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#Aangan ep 11 Pakistani drama
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00:01प्रश्राइब प्रश्राइब प्रश्राइब ये बात सिर्फ तुम्हारे और मेरे दर्म्यान रहनी चाहिए
00:25किसी को भी पता चला
00:30और प्रश्राइब आपको कभी किसी की बुरी नजर ना लगे
00:49जमीर भया अभी तो इत्तदा है आगे आगे देखे मैं अपनी कैसी कैसी रस्मे पूरी करती हूँ
01:11क्ये का की शराफत है अमा मेरे भईया की शादी और मेरे लिए सिर्फ एक जोड़ा मुझे तीन जोड़े शाएंगे
01:17बेटा तरे अबबा का हाथ आजकल जरा तंग है जब हाला ठीक हो जाएंगे तो खूब जोड़े से लवाली जो
01:22फिलाल इसी से गुजारा कर ले
01:24क्यों क्यों क्यों गरूँ जरा इत पर भी यही पहना था अब शादी निका और वली में भी यही पहनूं
01:30मैं दूले का छोटा भाई हूँ कोई फकीर नहीं जो एक जोड़े पर पुरा साल निकाल जाओं
01:34तंग मत कर शकीर अब कहां से लओ तेरे ले कप्ड़े मेरे अबबा की खड़िया लगी है क्या आपके बावा
01:40की लगी हो है या नाओ मेरे बाप की तो कप्ड़े की दुखान है आप इसरार चार्चासे काएं कि कल
01:44जाके मेरे लिए दो जोड़े और ले आए वरना मैं शाद
01:49यहाला, जम्किया तो सुने जरा जनाब की
01:52तुझी क्या लगता है?
01:53तुछादी में शर्कत नी करेगा तो क्या शादी नी होगी?
01:56तू कौनसा मॉल्वी है जिसने जमील भहिया कहने का निका पढ़ान है?
01:59वाया बड़ा
02:00देख चमी, हमारे घर के मामले में मत बोल, वरना दिवार पर अठागे मार दूँगा
02:04दिवार पर अठागे तो मैं तो जमारूंगी, चोर का बच्चा
02:07मेरे ग्रामा फोन की सुनिया क्यों उठाई तुने?
02:09अय है
02:10क्या?
02:11देख अमा, यह मुझ पर जूटा इलजाम लगा रही है
02:14यह चोर की बच्ची सब को चोर समझती है
02:16है?
02:16चोर की बच्ची किसे का?
02:18आज तो तुझे मैं बताओ
02:20बस करो भई
02:20है?
02:21रुक जाजरा तू
02:22अमा इस चोलेल को कही रुक जाए
02:24बस भी करो
02:24एक तो तुझे लगाओंगी आज में
02:26इधर आज़ा
02:27आज़े इस भी करो
02:28मुझे आज
02:29क्या थमाल चोकरी बचा रखिये यह
02:35घर में जवान मौत हो गई और तुभारे चोचले खब नहीं हो रहे
02:38या आल्ला
02:40किसकी मौत हो गई?
