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- #hurmat
#Hurmat ep 5 Pakistani drama
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00:10मुझे बस अपने घर में नहीं रहना
00:16सीधा बोलो
00:17शादी सर पर सवार है
00:18और तुम ताबेश के घर जाना चाहती हूँ
00:20है शादी सर पर सवार
00:22कोई कुछ बिगाड लेगा मेरा
00:23एक लड़की है हुर्मत अकरम
00:26एफपी उनिवेसिटी से पेरिंटली
00:29पता कराओ कौन है
00:30कल से तुमारा उनिवेसिटी जाना पन
00:32घर पैठोगी
00:35अब वाज आखरी शाम की क्लास थी
00:37एक्जाम जोने बार ले हैं
00:38आखों में क्या देख रही हो
00:39ये सिखती हो उनिवेसिटी से
00:45ताबेश
00:49क्या सोच च्छ रो बिटा
00:52कुछ नहीं
00:54छाजो अफे मेरे पास बेठो
01:04कुछ तो सोच रहे थे
01:06मुझे भी बता दो
01:08कुछ खास नहीं बस
01:09ऐसी
01:12इसलिए मैं कहती हूँ के शादी कर लो
01:14कोई बाते करने वाली आ जाएगी न
01:16तो इस तरह से खलाओं में घूना बंद कर दोगे
01:20एक्शली मैं यही सोच रहा था
01:23के शादी कर लो
01:26मैं मजाग कर रहू हमे
01:31पहले कभी इस तरह का मजाग नहीं किया
01:34कोई लड़की पसंद आ गिया क्या
01:38नहीं नहीं
01:42या आलाओ
01:44तीस साल के हो गए हो
01:47अब यह और कितनी देर करोगे
01:50हमें मैं तीस साल का हुआ हूँ
01:52तीन सौ साल का नहीं हुआ
01:55करनूगा शादी इसमें क्या है
01:58इस घर में न सिर्फ हम दो लोग है
02:01कमस कम भी कुई दो-चार लोग तो और होने चाहिए ना
02:05अच्छा अम्य अभी बहुत रात हो रही है
02:07मैं कल सुबह दिन में करता हूँ शादी ठीक है
02:10वहाग मजाग सूचता है ना तुम्हे
02:12मैं नहीं रहूँगी ना फिर पता चलेगा
02:25अम्य
02:28आपको क्या लगता है कि कोई भी लड़की आपकी जगा ले सकती है
02:33आपके कमी बूरी कर सकती है
02:38कभी में नहीं आपने कहीं नहीं जाना
02:43आप मेरे साथ ही रहेंगी हमेशा
02:57आपेश वीटा
03:23आपेश वीटा
03:50प्लान पर फोकस करना
03:52अगर आज बिचारी बनने की एक्टिंग नहीं कर से की ना तो सारी जिंदगी बिचारी बनी रहोगी
03:55बनने की बहुत अच्छी बचारी बनने की ठीक है चलो केंटीन चलते हैं चाय पीते हैं और साथ सा तुमारी
04:01रहसल भी कराती है
04:02प्रश्व
04:06जिस मौशरे में कानून नहीं होता वो मौशरा बरबाद हो जाता है
04:14ताकत और खौःश की हवस करें आप यद्लों को नदे कम्हराई ताकत और खौःष की हा वसब शहान कोकि sticking
04:19कना भॉद्ग अपनी भीरे बच्छे के साथ करते हاج By Zeus पहो हैं आप कोम के में जारा रहें आप
04:28ही इस कौं की तखडिर बदल सकते हैं ए भी
04:30नहीं देखो, बस्तु मुझे डिस्टर्ब ना करूँ
04:36क्या में यह बैठ सकता हूँ?
04:37जी जी
04:40आज वेरेंटेंस टे है, कुछ प्राइग मिल रहा है?
