00:00तो सद्यों पूराने स्मितिया आज आयुधिया में जीवन्त होते दिख रहे हैं आपको सीधा आयुधिया लिए चलते हैं हमारी से
00:06गिश्वेता सिंगे समयमार सा जुड़के हैं श्वेता दोहजार सत्रा से दिपोट्सव के शुरुवात हुई और ये दोहजार चबेज अ�
00:17दिपोट्सव कितना बदला है?
00:47जो देख रहे हैं जहां पर इस समय सामने आप मजण देख रहे हैं रामायन का मतल एक वो राम
00:53लीला की मंडलीया दुनिया की अलग-अलग देशों से आकर यहां पर दिख रहा है और उसे देखकर राजीव ये
01:04लाजमी हो जाता है कि हम अपने दर्शूकों को अपने जो आ�
01:17हम बताते चलें क्यूंकि उनको ऐसा ही अनुभव कुछ होगा अपने घरों में बैठके आज उसका मंचन चल रहा है
01:23उसके बाद उसके साथ साथ यहां पर जो रामकथा पार्क है जहां पर मैं हूँ वहां पर रामलीला का मंचन
01:31चल रहा है पूरा नृत्य का कारिक्रम चल रहा
01:35है यहां पर और पूरी तरीके से जो उस समय उत्सव मनाया गया होगा अयोध्या नगरी द्वारा उसको आप उसी
01:43रूप में यहां पर देख रहे हैं यह दीप जो प्रजवलित करके जो वालिंटियर्स है वो जा चुके हैं लेकिन
01:49यह दीप पूरी रात इसी तरीके से टिम
02:04यहां पर आप नीचे कुछ ऐसे पक्षियों को भी देख सकते हैं बतकों का जोड़ा यहां पर देख सकते हैं
02:12जो सर्यू नदी के तट पर आकर रुका है ऐसा लग रहा है जैसे कि देखिए कितना कितना अलोकिक सा
02:18द्रिश हो जाता है यहां पर इस पूरी नहर के साथ यह प
02:34परिवर्तन की बात आप कर रहे हैं राजी उसमें सबसे पहले तो दीपो की संख्या हर साल बढ़ती गई लाग
02:41से लेकर तीस लाग तक दस साल के दाइरे में पहुँच गई है उसके अलावा जो लाइट अन साउंड अभी
02:48तक यहां की जो इमारते हैं जो बिल्डिंस थी उ
03:03इतने बड़े पैमाने पर 2100 की संख्या इस बार उनकी रहेगी तो ये कुछ परिवर्तन हैं जो सामने सामने नजर
03:10आते हैं और इसके अलावा वो जो लोगों का उलास तो रहता है अभी हालंकि यहां से जो वालिंटियर्ज हैं
03:19वो जरूर दीपों को प्रजवलित करके लो�
03:32तो पगा रही है युद्या नगरी राजीर्व बिल्कुल श्वेता पैस तस्मीर बदली है आस्था और बदलाव दोनों ही देखने को
03:40मिल रहा है और एक बदलाव जिसके हम बात करें जो आधुनिकता है आधुनिक आयुध्या को दिखाती है तस्वीरें है
03:45और आधुनिक �
03:59के साथ आधुनिक होते हुए अपने जड़ों से दूर भी नहीं हुए है तो पिछले दस सालों की बात पिछले
04:21दस सालों में आयुध्या कितनी बदल गए है वो ये तस्वीरें दिखा रहे हैं देखें से मैं मन्चन चला लगबख
04:26पच्चीस सो कलाकार
04:29अपनी प्रस्तूतियां देख रहे हैं हमने कई स्टेक्स के भी इससे पहले वहाँ पर कला देखी और इसमें भगवान श्री
04:38राम और विशिश आरती उनकी समय चल रहे हैं क्योंकि इस मन्चन में वो भगवान श्री राम वापस आ गये
04:44है
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