02:41पहमीना बिटिया को दिल का दौरा पड़ा है
02:44मर गई है वो
02:48मजर कतार आया है
02:53त्यारी करो
02:56ट्रेन पकड़ दी है
03:12जैसे ही तुम्हारा अतार मिला
03:13मैं उसी वक्त वहां से चल पड़ा था
03:16अलांके आज
03:17कलेक्टर साथ के हां मेरी दावत भी थी
03:20लेकिन
03:21मैं उन्हें भी इतला दिये बगएर वहां से यहां चला आया
03:25खेर
03:25कोई बात ने
03:28वापे जाकर उनसे माज़रत कर लूँगा
03:31आपका बहुत बहुत शुक्रिया भाईया
03:35कम से कम मुझे यह एहसास तो है
03:37कि इस गम्मे मैं अकेली नहीं हूँ
03:42आपने खामखा जहमत की
03:46मौत
03:46जनाजे
03:49यह तो रोज रोज होते
03:53कलेक्टर साब की दावत तो कभी कबार ही होते है
03:59हाँ
03:59बिल्कुल
04:02मेरा मतलब है के
04:03अल्ला पाक तहमीना बेटी को जन्नत अल्फिर्दास में आला मुकाम नसीब करे
04:08आमिन
04:10एक फात्या पढ़ लें
04:25कैतराइन उमीद से है इसलिए वो नहीं आ सके
04:28वरना वो जरूर आती
04:31उसको भी बहुत गहरा सद्मा है
04:33गहरा सद्मा होने वाले बच्चे के लिए अच्छी बात नहीं है भाईया
04:38बहतर है कि वो एहत्यात करें
04:40हाँ तुम ठीक कह रही हो
04:43एहत्यात के मामले में वो काफी सक्त है
04:46डॉक्टर्स जो जो भी एड्वाइज करते हैं उस पे वो काफी पाबंद रहती है
05:01बस भाईया
05:03हम पे तो गम का पहार तूट पड़ा
05:06सबर करो
05:06इंशालला सब ठीक हो जागा
05:15पाच्शु यहाँ
05:16यहाँ
05:19सबर कर मेरे लाँ
05:21मेरी बेडी
05:23मैं आगया मेरी बेड़ी
05:24मैं आगया
05:25मैं आगया
05:27अश्म
05:31बीर पर लुग
05:32सुख कभार
05:32सुख करता वार्थ
05:35स मदर्म'
05:38सालस्टू
05:39के सुख करते जान।
05:45यह परपर्दिगार यह कहां का इंसाफ है कि मैं अभी तक धर्दी पर बोजबनी जिन्गा हूँ
06:00मेरे पासूम बच्चे मेरे सामदी मरे जाते हैं
06:09पहले पेटा खोया फिर पेटी और अब पोती आखिर तु मुझलाचार से क्या चाहता है मेरे मालक
06:38आखड्थ
06:39अ रड़
07:03कहा सुना माफ चमील भाईया
07:08तुम्हारी बदद्द्दा खा गई उसॉ
07:14अगर मेरी बद्वा में इतना असर होता तो मेरा बाप कपका मच चुका होता
07:19जिस से मैं देन रात बद्वा देती।
07:24तुम ना मानू मगर ये हकीकत है
07:29अब सद्मे में इसलिए ऐसे लगा रहे हैं
07:34मेरा खुदा कवाय मैंने तहमिना को कभी कोई बद्वा नहीं दी
07:38मैंने तो उसे आज तक देखा भी नहीं था
07:42तो पर किस के लिए दी?
07:46मेरे लिए?
07:46नहीं
07:50अपनों को बद दुआ नहीं दी जाती
07:54उँके लिए तो सिफ दुआएं होती
07:58कभी अपनों की घजर रिसाले में चब जाने की दुआ
08:02मैं कभी बीए पास हो जाने की मनने थे
08:09तो मुंचे ताजियत करने आई हो या नहीं है सानात गिनवाने?
08:14ताजियत करने?
08:18कबूल कर ले
08:19अब जाओ यहां से
08:23मैं कहा जाओ?
08:26मेरा और दादी का कमरा है
08:32जाना तो आपको पड़ेगा जमीर भाया
08:37लेकिन मैं कभी भी आपको जाने का नहीं कहूँगी
08:43तुम क्या कहूँगी
08:47मैं खुद चला जाता हूँ
09:12दो राते पहले
09:14वहां अंदर पीला जोड़ा पहन कर
09:18कुर्सी पर दुलन बनी बैठी थी
09:22और अकले दे
09:34अल्ला की मसलिहत और मर्जी न तुम जानते हो न मैं
09:39सब उसी का दिया माल है
09:42जब चाहे वापस ले ले
09:46यहम दोनों का मुष्टर का दुख है