04:44तेंक यू
04:51डॉक्टर इलामा मुहमद अक्बाल ने कहा था
04:53खिरत को गुलामी से आज़ाद कर, जवानों को पीरों का उस्ताद कर
04:58हमारे अगले महमान एक यंग आफिसर है
05:01नहायती काबले आइतराम, असिस्टन कमिशनर
05:04अम मैं दावत देना चाहूँगा स्टेट पर, मिस्टर ताबश को
05:07आईए सर्थ
05:13असाम लेकुम, मेरे नाम ताबेश है
05:18आपसे एक बात कर लिया है
05:19जी जी
05:20मुझे पता है, आप मुझे अपस्ट करती है
05:21मैं तो खुद समझने की कोशिश कहा रहा हूँ
05:27लेकिन हाँ, कुछ मेरे एक्सपीरियंसे ऐसे हैं
05:30जो मैं आप सब से शेयर करना चाहूँगा
05:33सची मुपत में अलोग कुरबानी देते है
05:36प्लीज आप हुरमत को सुझाए ना
05:40प्लीज
05:40मैं सको बहुत खुछ रखूँगा, बहुत
05:44स्रास मेन आपको एक बात सुझानी है
05:46हुरमत आप से नहीं, उस इंसान से महबबत करती है
05:49जो स्टेज पर खड़ाव है
05:57और वो हुरमत के कहने पर यहाँ है
06:00मुझे तो लगता है अब हुरमत के चकर में इतने अंदे हो चुके हैं
06:03कि आप इस इंसान की शकल भी नहीं पहचान पारे
06:07शायद आप सबको इससे कुछ समझ मिल सके
06:10और वैसे भी, अगर आप पहचान भी लें, तो आप इसका कुछ बिगार नहीं सकते
06:13आपका बाप नहीं बिगार सकता था, आप क्या बिगार
06:18हुरमत मेरी है
06:22मेरी है
06:25आप, आप, इतना, इतना
06:30इतना
06:37तो मेरी है, मेरी है
06:44मेरी है
06:45मेरी है
06:46मेरी है
06:47मेरी है, हुरमत
06:51यूरमत
06:52अल्या
06:53उमत
06:54I'm really sorry
06:56extremely sorry
06:58हम इस लड़के को अभी यूनिवरस्टी से नकाल रहे हैं
07:02आप आईए मेरे साथ चलिए आफिस में बैठते हैं
07:16फराज हुर्मत से महबत करता है
07:17मैं सोच भी ने सकती थी वो ऐसे बेफ करेगा
07:22तो इसने मुझ पर क्यों हमला किया?
07:24क्योंकि हुर्मत आपसे महबत करती है?
07:32क्या? इस बात का क्या मतलब है?
07:35आप जानते हैं इस बात का क्या मतलब है
07:36और वैसे भी महबत करने पर कोई कानून लागू नहीं होता
07:40महबत करने का हक सबको है
07:45जा रही है आगे बढ़के रोक ले
07:48इतनी महबत करने वली लड़की आपको दुबारा नहीं मिलेगी
07:52मुझा लगता है कि आप फिल्में बहुत जादा देखती है
08:26एक्स्ट्रीमली सॉरी हम इस लड़के को अभी युनिवर्स्टी से निकाटा है
08:41महबत करने पर कुछ आनू लागू नहीं होता महबत करने का हक सबको है
08:49जा रही है आगे बढ़के रोक ले एक्स्क्यूज मी एक्स्क्यूज मी आप ताबिश है
08:56सॉरी आप ताबिश है
09:04आप मेरे हीरो हैं मुझे पता है पहन नहीं है
09:08क्या पता कल आपसे मुलाकात हो ना हो
09:11प्लीज
09:18अंदी हो गया
09:31अंदी हो गया
09:32परमत ये रोती भी शक्तल बनाने से कुछ नहीं होगा
09:35देखो मैं तुम्हारा तुक समझ सकती हूँ
09:39अल्ला ने सारे रोगी मेरी नसीब में लिखती है
09:42समिस्टे खतम हो है
09:43घर बैठने के दिन थे लिखे
09:45तुम मत आती
09:45क्यों आयो पिर
09:46मिंते करके बुलाया है
09:48अब नख्रे कर रही हो
