00:00तो सद्यों पूराने स्मितिया आज आयुधिया में जीवन्त होते दिख रहे हैं आपको सीधा आयुधिया लिए चलते हैं हमारी से
00:06गिश्वेता सिंगे समयमार सा जुड़के हैं श्वेता 2017 से दिपोट्सव के शुरुवात हुई और ये 2026 अब 30 लाख दियों
00:13से आयुधिया
00:14जगमग है लेकिन इन 10 सालों में दिपोट्सव कित्रा बदला है बहुत बदला है राजीव और मेरा भागे रहा है
00:26स्वभागे रहा है कि मैं यहाँ पर 2017 से लगतार हर वर्ष आ रही हूँ यह आयूजन जो है यह
00:32आयूधिया वासियों के उत्साह के साथ बढ़ता चला गया
00:35एक तो कीरतिमान वो था जो यहाँ पर सरकार तै करती थी लेकिन एक वो कीरतिमान था जो भक्तों के
00:42उल्लास के साथ तै होता जाता था आज जो राम के पैड़ी की तस्वीरे हम लाइफ देख रहे हैं जहाँ
00:47पर इस समय सामने आप मज़न देख रहे हैं रामायन का बतलब �
00:53एक वो राम लीला जो राम लीला की मंडलिया दुनिया के अलग अलग देशों से आकर यहाँ पर मज़न करती
00:59हैं और एक वो जो स्क्रीन पर दिख रहा है और उसे देखकर राजीव यह लाजमी हो जाता है कि
01:05हम अपने दर्शकों को अपने जो आज तक ने जो AI से रगुपत
01:23चल रहा है उसके बाद उसके साथ साथ यहाँ पर जो राम कथा पार्ख है जहाँ पर मैं हूँ वहाँ
01:30पर राम लीला का मंचन चल रहा है पूरा नृत्य का कारिकरम चल रहा है यहाँ पर और पूरी तरीके
01:36से जो उस समय उत्सव मनाया गया होगा युद्या नगरी द्वार
01:41उसको आप उसी रूप में यहाँ पर देख रहे हैं। यह दीप जो प्रजवलित करके जो वालिंटियर्�로 है वो जा
01:48चुके हैं। लेकिन यह दीप पूरी रात इसी तरीके से टिम्टिमाएं। इसी तरीके से जग मगाते रहें। उसकी कोशिशें यहाँ
01:56पर हर अयोध्या वा
02:11जो सर्यू नदी के तट पर आकर रुका है ऐसा लग रहा है जैसे कि देखिए कितना कितना अलोकिक सा
02:18द्रिश हो जाता है यहाँ पर इस पूरी नहर के साथ यह पूरे सर्यू जी की जलधारा है जो की
02:24राम की पैड़ी यह चौधरी चरण सिंग घाट यह सारे घाटों पर एक �
02:38कि संख्या हर साल बढ़ती गई लाग से लेकर तीस लाग तक दस साल के दाइरे में पहुँच गई है
02:45उसके अलावा जो लाइट अन साउंड अभी तक यहां की जो इमारते हैं जो बिल्डिंग्स थी उनके उपर प्रोजेक्शन के
02:52जरीए होता था वो LED लाइट्स के जरीए
02:55होने लगा इस साल से ड्रोन्स की संख्या जो कि ड्रोन्स पिछले तीन साल पहले ही शुरुआत उनकी की गई
03:01थी ड्रोन्स के जरीए उतने बड़े पैमाने पर 2100 की संख्या इस बार उनकी रहेगी तो ये कुछ परिवर्तन है
03:09जो सामने सामने नजर आते हैं और इसके अला�
03:25के द्रिश पूरे देश के मन में एक जगे बना चुका है हर वर्ष लोग देखना चाहते हैं कि इस
03:31साल कितनी जगमगार ही है युद्या नगरी राजीर बिल्कुल अश्वित अब तब तस्मीर बदली है आस्था और बदलाव दोनों ही
03:40देखने को मिल रहा है और एक बदला
03:59अधुनिक्ता के साथ आधुनिक होते हुए अपने जड़ों से दूर भी नहीं हुई है
04:19तो पिछले दस सालों की बात पिछले दस सालों में आयुद्या कितनी बदल गए है वो ये तस्वीर दिखा रहे
04:25हैं देखें समय मंचन चला लगबख पच्छी सो कालाकार पच्छी सो कालाकार अपनी प्रस्तूतियां देख रहे हैं हमने कई स्ट्रेक्स