09:52हर खुशी में शिरीक रहे हैं तो इस दुख को भी साथ ही निभाएंगे
09:56बड़े चचा आपके लिए खाना लियाओं
10:01हम इतनी दूर से खाना नहीं
10:06घम खाने आए
10:09बैठो
10:17जब तुम्हे आखरी बार देखा था तो तुम्हें सी थे
10:22अब तो मुझसे भी कद निकाल रही हो माशाला
10:26अमा का क्या हाल है बड़ बैए
10:29यह सुनकर उने तो बहुत तकलीफ हुई होगी
10:37तकलीफें देख देख कर सुनसी हो गई है वो
10:42पास लगाए बैठी थी कि इस जुम्हें पे अपनी सारी आउलाद से मिलेंगी
10:51जैंशायद खुदा को अभी मनजूर नहीं है
10:54तुम ऐसा करो एक हफ़ते दो की छुटी लो और मेरे साथ चलो
11:00इस घड़ी तुम्हारा अकेले रहना ठीक नहीं है
11:03कुछ समझ मैं नहीं हा रहा
11:06क्या ठीक है
11:09क्या खलत
11:20तुम मुझे काफी समझदार लगती हो बिट्टो
11:23अपने माबाब को अब इस दुख से निकालना तुम्हारी जिम्मेदारी है
11:28पूरी कुशिश करोंगी बड़े चचा
11:32अल्दा तुम्हे अपनी अमान में रखे मेरी बच्ची
11:37जमील भया क्यों नहीं आए
11:40जर अपनी होने वाली दुद्धन की कप्री थेख लेते हैं
11:50विट्टो
11:55विट्टो
11:59विट्टो
12:00विट्टो
12:00अमा
12:06विट्टो
12:06क्या हुआ
12:07मैं डर की थी
12:27याद है अब तक जिगर वो बेखरारी के मज़े
12:30दर्दे पैहम की लगावट सखमे कारी के मज़े हैं
12:37वो सकुने बेखुदी वो जल्वा हैरत फरोश
12:43वो जनूने शौक वो बेख्तियारी के मज़े हैं
12:52अबाँ
12:55आओ बेखो बेखो
12:59अबाँ आप सारा दिन यह बैठे रहते हैं
13:01घर के अंद़ भी नहीं आते हैं
13:04किसी से बात भी नहीं करते हैं
13:09तुम्हारी माले मुझे घर से दूर कर दिया।
13:13मुझे कभी समझी ही नहीं
13:27क्या सोच रही है?
13:33अपपा
13:36क्या पुमारी सारी सिंदगी
13:38यू ही एक तुसरे को नजर अंदास करते वे गुजर जाएगी
13:44मेरे बिट्टो कितनी बड़ी होगी
13:49आओ
13:51बाहर चुलते
13:53अब आप बेटे में आपके लिए चाय बना कर लाती है
13:59नहीं
14:00अभी तलब नहीं है
14:04कल मेरा इंग्रेज अफसर आ रहा है
14:07मौयने के लिए
14:09वो रात के खाने का इंतजाम कर लेगा
14:12सुबा मौयना करेगा और फिर
14:15रात को घर पे दावात है
14:17जी
14:20खुब अंग्रेजों को गालियां देते हैं
14:23और अब वो अफसर आ रहा है
14:24तो सिटी गुम है हजरत की
14:28खाली खुली नफरत करते हैं
14:30और अब खुशामत भी कर रहे हैं
14:34मैं अगर खुशामत ना करू ना तो तुम भीक मांगने पर आजाओ
14:42इसलिए में अंदर नहीं आता
14:46बीबी टी
14:48कबाब के मसाले में मिर्चें कम लग रही है
14:50और डाल तो थोड़ी
14:51अरे पागल हो गई है क्या
14:53इंग्रेज मिर्चे नहीं खाते
14:55खबरदार जो और मिर्चे डाली तो
14:57लो बताओ
14:59मिर्चों के बगर सबाद क्या आएगा
15:02खुदा समझे इन हिंदुस्तानियों को
15:04अरे मिर्च भी भला कोई खाने की चीज है
15:07इसलिए मेरी भाबी
15:09हिंदुस्तानियों की दावतों में नहीं जाती
15:11मिर्ची ले खाने जो खाने पड़ते है
15:15इंग्रेज को नफरत है मिर्चों से
15:18बेगम साहबा
15:19बेगम साहबा
15:22बेगम साहबा
15:25बीपी जी घजब हो गया जी
15:27बाबुजी ने मौइना करा था भी इंग्रेज असर के सर पर
15:29शीशे का बुल्दान मार दिया जी
15:31सर पढ़ गया उसका
15:32कहा है अबंपा मुझे जाना है
15:33आप कहा है जायंगे जी
15:35बापुजी तरस बटने में
15:37अमा
15:40अमा
15:40अमा