09:49तुमसले का हल निकालने के लिए बुलाया था ना
09:51मजाक उड़ाने के लिए नहीं
09:53यार मेरे पास जितने हलते मैंने बता तिये
09:55तुम्हारे उस ताबिश को सभगाने की भी कोशिश की
09:58लिकिन कोई फरक नी पड़ा
09:59अब मैं क्या करूँ
10:11हुर्मत वो देखो ताबिश
10:15मुरालो मजाग
10:17देखो तो सही
10:25अब
10:27असलाम लेकूम
10:28असलाम लेकूम वारेकूम
10:32कैसे हैं
10:33मैं ठीक वाव कैसे हैं
10:36ताबिश भाई बैठे आप देखी में
10:38हम लोग आते हैं
10:45मेरा ओदा है मुझे
10:46इस तरह युनिवेस्टी में बैठके
10:49कॉफी पीने के इजाज़त में देता
10:53मैं अच्छली आपसे ज़रूरी बात करने आया हूँ
10:57बोले
11:01अगर आप मुझे पसंद करती है तो
11:02आप मुझे खुछ से भी ज़्यादा पसंद है
11:16ठीक है तो फिर कल मैं अम्मी को आपकी खेर रिष्टे के लिए भीज़ दो
11:27कल मुला क्यात होती है
11:31अलाफ्स
11:31अलाफ्स
11:35सिद्धा शादी कर रहे है यह तो प्योर जेंटल मैं निकला बुल शादी मटेरियल
11:41अलाफ्साद तुम्हारी मुझे से हुआ है तुम्हारा तो जैकपॉट लगगे है
11:45मुझे यकीन निया रहा तावज ने मुझे प्रपोस किया
11:48अलाफ्सादे लगडे कि लगगे नियारा लगता है लगटा है थुम्हारी सारी मुझेलों का कॉंपंसेशन तुम्हे दे दिया
11:55रबाइट को बाइट को बाइट को बाइट को बाइट को फॉन कर रहा था था फॉन नहीं अठा रही है
12:22किस भाजी को फॉन कर रहे है
12:24अक्रम भाई भाजी आप की बेगम फॉन नहीं � 으टा रही है पिज क वाले से बात करने थे
12:31मेरी बेगमबह तू क्यों फॉन कर रहा है
12:40अक्रम भाई बाबी फॉन कर दी है बेटी गे पेंट आप आपके उकाथ बताने के लिए
12:45मैं नंबर दोने, किस नंबर शकॉद करती है?
12:48मैं नंबर भेज दे तू, लेकिन वो मेरी फीस
12:51फोन नंबर भेज तू
12:52अजी अच्छा
13:41मैं अच्छा
13:50नफीशा नफीशा नफीशा नफीशा नफीशा
13:59ताबिश साब आप यहां खेरियत
14:01आप अपनुछ जानते हैं
14:04सराप को कहा नहीं जानता हूँ
14:08भाई साब मैं ताबिश की वाल्दा हूँ
14:11अच्छा साव ने कौन
14:13आप लोग बेटें तीज़ खड़े क्यों है
14:19सबसे पहले तो भाई साब माज़र चाहूंगी
14:22कि हम लोग बगहर बता ही आगए है
14:26दूसरा यह कि एरार ताबिश का और कोई है नहीं
14:29तो इससे मैं ताबिश कोई अपने साथ लेकर आई
14:32नहीं बहुत अच्छा किया आपने ताबिश से कौन वाकिफ नहीं है
14:37इसने जो शेहर के लिए किया है सब जानते ही है
14:41आपका अपने ही घर है
14:44बहुत शुक्रिया
14:48हम दरसल आपकी बेटी हुरमत के बारे में बात करने के लिए आई है
14:58हुरमत के लिए क्या बात करना है
15:01वो हुरमत की सहेली है ना काइनात
15:04मेरी दोस्त की बेटी है
15:06उसने बहुत आरिफ की है
15:08हुरमत के किरदार की उसकी तर्बियत की
15:10तो मिल्वाइंगे नहीं विसे आज हुर्मत से
15:25वो क्यों जी खेमार रहे थे?
15:26कुछ नहीं कुछ नहीं है जर बुला रहे हैं
15:28अब बू?
15:29उन्हों नहीं कहा है
15:30क्या कहा है?
15:31अज़
15:34अरे?
