यादों में ही गुजार देंगे
12:22पर तुम लोग आओगे की नहीं आओगे
12:26हमारे जिन्दा रहते आओगे की नहीं आओगे
12:29वो दुर्भाग के बन गया है हम जैसे माबब का
12:32हमारे हिटमास्तर प्रकाश्च रॉमर गए थे उनके बच्चे विदेश से नहीं आये थे जानते हो उनका
12:42दाहसंसकार कैसे किया गया जैसे अनाथों का दाहसंसकार होता है वैसे किया गया था
12:48कल की पूजा में पंडित ने आशिरवात दिया था कि 100 साल जी हो
12:59सौ साल जीने से कुछ नहीं होता है
13:02जीने के चंद पल अपनों के साथ मिल जाए
13:05बस फिर क्या उससे बड़ी खुशिया कभी हो भी नहीं सकती है
13:10और अगर ऐसे ही जीना है तो ऐसे जिन्दगी नहीं चाहिए
13:14पापा हम लोग कभी दिल करता था कि आपके पास आए
13:26लेकिन टाइम नहीं है ना बेटा हर तीसरे महिने के बाद मोसम बदलता है
13:32जो तनखुआ देता है उसके लिए चार घंटा ओवर टाइम कर सकते हो
13:39और जो तुम्हारे लिए जीता है उसके साथ बिताने के लिए चार पल भी नहीं
13:44बेटा अब हम दोनों पांच या दस साल और जीएंगे अगर साल में एक बार भी आ जाओ तो हम दोनों अपनी बची खुची जिन्दगी कुछ साल और जी लेंगे
13:56कम से कम यह मोगा तो हमसे मत जीदो
14:01मामी
14:22स्वारी पिताजी
14:25हम लोग वक्त के साथ दौरते दौरते बहुत दूर चले गए एहसास ही नहीं रहा
14:32स्खोल से आते वक्त कभी आदा घंटा लेट हो जाऊं तो मामी बहुत परिशान हो जाती थी
14:39आस्ट्रिया से आने में मुझे इतनी देर हो गई मैं समझ सकते हो कि ममी को कितनी तकलीफ हुई होगी
14:46मुझे माफ करता ममी प्लीज जब मैं गड़ित में नंबर वन आता था तो आप मुझे शाबासी देते थे तब लगता था कि गड़ित सब कुछ है लेकिन जिन्देगी का गड़ित में नहीं बढ़ पाई एम सॉरी पापा
15:01हर मादा पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे हमेशा उनके साथ रहें अब हम भी रहेंगे हमारी वज़े से आप लोग अलग मत होईए प्लीज
15:13प्लीज आप वो नोटिस वापस ले लिजे वो बात बड़े पापा को पता ही नहीं
15:19वो नोटिस मैंने भेजाया
15:27तू पागल तो नहीं हो गया बेटा तूने उन्हें क्यों भेजा ताकि इन दोनों का दर्दिये लोग समझ सके हैं
15:44आप दोनों ने घर में बात करना बन कर दिया था
15:47आप लोग घर में खामोश घूम रहे थे मैं बरदाश नहीं कर पाया
15:53मुझसे सहन नहीं हो रहा था
15:57जब से होश संभाला है आपकी आखों में कभी आँसू नहीं देखे
16:05लाइफ में फॉर्स टाइम
16:07नदी के किनारे आपकी आँखों में आँसू देखे
16:12मैं बरदाश नहीं कर पाया
16:19गाओं में कोई प्रॉब्लम हो तो लोग आप से कहते हैं ना
16:25तो आप अपने दिल का दर्द किसको बताएंगे
16:29आप अंदर ये अंदर खुट रहे थे
16:32इसलिए मेरे दिल में बहुत दुख हुआ
16:35इसलिए ऐसा किया
16:37मुझे माफ करना
16:42बड़े पापा बड़ी माँ आप लोगों की कोई जायदत नहीं मांग रहे हैं
16:48बस थोड़ी से खुश ही मांग रहे हैं
16:51अगर ये आप इन्हें दे देंगे तो ये लोग भी खुश और हम लोग भी हैं
17:03सबके खुशियों के बारे में सोचने वाला अपना दुख क्यों चुपा रहा है
17:07मुझे क्या दुख है
17:10जिस लड़की से प्यार करता है उससे दूर होकर दुख नहीं होगा
17:13नित्या से प्यार करता है ये बाद तुने क्यों चुपाई
17:16प्यार सिर्फ नित्या का ही नहीं है न
17:20आप लोगों का भी प्यार है
17:23मैं उसे चुढ़ना नहीं चाहता था
17:25बेटा मैं तुमसे पूछना चाहता हो कि तुम इसके बारे में क्या जानती हो
17:28जो इसे दामाद स्विकार करने के लिए इंकार कर दिया
17:32आप लोग अपनी खुशी जायदाद और पैसों में ढूनते हो
17:36पर ये दस लोगों की खुशी में अपनी खुशी ढूनता है
17:41तुम्हारा इससे दूर दूर तक कोई खून का रिष्टा नहीं है
17:44लेकिन फिर भी तुम सब का भला चाहता है
17:49बहुत बड़ा दिल है इसका
17:51ऐसा दामाद तुम्हें ढूनने से भी नहीं मिलेगा
17:54मैंने जिससे प्यार किया उसे से शादी की
18:02प्यार की कीमत मैं चानती हूं
18:05लेकिन तुम दोनों के प्यार को मैं समझ नहीं पाई
18:10सौरी राजू
18:12हमारी नित्या से शादी करोगे
18:16क्यों बेटी
18:19तुमने राजू से प्यार किया है
18:21उसी से शादी करोगी
18:22हैपी ना
18:23मैं राजू से प्यार करती हूँ
18:27किस ने बोला
18:28अगर ये मुझसे प्यार करता तो
18:31मुझसे बोल सकता था ना
18:35लेकिन नहीं बोला नहीं बोला तो क्या हुआ अभी बोल देगा नहीं बोलो कि मुझे निटेकर बूलाओगी
18:57और यह हुई न बहात अब जल्दी से पंडित जी को बुलाकर मूलत निकल वा ज्टेट अन्त ना रुल फुरु फुरु
19:03जल्दबाजी मत कर इनके शादी कैसे करनी है कब करनी है मुझे पता है
19:33जल्दबाजी मत करनी है

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