15:41मामा समाह लो
15:51अमा
15:52अमा
15:54अभी ना उट्ठों तो कौन जाएगा तुमारे बाप के बीचे
15:58या लाई इसन क्या होगया
16:01उसने ये भी नहीं सोचा कि हमारा क्या होगा अच्छु तू जा अपने मामू को उतार कर बना मैं खुछ
16:08जारी उतार कर दो
16:09मां राय साब को बिल्वा बेजाया आते ही होंगे
16:14दीबी वो कुसम दीदी के अपबा है जा आप बैठे मामा उन्हें अंदर बुलवा लो
16:31राम राम बेंजी आदाब भाई साब अपने दोस्त की कुर्टूतों का तो इल्म हो गया होगा आपको
16:40जी मामा ने बताया मुझे मैं जरा ठाने जाकर जानकारी लेता हूँ
16:47अब जानकारी से बात बहुत आगे निकल चुकी है भाई साब उसने अंग्रेज अफसर की जान पर हमला किया है
16:54अब इंग्रेज उसकी जान लेकर ही चैन से बैठेंगे
16:57नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं होगा आप तसली रखें मुझसे जो बन पड़ा अवश्य करूँगा भगवान की केरपा से कुछ
17:07नहीं होगा
17:10फिलहाल तो आप ये कीजिए कि मेरे भाई को एकतार कर दीजिए वो सब कुछ सम्हाल लेंगे बेजनोर के डिप्टी
17:17कलक्टर है वो जा बिटा अपने वामों का पता लाके दे दे भाई साब को जा और भाई साब ये
17:26जरूर लिखवा दीजेगा कि जल्दी से यहां आ जाए
17:29उनकी बेहन और भाई जी बहुत बड़ी मसीबत में बस गए हैं बहुत बैतर भाई जी मैं चलता हूँ
17:38कलेक्टर साब का पता मैं अलिया बिटिया से ले लूँगा राम राम
17:42ख़दा हाफिज माई से
17:48ये मामु का पता है और नीचे वाला बड़े चचा का
17:54मामो को तार भेचे याना भेचे, बड़े चचा को ज़रूर भेच दीचेगा
18:01शिंता ना करो मिटिया, मैं दोनों को तार भेच चूंगा
18:06और कोई काम हो तो मामा के हाथ कहलोा देना
18:11जिती रहो
18:11शुक्रिया
18:22ऐसी खूनी हरकते वो बाप करते हैं जिनके पीछे चार पांच बेटे खड़े हूँ
18:28अल्ला जाने कौन सी गेरत चड़ी थी मिया को के इंग्रेज अफसर का सरी भाट दिया
18:34ये भी ना सोचा
18:36कि उनके बाद बीवी और बेटी का क्या हाल होगा
18:39ये मजर भाईया वापिस आ जाएंगे
18:41सरी भाड़ा है मारा नहीं किया वो राक्षिस
18:461857 में भी एक इंग्रेज अफसर का सर भटने से घदर भूट पड़ा था
18:53फिर उसके बाद कितने इंसान तोपों के आगे आकर मरे
18:57सारा हिंदुस्तान जानता है
19:01बेबी जी खता आया जी
19:04किसका है
19:10किसका है
19:12बिट्टो के मामो का खत है
19:13क्या लिखा है
19:19मसर की बदमाशी ने एक भाई को बहन से दूर कर दिया
19:25लिखा है कि एक दा में कतल बहुत बड़ा जुर्म है
19:30और ऐसे शक्स के बच्चों की सरपरस्थी करने पर
19:34उनको और उनकी नौकरी को खत्रा हो सकता है
19:52बिट्टो
19:52पपा
20:03बड़ा लग्याँ
20:06प्रच्चों की नौकरी कि अपता है
20:28बड़ा चाचों
20:30चुप करो
20:33मैं आगया हूँ
20:37अरे बड़े भाहिया
20:41तुम्हारे माबुचान के आने से पहले आगे
20:44उन्हें तार नहीं मिला होगा
20:50आप हाथ मुदू लेजे, मैं खाना लगाती हूँ
21:00मुदूचान के लिए
21:23पूहाँ नहीं
21:25मुदूचान कर रादा
21:25झार यूट
21:34तुम तु बहुत धीमे मिजाज के आदमी हो भईया
21:40इसा क्या हो गए जिसने तुम्हे यहां पहुचा दिया
21:45छोड़े बड़े भईया
21:48बात को दोहराने का कोई फाइदा नहीं
21:53जो होना था सो हो गया
21:55मैं मैं सुनना चाहता हूं
21:58मुझे यकीन है तुम बेगुना