15:38असाम निकर
15:42कितनी प्यारी बेटी है
15:43बिल्कुल अपनी अम्मा जैसी है
15:45आओ मेरे पास बेटो
15:53शर्मा रही है
15:57जब से खुर्मत पैदा हुई है
15:59तस इसी का सोचा है
16:02दिन रात इसी की हिफाज़त की है
16:05अपना आप तपूली गए
16:10मैं समर्सकती हूँ भाईजी
16:13आलाद की तर्वियत बहुत बड़ी जिम्मेदारी है
16:15और इस माशरे में आलाद अगर बेटी हो तो जिम्मेदारी और बढ़ जाती
16:29ताबिश के वालिद साहब
16:35उनकी काफी अर्शा पहले वफातों की थी
16:41अच्छा भाई साब
16:43हम खांदानी लोग हैं
16:45आप जहां से चाहें हमारे बारे में तहकीक कर सकते हैं
16:49हम सोच समझ कर फैसला कर कर आएं हैं
16:52खर्मत बेटी के लिए
16:53और यकिन कीजे अगर आप मेरे बेटे ताबिश को
16:57हुर्मत की हिफाज़त के सिम्मेदारी दे देंगे न
16:59तो ये अपनी जान से ज्यादा
17:01आपकी बेटी की हिफाज़त करेगा
17:05ताब शिकाब्दियत पर पूरा परोसा हैं
17:17अरे
17:19वाश जर्मीली बच्चिया आजकल ऐसी बच्चियां कहा है
17:23लेकि मुझे एसास है कि आप लोगों को सोचने के लिए वक्त नहीं मिलाए
17:29तो आप वक्त ले लीजिए
17:31सोच समझ कर हमें जवाब दीजेगा
17:34हमें आपके फैसले का इंतसार रहेगा
17:37बहन जी सोचने की क्या बात है
17:40ताबिश की कवाई तो सारा शहर देता है
17:43मुझे कोई अतराज नहीं है
17:48बहुत बहुत शुक्रिया भाई साब आपका
17:50फिर तो मुबारक को आपको
17:51मुबारक को बिटा
17:58अल्दा ने बहुत बड़ा करम किया
18:04देखा ये फायदा होता है अच्छी तरबियत
18:08उसकी सहीदी ने भी उसकी गवाई दी
18:12कल्दा का शुकर है
18:15पिर ताविश तो बहुत मिशूर अफसर है
18:18एसी है भी
18:21एसी होता क्या है
18:25असिस्टन्ट कमिशनर
18:28तो रशेहर चलाता है
18:31तरक्की हो तो फिर
18:33डीसी बन जाता है
18:36डेप्यूटी कमिशनर
18:38फिर कमिशनर
18:40हर साल उनकी ताकत
18:42बढ़ती ही जाती है
18:44और पिर तो बहुत मशूर अफसर है
18:47कहा तक जाएगा कौन का सकता है
18:51लाने बहुत करम किया
18:59हुरमत के वैनवाले को तुम फोन करती थी
19:05मेरे पास तो फोन ही नहीं
19:07पर कौन करता था
19:09अबू काइनात मेरी दोस्त
19:18वैनवाले को क्लासिस की टाइमिंग्स का बताना होता था
19:21और अपने ऐसार डराया हुआ था कि
19:26बता नहीं सकते थे
19:28तो काइनात की अमी बनके उनको बता देती थी
19:51तुमारे बाबा ने किसी कहा फॉरल से रहा करती
19:53मैं खुद हैरान हो गई थी
19:55ताबश की अमी ने ओला आपको जितना वक चाहिए आप ले ले ले सोच ले
20:00अबबूने आगे से बोला हमें तो वक में चाहिए
20:03ताबश की गवाई तो पुरा शहर देता है हमें कोई अतराज नहीं है
20:07उसी बहुत अवैसे
20:09आम सी बात है, ताकत के आगे तो बड़े-बड़े बादश्या पेगल जाते हैं, फुर्मत की अबबू तो फिर मासूम
20:14से हैं, मेरे बाबा कहते हैं, ये महबत, तालोग, ताकत के आगे सब धेर हैं, महबत बिना सिर्फ कुछी केसे
20:22में अंधी होती है, वरना महबत की पूरी �
20:24चार आंखे होती हैं, सारा हसाब किताब करके होती है, मेरे केस में अजब लकुल भी नहीं है, मैं दोक्यूमेंटरी