04:31के भी इससे पहले �
04:33वहाँ पर कला देखी और इस समय भगवान शेराम और विशिश आरती उनकी समय चल रहे हैं क्योंकि इस मंचन
04:42में वो भगवान शेराम वापस आ गये हैं और मुख्यमंत्री योगी आदितनात उपरास शुपती राज़ पहला आपको इन तस्वीरों में
04:48लिखाए दे रहे ह
04:49सभी ने तालियां वजाकरन कलाकारों का होसला अफजाई किया है उनका होसला बढ़ाया है और यह क्या खुबसूरत लगातर जो
04:59है तस्वीर आ रहे हैं श्वेता लगातर हमारे से जुड़े हैं श्वेताम इसी की बात कर रहे थे कि जो
05:04आयोध्या का एक पुराना पन है प�
05:18तो रामलीला का मंचन भी मेरे सामने चल रहा है और वहाँ पर आप वो लेजर शो भी देख रहे
05:23हैं तो हरी अनंत हरी कथा अनंता कहा ही सुनही बहु विधी सब संता रामायन को राम जी की कहानी
05:33को कहने की विधी बदलती है लेकिन कथा कभी नहीं बदलती है वही मर्यादा
05:39पुर्शोत्तम प्रभूश्री राम जिनके जीवन का हर एक पल, हर एक निर्णे, उनका व्यवहार, उनका आचरण, उनके मूल्य, उनके सिध्धान,
05:51सबके लिए एक प्रेरणा का स्त्रोत बनते हैं, जिस कथा को कितनी भी बार सुनाया जाए, वो कथा कभी पुरानी
05:59नहीं हो
06:03और हर एक भारत वासी के लिए एक प्रेरणा बनती है, भारत की बात हम क्या करने राजीव, हम पूरे
06:10दुनिया की अलग-अलग देशों की बात कर लेते हैं, जहाँ पर राम लीला का मंचन होता है, मैं खुद
06:15जब इंडोनेशिया गई थी, वहाँ पर मैंने देखा था, क्य
06:30क्योंकि वहाँ पर पूरे साल राम लीला का मंचन चलता था, उसके बावजूद वो करते थे, सोचिए कि वहाँ का
06:35जो कलाकार जो राम जी का अभिनय करते थे, वो कहते थे कि मैं पूरी कोशिश करता हूं कि मैं
06:41उनके जैसा आचरन रखूं, भारत में भले ही अलग-अलग �
06:45भेद हो सकते हैं, अलग-अलग बाते हो सकती हैं, लेकिन दुनिया के दूसरे देश में जाकर जब आप ऐसी
06:51तस्वीरें देखते हैं, तो आपको लगता है कि क्यों प्रभुश्री राम पूरी मानवता का आदर्श हैं, किस तरीके से उन्होंने
06:59बलेदान किया, त्याग किय
07:01जबकि वो राजा थे, लेकिन एक वनवासी बनकर वनों में भटके।
07:31अतना बड़ा सफ़र हो गया, और दुनिया में गिनीज बुक वोल्ल डिकार्ड में इसका तीन बार अयोध्या में नाम दर्ज
07:37हुआ, तो यह आप दिविता और भविता भी आप समझ सकते हैं, लेकिन जो आम लोग हैं, जो यहाँ पर
07:43आते हैं, जो यहाँ पर देखते हैं,
07:46वो कुछ लोग ऐसे हैं, जो यहाँ पर आए हैं सिख दिपोट्सों में शिरकत करने के लिए, कितना बदलाव देख
07:52रहे हैं, अयोध्या में कितना बदल गया, अयोध्या में पहले तो हम कभी नहीं आए हैं, लेकिन पिछले साल आए
07:58थे, तो यह मैंने मान लिया था कि हर सा
08:01लाएंगे अपकी बार, इतना मतलब सुकून मिला था, बहुत मज़ा आया था, संतुस्टी के साथ होके यहाँ से गए, और
08:08यह माना कि और लोगों को इससे जोड़ेंगे, और जो यहाँ देखने को मिला है, शबको यह मौका मिले, अयोध्या
08:13में बदलाव आया बीते कुछ
08:43पांट, साथ, दस सालों में?
09:132017 कुछ ऐसा लगा?
09:15रिपोर्ट साथ की शुरुआ था, तीस लाक, एक बड़ा ग्रांड फंक्शन, बिलकुल, बिलकुल संतुस्ट बदल रहे है, हम इसे में
09:21लाइब तस्वीरें भी दिखा रहे हैं?