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दीपावली पर जानें मां लक्ष्मी की पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन सामग्री और सही विधि

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00:10पूजा करने का शुब मुहरत किस तरीके से पूजा करें
00:30विदिविधान, क्या हो सामगरी और कैसे आपके घर में धनलक्षमी अपार आए
00:36ये तमाम बाते शास्री जी लेकर आएं आज हमारे साथ तिस खास पेशकर में
00:40शास्री जब से पहले तो पूजा का शुब मुरत क्या है इस बार
00:56दो रात्र में अर्था 24 घंटे में कुल 30 मुहरत होते हैं तो इस वर्ष आप देखिए कि दीपावली का
01:04जो
01:04शुब मुहूरत है वह दो पहर के आठ तारीक की दो पहर के एक वजे से अमावश्यत इति का आरंब
01:11होगा और उसी के साथ ही कुम्भ लगन आरंब होता है तो एक बज़े से
01:17ले करके 48 मिनट एक बज़ेकर 48 मिनट तक कुम्भ लगन रहेगा उसके बाद सायंकाल में वरस लगन आरंब होता
01:25है पांच बज़ेकर
01:27चौमन मिनट से लेकर के साथ आठ वजकर दस मिनट तक ये व्रशव लगने का सुम्हूर्त इस्थिर लगने रहेगा इसी
01:36को निशीत काल भी कहते हैं चार मिनट का अंतर लेकर के निशीत काल सुरू हो जाएगा और रात्री में
01:43जिसमें भगवती लक्षमी का परिभ्रमन चलत
01:57और रात्री में बारा बज़ करके बीश मिनट से आरंब होगा और रात्री के दो बज़ करके दस मिनट तक
02:04रहेगा तो इस प्रकार से ये दीपाबली का सुम्हूर्त है
02:09शास्त्री जी बताईए कि क्या सामगरी हमें इस पूजा के लिए चाहिए होती है सभी सामगरियां यहां पर आपने लगा
02:15रखी है एक एक करके हम सभी के बारे में जानना चाहेंगे
02:17देखिए निया जी सबसे पहले में आपको बतलाता हूँ कि ये देखिए पीले रंग की मिठाई है विभिन प्रकार की
02:25मिश्चित मिठाई है ये कमल गटे हैं और कमल चुकी लक्षमी का एक नाम कमला भी है ये खील और
02:33बतासे हैं हमारी कुंडली में बतासे का प्रतिनिधित �
02:37चंद्रमा और खील का प्रतिनिधित शुक्र के द्वारा होता है जो महत्वपूर्ण है ये रक्षा सूत्र है एन बद्ध्यो वली
02:46राजा दान वेंद्रो महावला तेनत त्वाम प्रदिवगनामी रक्षे मांचल मांचल सबसे बड़ी बात ये है कि ये देखिए आपके सा
03:05प्रादू ये देखिए तेरा दिये हैं जो धनवंतरी के लिए हैं धन त्रहों दशी से ले करके और ये तेरा
03:13दिये की आरती एक एक बढ़ा करके चतुर दशी को 14 अमावश्या को 16 इस प्रकार से क्योंकि अमावश्या तिति
03:20यह हमारे जो एक महिने में 30 तितियां है उसमें
03:24अमावश्या तिति जो ही 16 इति कहलाती ये पीली सर्षों है इसे दिगर न्यास किया जाता है पीली सर्षों को
03:31इस प्रकार से आप हांत में ले करके और चारों दिशाओं में छीटते हैं
03:53इस गर में जो कुछ भी निगेटिव उर्जा है या निगेटिव तत्त उ इसमें नकारात्मक तत्त तो निवास करते हैं
04:03वो इस घर को छोड़ कर चले जाए क्योंकि अब हमारे घर में भगवती लक्ष्मी का आगवन होने वाला है
04:10और भगवती लक्ष्मी के साथ में उनकी सखी सहलिया भी आती हैं तो इसलिए अब वो इस घर में निवास
04:16करेंगी इसलिए सकारात्मक उरजा इस घर में निवास करे
04:20और नकार आत्म कुर्जा इस घर को छोड़ करके अन्यत्र चली जाए अब देखी ये हमारे पास में धनिया के
04:27दाने ये बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कुंडली में जो बुध ग्रह होता है ये धन व्यापार का प्रतिनिध्य तो करता
04:34है इसलिए धनिया अगर अरपन करत