20:29देख थे हैं, दो मार्खोर होते हैं, उनको एक फीमेल मार्खोर से महबत होती है, दोनों उसके लिए लड़ते थे,
20:34लहू बहाते थे, एंड में एक मर जा
20:55लूजर से याद आया, वराइस केसे, ओ गॉड़ नाम ना लो, साइको का, तुम दुनों को पता, एक लड़की मुझे
21:01बदा ली थे, जिसे मुल्टिफल परसिनलिटी डिसॉर्डर है, उसके अभी ने थाने में रिपोर्ट्स तिखा कर ना उसको निकलवा दिया
21:07है, चलो शु
21:24जाओ, एलो, चलो, ही जाओ, जूपाई पतो जी दूढ़ दोगी येगिजर है
21:48आँ साओे लेको. वेको में से नाम
22:12शुक्रिया शुक्रिया किसलिया दर्वाजा कोलने के लिए ये तो मैंने सारी जिंदगी करना है आप हमेशा शुक्रिया भोलेगी
22:28आप डर रही हैं आप इतने तेज कैसे हैं मेरा काम ही कुछ ऐसा है तेज होना पड़ता है अच्छा
22:41आप ये बताएं कि कॉफी पियेंगी या खाना खाएंगी
22:49पहरे खाना भे कॉफी दा चलो बेल पहले
23:01मैं पहली दफ़ा किसी शक्स के साथ ऐसे रेस्टरांट में आके बैठी हूँ
23:06इसलिए इतना डरी विए थोड़ा सा खाब सा लग रहा है आप मेरी फैमिली से मिलके कैसा फील करें
23:15अब जब से आपके साथ जिन्दगी गुजारने का सोचा है तो जिन्दगी अच्छी सी हो गई है
23:28मैं खुद को बहुत लखी समझती हूँ क्या आप मुझे मिले
23:34आप मेरी नंबर व़न है अच्छा नंबर टू कौन है अम्मी
23:44खुरमत आप से ना मुझे बहुत प्यूर वाइबस आती है
23:52मैं जब आपकी तरफ देखती हूँ तो इससे लगता है कोई खुआप देख रही हूँ
23:58डर लगता है आंख ना कुल जाए आप बहुत एग्जाजरेट करती हैं
24:04नहीं मैं सच अपनी काफी प्यो ना
24:11मैं सच कह रही हूँ
24:13मैंने ना खुआबों ख्यालों में कहीं दफ़ा ऐससे बैठके आपके साथ बाते की है
24:18रिली? स्ट्रेंज इतने पक्के विजूल खुआब आते हैं?
24:23हम लड़कियों को आते हैं
24:26दिन राद चार दे बारी में बंद रहने के बाद
24:28हमारा दमाग हमें कहानियां दिखाता है
24:32और हम देखने लगते हैं
24:34इमाजिनेशन इतनी स्ट्रॉंग हो जाती है
24:37कि हम सब देख लेते हैं
24:42खुर्मत
24:44मैं आपको ऐसे जिन्दगी दूँगा जिसमें आपको ये
24:46जहन के बनाईवी कहानियों में जीनाना पड़े
24:50ये कि आपकी कहानियों को हकीकत बना दूँगा
24:59आपकी कॉफी ढ़ने हो जाएगे
25:15तुम्हारा साथ वाक्स कैसे गुजरता है पता है नहीं लगता
25:18मुझे भी
25:20अब हाथ तो नहीं कापते
25:23आथ प्राइक दिखाओ
25:26कट
25:28तुम्हें किसी से तरने के जरूरत नहीं है
25:30किसी से नहीं, होगे?
25:32आप में दूप
25:34कर्ड़ी
25:37आप नहीं आपस
25:39आपस
25:58किया वो?
26:01I love you
26:05I love you too
26:23वक कैसे गुजारते हैं भाईजी?
26:25यहां के अकूमध बजब शेयर का बहुत अच्छा खाल लगती है
26:30बहुत अच्छा वोगत गजब रहा
26:32नहीं फिर भी
26:34अपनों के ख्यार रखने में और
26:35दूसरों के ख्यार रखने में फर्क तो होता है
26:38असलाम लेकूम
26:39और मता यह
26:41जी जी वही है
26:43बात खरो
26:47अशलाम लेकूम ताया जान
26:49वालेकूम असलाम बिटा
26:51कभी याद कर लिया करो
26:52ताया जान
26:53रोज याद करती हूँ आपको
26:56लेकिन इंटरेनेट वाला फोन नहीं है
26:58ऐसलिए आपको कॉल नहीं कर सकती
26:59ठीक है?