22:01मुझे जब खबर मिली कि मैथियू साब दोरे के लिया आ रहे है
22:06तो तैयारियां उसी दिन से शुरू हो पें थी
22:12हर एक शखस अपनी ताकत से बढ़कर मेहनद करने लगा
22:17ताकि अंग्रेज अफसर को खुश कर सके
22:22मैं भी उन्हीं लोगों में शामिल था जो पीट पीछे अंग्रेज को गालिया देते हैं
22:31लेकिन जब वो ही अंग्रेज सामने आते हैं तो जुक कर सला करते हैं
22:41मैं घर से तहमीना के हाथ के कड़े हुए खिलाफ और मेज पोश को साथ ले आया
22:48ताके मैथियू साब की इज़त अवजाएं के कोई कमी ना रहे जाए
22:53लेकिन बड़े भाईया उनकी बत्तमीजी मुझसे बरदाशनी हुए
23:01नहीं सिर्फ अपने बूट मेरी मेज पे रखे
23:06पेरी तहमीना की उस उस रुमाल के पर उस खिलाफ पर
23:15मैंने उनको अदब से कहा कि इसको नीचे रखे
23:19उताश में आए
23:21मैंने तो हराया वो
23:26जब और नहीं माने
23:34कर दो हराया वो
24:04मुझसे अपनी बच्ची की मेहनत की ये बेहुरमती परदाशनी हुए
24:15मुझे यकीन
24:18कि मैथियू आइन्दा ऐसी हरकत फिर नहीं करेगा प्रे भाई है
24:23करेगा
24:26जरूर करेगा
24:29अंग्रेज को ऐसी ओची हरकतें करने का शौक है
24:34तहजीब तो छूके नहीं गई फिरंगियों को
24:43मैं तुम्हारे लिए इस शेहर के सबसे बड़े वकील का बंदोबस्त करूँगा तुम फिक्र ही ना करूँ
24:50मुझे अपनी नहीं
24:53आलिया और उसकी मा की फिकर है बड़े बाई है
24:54मैं अभी जिन्दा हूँ
24:56जब मर जाओं तो ये फिकरें पालना
25:01अगर
25:03अगर हो सके तो
25:06आप उन्हें अपने साथ ले जा सकतें बड़े बाई हैं
25:09क्योंकि अब सरकारी घर तो नहीं रहे हैं
25:13हाँ
25:15मैं भी यही सोच रहा हूँ
25:20यहां अकेले पड़े रहने से बहतर है कि अपनों में मिल बैठेंगे
25:25ले जाओंगा उन्हें
25:28लेकिन तुम्हारे मुकदमें की पैरवी करने और तुम से मिलने आता रहूंगा
25:32इस तोरान किसी चीज़ की जरूरत हो कोई मसला हो कोई दिक्कत हो
25:38खत लिखते न भीया
25:40जी बड़े भीया
25:51चलता है
25:56फिराओंगा
25:57बड़े भीया
26:02बिट्टो को मेरा प्यार दीजीगा
26:21बड़े बहु
26:24दो दिन से तोहरा मिया नजर नहीं आया
26:27कहां गया है
26:28अल्ला जाने अम्मा
26:31कहां गए है
26:32पहले कभी मुझे बताया जो आज बताके जाएंगे कहां जा रहे है
26:36इंदुस्तान अजात कराने गए होंगे
26:39अरी चमी बटा
26:41बड़ों को मज़ाप में उड़ाया करते
26:45बड़ों को भी चाहिए कि घरवालों को बताके जाएं कि कहां जा रहे है
26:49इसरार बता रहा था
26:51दुकान पे किसी का तार आया और उसी वक्त खड़े खड़े स्टेशन को चल दिये
26:56मुझे मालूम है किसका तार आया था
26:59किसका
27:00गांधी जी का
27:00उन्हेंने लिखा कि बड़े भाईया भगवान के लिए यहां आएं और अंग्रेजों से हमें अजाद करवाएं
27:06और आते हुए अपनी दुकान से मेरे लिए धोती का नया कपड़ा भी लेते आईएगा
27:10पुरानी वाली धोती फट गई
27:13चॉप
27:15कबख तेरी जबान बहुत लंबी होती जा रही है
27:19क्यों हर्मत मजाग करती रहती है
27:22हाँ
27:23अरे इस घर में एक मैं ही तो हूँ जो हस्ती मुस्कुराती रहती है
27:29वरना तो जिसे देखो मौ फुलाए इधर से उधर खुमता फिरता रहता है
27:36खुद बूलती है ये बदसाथ
27:41किसी गनवार से इसकी शादी करवाते हैं दादी
27:44देगम साहबा की बोलती खुद ही बंद हो जाएगी
27:46अरे वाजमील बेटा
27:48बड़े पते की बाती है