04:37हैं देवी लक्षमी की पूजा में तो हमारी कुंडली का जो बुध ग्रह है वह अनुकूल हो करके और हमारे
04:43जीवन में उन्नती प्रोस्परटी देता है इस प्रकार एक लकड़ी की चौकी आपने रखनी है लकड़ी की चौकी की उपर
04:50एक आपने कपड़ा बिचाना है कप
04:52कड़े में आप लाल कपड़ा बिचा सकते हैं सफेद बिचा सकते हैं अथवा पीले रंग का वस्त्र बिचा सकते हैं
04:59यह बिशेष ध्यान रखना है कि जब आप चौकी की ऊपर लक्षमी और गड़ेश जी की स्थापना करेंगे तो लक्षमी
05:06का स्थान भगवान गड़ेस �
05:08जी के दाहिने हाथ की तरफ होना चाहिए कि अब पूजा की शुरुवात करते हैं किस तरीके से हम पूजा
05:14प्रारम करें ताकि धन लाब सुक्ष सम्रिद्धी और सेहत की हमें प्राप्ति हो सके सबसे पहले हम पूजा में आचमन
05:21करते हैं
05:22ओम पुनन्तमाम देवजनहा पुनन्तो हादो लिजे ओमेन वद्ध्यो वली राजा दान भेंद्रो महावला तेनत्वाम प्रतिभगनामी रक्षे मान्चल मान्चल विनायकं गुरुम्भानुं
05:39ब्रह्म्ह विष्नो महेत्स्वराण सरश्वदें प्रण ये मुझे देदेगे
05:48अब आप उल्टे हाथ में ले लेंगे चावल पुष्प थोड़े-थोड़े से स्वस्तिक उपर छोड़ेंगे ओम्मा स्रीमनमहागणा धिपतेरबहा स्रेलक्षमी नारायना
05:58भ्यामनमा उमा महेश्वराब भ्यामनमा वानेर निग्रवाब भ्यामनमा सची पुरुन्दरा
06:08अब हम पूझा का संकल्फ करेंगे संकल्प किस तरीके से बोला जाता है क्योंकि संकल्प की सुद्धी बहुत आवश्यक है
06:16अपने दाहिने हाथ मेलेंगे राइट हैंड में आप थोड़ा जल ले-ले संकल्प बहुत सुद्ध होना चाहिए
06:23सबसे पहले हम तीन वार विष्णू विष्णू विष्णू विष्णू एसा उचारण करते हैं।
06:53स्री राम राज्य अमुक नाम संबस्रे विक्रमाधित राज्यते अमुक नाम संबस्रे श्री शुवरे दक्षणाने राजगरो शेशेद ग्रहेशु जमुनाया पश्चिम तटे
07:05नोइडा उत्तर पदेशान तरगत आज तक टीवी चैनल स्टूडियो इस्थाने इस्तिते स�
07:10सत्सु एवं ग्रह गुण विशेशन विशिष्टाया अद कार्तिक मासे सुभे कृष्ण पक्षे अमावश्यायाम सुवित थव अमुक गोत्र विवासरे कश्यव गोत्रुत्पन्नाहा
07:23अमुक नाम उद्घोश्याम अपने नाम का उचारन करेंगे
07:26अमुक नाम उद्घोश्याम उपात दुरित छै पूर्वकम स्री परमेश्वर प्रीतर्जम धनधान संब्रधी आरुगता शुभलाव इस्थैरी धैरी प्राप्त करवणा करवेतुम स्वानिवास
07:39ग्रिहे अध्याहं भगवान गवरिगणपत देवता सहिताय सूर्यादी
07:45नवग्रह देवतानाम पूजनम पंच पंच लोगपाल दस दिकपाल देवी देवतानाम पूजन करवणानते भगवती महालक्ष्मी पूजनम करवाहं चा करिश्य करिश्या मिचा
07:57इसी में छोड़ दीजी तो अब हम जो है पंचोप चार पूजन करेंगे एक चार बार आ�
08:13आर्कक्यम मुखे आच्मनियं सर्भांगे इस्नानियं जलंसमर्पयामी ओम परिधाश से ईशोधाश सी कड़ाते देहीं आज
08:26ंच्छामड्र्शमी सतंस जीवाम कलस्में सतंस जीवामि शुरत हम से अभी संवा
08:57अब जो है हाथ जोड़ करके प्रार्थना करेंगे जिस मनों कामना को ले करके आपने पूजन किया है अपने मन
09:05की अर्दास लगाएंगे
09:06अम्बिघने स्वराय वरदाय सुरा प्रियाय लंबो दराय सकलाय जगधिताय नागान नाय सुरुतिय अग्य विभूशिताय गवरी सुताय गणनाध नमो नमस्ते
09:29या स्री स्वयं सुक्रतिनाम भवने स्वरक्षमी पापात्मनाम क्रतधिया म्रदेश बुद्धे
09:39शद्धाम सताम कुल जना प्रभवस लज्जा ताम त्वाम नताश्म परिपाले देविविश्वाप
09:48स्रेवन महा गणाज पते नमा गवरी गणिश देवता भ्योनमा आव आहित एक बात जल और चढ़ा दीजे आवाहित सरवेभ्यो देवी
09:56देवता भ्योनमा गणिश भगवान को अब लिजे अब भगवती लक्षमी का पूजन करेंगे सबसे पहले यह लिए उसी में छोड�
10:17अनुनी पूजयामी कमल यह नमहा कटिम पूजयामी ओम कात्या यह नंनी नमहा ओम मा जगनमा ट्रेव्य नमहा ओम बिश्व लुभ
10:29वह यह्ङण महा ओम कमल भाश नीचीन महा पतद मानना यह नमहा।
10:42यह आपने अंग पूजन किया है अब हम अश्ट लक्ष्मी का पूजन करेंगे एक-एक हल्दी चड़ाते रहेंगे हल्दी समाप्त
10:49हो जाएगी तो फिर आपने धनिया चड़ाना है
10:54अश्ट शिद्धिया हैं हनुमान चलिशा में आप पड़ते हैं अश्ट सिद्धि नव निधिके दाथा तो जो अस्ट शिद्धिया भगवति लक्ष्मी
11:02की ही सेविकां चलिए ऑम अश्ट अजीछ युदॉ
11:25आप दनिया चड़ाएंगे अब धनिया के दानेयार्पण करते रहेंगे
11:51अब अश्ट लक्ष्मी का पूजन करेंगे थोड़ा थोड़ा आप चड़ाते रहेंगे
11:55खील और बता से दोनों मिला करके
11:57ओम आद लक्ष्मी नमहा ओम बिद्या लक्ष्मी नमहा सोभाग लक्ष्मी नमहा
12:07अमृत लक्ष्मी नमहा काम लक्ष्मी नमहा ओम भोग लक्ष्मी नमहा सत लक्ष्मी नमहा
12:16ओम योग लक्षमी नमहा अईश्वर्य लक्षमी नमहा धन लक्षमी नमहा ओम बिद्या लक्षमी नमहा संतान लक्षमी नमहा गज लक्षमी नमहा
12:29और सबसे अंत मेनेहाजी आरती करनी है
12:33और आर्ती में चार बार देवी के चरणों की आर्ती करनी है दो बार नाभी की आर्ती करनी है दो
12:41बार हिर्दें की आर्ती करनी है एक बार मुख मंडल की आर्ती करनी है और साथ बार शंपूर्ण अंगों की
12:48आर्ती उतारी जाती है
12:49इस प्रकार से 14 वार संपुर्णंगों के आरति उतारने से आरति पूरून होती है और आरती का मंत्र है
13:20सबसे पहले आरती करने से पहले कुशा के द्वारा जल घुमाना है ऐसे और फिर आरती करनी है
13:29ओम जय लक्ष मी माता मैया जय लक्ष मी माता तुम को निसे दिन ध्यावत मैया जी को सदा मनावत
13:48हर विष्ण विधाता
13:51ओम जय लक्ष मी माता आरारतिक्यं प्रतिक्रहणं मंद्र पुष्पान्जली ओम यग्नेन यग्नमय जंत देवास्तानी धरवाणी प्रथवाण्या सन्नाति हनाकं महिमाना
14:08सचन्त यत्र पूरवे साध्याहा सन्त देवाह एक दंताय विधमहे वक्रतुन्नाय धीमहे तन्नो दंती प्रचोधयात
14:21महालक्षमी जविधमहे विष्णु पत्नी चधीमहे तन्नो लक्षमी प्रचोधयात
14:29भाग्य लक्षमी जविधमहे अस्ट लक्षमी चधीमहे तन्नो लक्षमी प्रचोधयात
14:37वासु देवाय विधमहे अम्रितकल साय धीमहे तन्नो धनवंतरी प्रचोधयात
14:46नाना-शुगंद पुष्पाणिय इथा कालोद्भवा निचा पुष्पाणजल र्मया धत्तक ग्रिहान श्रीपरवेश्वरा इस प्रकार से मंत्र पुष्पाणजली अरपड करनी एं सबसे
14:58अंत में परिक्रमा करनी और परिक्रमा करने के बाद अपने पूझा में परिक्र
15:16के साथ में और स्वयंभगवान नारायन के साथ में चिरकाल तक मेरे घर में निवास करना और इस परिवार को
15:23इस घर को छोड़ कर आप कभी जाना नहीं ऐसी प्रार्थना करना चाहिए तो शास्त्री जी आपको बता रहे थे
15:29कि क्या है पूजा का सही शुबूरत किस तरीके से
15:33पूजा करें कौन सी सामग्रियां इसमें शामिल करें और उनका महत तो क्या होता है अगर कोई तुटी कोई भी
15:39चूक आप से हो जाए तो पूरी माफी और शमायाशना के साथ देवी लक्षमी से ये कामना करें कि वो
15:47अपनी धन धान्ने और सेहत का जो आशिरवाद है वो आ
15:52आप पर सदेव बनाए रखें इसी कामना के साथ हमें दीजय अजाजत देश और दियां की तमाम कबरों के लिए
15:57आप देखते रहें आज तक

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