27:51आप से बड़ा गवार कौन होगा
27:53आप ही मुझ से अपना निकाह पड़वाले ना
27:56हाँ
27:57पड़े आए मेरी बोलती बंद कर आने वाले
28:01खुद की शादी तो होई नहीं
28:03और मुझे किसी गवार से बांदने का मश्वरा दे रहे
28:19हाँ
28:20तुम फिक्र ना करो छोटी बहु
28:24मजर को एक दिन डिन की सजा भी नहीं होगी
28:30उसकी जगा कोई भी होता वही करता जो उसने किया
28:35उसे पहली पेशी पे बरी ना कराया तो तुम मेरा नाम बदल दे
28:41जब
28:42जब उन्होंने पहली पेशी पे रहा हो जाना है भईया
28:45तो हम अपना घर क्यों छोड़े
28:49अरे अदालती कामों में वक्त लगता है
28:54तो क्या उस वक्त अब तुम दोनों को यहीं छोड़ दूँ
28:58ठीक है भाईया जैसे आपकी मरसी
29:01मैंने मज़र के बारे में घर में किसी को नहीं बताया
29:07जो ही तुम्हारा तार मिला
29:10निकल पड़ा किसी को बताय बगएर
29:12तुम खुद किसी को बताना चाहो तो बता दे न
29:16लेकिन अम्मा को भिनक भी नहीं पढ़नी चाहिए
29:20बहुत बीमार है वो
29:25मज़र का सुन के मज़ीद तकलीफ में आ जाएंगी
29:30विक्र ना करें भाईया
29:33मैं अपनी तकलीफें खुद ही झेलूगी
29:43अच्छा आप अब हम भी चलते हैं
29:52खुदा आफिस
30:07सारा सामान रखवा दिया था न जम्मिया जी पहले ही सारा सामान तांगें रखवा कर इस्टेशन रवाना कर दिया है
30:18प्रेवी जी
30:20मिच्छे कोई वल्की हो कि लो तुम आफ करकें
30:23हमारे लिए दुआ करना मामा
30:27बिटो बिटिया
30:29मुझे फूल तो नहीं चाओगी
30:32तुमारी तरह बुलकर नहीं हूं मामा
30:36तुम्हें और
30:38तुम्हारी अफीम की डिबिया को मैं मर्त दम तक नहीं भूलूंगी
30:47विखात रायसाब को दे देना
30:49याद से
30:51कहना बिटो देकर गई थी
30:54चल ज़ए
30:55याद था
30:56याँ
31:06।
31:11याद
31:13याद
31:14याद
31:15याद
31:16याद
31:36आदाब चचा जान
31:38अब्बा का ख्याल रखिए गाराय चचा
31:40मैं उने अल्ला और अब्बा से आपकी दोस्ती के आस्रे छुड़े जाती हूँ
31:45इंसान सोचता कुछ है
31:47होता कुछ है
31:48कभी सोचा नहीं
31:50कि अचानक इतनी तबाही हो जाएगी
31:53राय चाचा मुझे आपसे एक बात कहनी है
31:56कुसमदीदी को माफ कर दे
31:58उनका कोई कुसूर नहीं था
32:00वदूदीद अचानक बात कुस्टा नहीं था था नहीं
32:24वदूद्मिया सामान अंदर रखवा दो
32:29आजाओ चोटी बहु आजाओ
32:31बिसमिल्ला बिसमिल्ला
32:32जमील की माँ
32:38इलाही मदद
32:39क्या हो गया
32:40अजाओ बेड़ी चेची
32:42चीती रहू
32:44गबराने की जुरूरत नहीं है
32:45चोटी बहु और आलिया ठके हुए
32:48इनके लिए कमरे में बंदो बस्त करो
32:50मैं तब तक सामान उत्रवाता हूं
32:53चोटी
32:56क्या हो गया
32:58खुदाया कुछ तो बो
33:01मेरे दिल में हौल उट रहे चोटी कुछ तो बो
33:06मज़र का है
33:08सब खेरियत तो है ना
33:10अरे ये बाते अंदर पूछ ले ना
33:12सारी राम लीला यहीं खड़े-खड़े सुनोगी क्या
33:16देख भी रही उनके चेहरों से परेशानी टपक रही और तुम पता नहीं क्या क्या
33:19अंदर जाओ शाबश
33:37आप अब अभी तक सो रही हैं बजिया
33:40आपने मुझे पहचाना
33:42तुम्हें कौन नहीं जानता चम्मी
33:46बड़े चचा के घर में एक ही तो लड़की है
33:49जो मुझे बजिया बला सकती है
33:51जो मेरी चोटी पहन है
33:57सूरत देखो तो कितनी मासूम है
34:00लगता है जैसे फरिष्टों ने साया किया हूँ
34:05क्या कर रही थी?
34:07आपका इंतिजार
34:10क्यो?
34:12मैंने सोचा आपके साथ ही नाश्ता करूगी
34:14ये सब तो खापी चुके
34:20तो तुमने भी कर लिया हो था?
34:22क्यों? आपके बेना क्यों करती?
34:24यहां तो किसी को किसी की कोई परवार नहीं
34:26सब बहुत खुदगर्ज है
34:28आजाएए
34:29चलो
34:35मेरे अल्ला ने चाहा है तो मज़र बहुत जल्द वापस आ जाएगा
34:39तुम बिल्कुल फिक्ट न करो चोटी बहु
34:41तुम्हारे बड़े भाईया की कॉंग्रेस में बहुत अच्छी जान पहचान है
34:46कॉंग्रेस क्या करेगी भाबी?
34:49मज़र सहाब की कुर्टूत कॉंग्रेस और बड़े भाईया से नहीं समलने के
35:19मालक मुजफर के जमाने में
35:21घी में गुंदी हुई ऐसी पूरिये होती थी कर दस दिन भी रखो तो नहीं सूकती थी
35:27बस जमाने जमाने की बात है
35:30अरे हमें किस जमाने में नाश्ता मिलेगा बुआ
35:33बाते कम और काम जादा किया करो
35:36वैसे मुझे लगता तुमसे काम शाम नहीं होता
35:38मारा भी को बंदो बस करना पड़ेगा
35:42हाँ भई ये भी जमाने जमाने की बात है
35:46चम्मी भी हमें दमका रही है
35:48सुन रही हो बड़ी बहू
35:49अब जल्दी से आलिया के लिए नाश्ता लेया हो
35:55चलो, बहाँ बैठे
35:57बुआ, दुकान जाने के लिए देर हो रही है
36:01नाश्ता तो बिचबादो
36:03बही हद होगी ये बेशर्मी की
36:05है यह मेमान भूखे बैठे है
36:08और इसरार मिया को अपने नाश्ते की पढ़ी है
36:10जब तक कुछ मिल ना जाए
36:12मजाले जो अराम से बैठ जाए
36:15भाई, इसरार मिया को तो सब वौई ठीक करती है
36:18पैजे
36:26इसरार मिया अभी तक यही पढ़े है
36:30बडे भाईया का ही कार्नामा होगा
36:32ए तो कहां जाये बिजारा आप वो, फिर दुकान भी तो देखता है
36:40वाँ भई वाँ, क्या पराठा बनाया है, बिल्कुल करीमन मुआ की खाल की तरह खुश्क
36:51नाश्ता कर चुको तो ज़रा सामान भी खुलबा लेना, जी राट से ऐसे ही बन पड़ा है
36:57एलो, यह क्या खुलबाएगी बला, जमील और शकील आ रहे हैं ना, सब सम्हाल लेंगे
37:03बिटो, तुम तो उपर ही का कमरा पसंद करोगी ना, अकेली बैट के खूब पढ़ाई करना, बैसे जमील का कमरा
37:11था वो, लेकिन उसने कहा के आलिया को दे दो