27:00मैं अक्रम से कहता हूँ
27:02तुम्हें फोन ले देगा
27:04नहीं नहीं ताया जान उसकी बिल्कुल जरूरत नहीं है
27:06जरूरत है बिटा
27:09और वैसे भी
27:10इस गर में तुम चंद दिन की मेमान हो
27:14मारे खाईशे पूरी होनी शाहिए
27:16मुबारको
27:18शुक्रिया ताया जान
27:19अगर आप ना होते तो मुझे
27:21जिन्दगी की समझी ना आती
27:24बिटा जिन्दगी इसनी असानी से समझने आती
27:27मैं जब समझ आती है न
27:29तो जिन्दगी बदल जाती है
27:32सही कह रहें
27:33मेरी जिन्दगी तो बहुत बदल गई है
27:37अच्छे बात है बिटा
27:39तब डीली बेतर होती है
27:43पिटा वो नींद आ रही है इंजेक्शन का हसर है तुम दर अकरम को फोन दो
27:51ठीक है पाहिजा लाफिज अलाफिज पिटा अबू जी दिरो
27:56जी बाई जी हो कम अकरम वो माजी जाजकल पाकिस्तान में है पाकिस्तान में क्या कर रहा है
28:05अबूजा में को चैरिटी इवेंट है उस सिलसे में आब तुमसे मिलने दरूर आएगा
28:10अच्छा अच्छा ठीक है अलाफिस अलाफिस अलाफिस
28:21अब आप अब इस तर पर पढ़ा है और ये पहाड़ पर चुड़ने है
28:26सोशल वायर करने है तो अपने बाप की खिद्मत करना तर नहीं आज की नसल को होता गया जा रहा
28:34है
28:39ठंडी है
28:56है
29:24कि मिलन Lost
29:33मुबारक वो आपको भाई साब
29:34आपको यह बात मुबारक
29:36भाभी जी आपको भी बहुत-बहुत मुबारक
29:39मुबारक विटा
29:41मेरी बहु को भी बहुत मुबारक
30:01रूपी करिया यहां को है ओर फिर गए दो है वापिस कुछ जा रहा है
30:11कुछ दिनों तक है यह वैसे जिपना भी मैं पने मुल्क को बरा बला कहला हु नहीं यह से वापिस
30:19जाते वक्त दुख्सा होता है नहीं रूजाना सोचता है
30:22कि मैं आज चरा जाओंगा है, कल चरा जाओंगा, लिकिन दिली नहीं करता है या है, दिल्द तरे सामने ही
30:27बैठो, सब्सक्राइब, अपने मुल्ट चैसी जगा कोई होड ही नहीं सकती, बेशक, इनो, अच्छा खेर मुझे उसके बारे में बता
30:37वो, लिप्सिक मुली रड़क
30:39क्या बन है उसका, कुछ अपडेट्स है, कैसी अपडेट्स, मिलने आई थी, मिलने आई थी नहीं, मिलने आई थी, इजद
30:54कर भाबी है तेरी, भाबी, इती ज़दी, हाँ मेरे मंगनी कर लिया, मंगनी, तुने मंगनी कर लिए किस से,
31:06कुर्मत से, कभ भाई और मुझे बताया भी नहीं, I know man, I'm sorry, या सब कुछ अतना जल्दी हुआ
31:16कि, honestly मुझे मुझे मौकाई नहीं नहीं, परना मैं तुझ से कुछ शुपा सकता हूँ, तु ड्रामे लगाता था ना
31:22तू, शादी नहीं करूँगा, शादी नहीं करूँगा,
31:25अब समझाई है मुझे, चुनको की लड़की मिलनी ही नहीं थी, अब जब अक एक मिल गई है, तु नहीं
31:30सचा के अंगुठी लेकर उसके पास चला जाओं है, लड़की नहीं, बाभी, मेरा शुक्रिया दा करो, उस्तानी मानती हो ना
31:40पर, उस्ताद दो होत, कैसे स्कीम काम �
31:44स्चीम की लाइभ시 है. नहीं पूरे खोग है. भी अब तो पर क्या सबुद् Like कि इसकीु कर थे लेता
31:52है. बात, पूराब काम शुद् Like आ भी कशलरी ता रखे ल्यारा-व्चु क्रुम, काम शुक्त बात, जो मेरी तो
32:05अब प्लान पर उरन करके होता प्लान है? जो सब आल म
32:12अब तो तु मार भी सकती हो
32:14और मुझे अच्छी ताबर से मोहबबत है और उसकी ने प्री जान भी दे सकती है
32:18अच्छा
32:19अच्छा
32:20अच्छा कुछ और करते हैं
32:22चलो चाय मंगाते
32:23वजाना
32:24चाय में लेकरा
32:25तुम दुरों हमेशा मुझे ही भेजते हो
32:28सान्विच में
32:39आजये
32:45जी अब
32:48ये तुमारे दिया
32:56शुक्री अबो
33:01मैं तुमारे साथ
33:02बहुत सकती की लेकिन
33:06मेरी नियत सिर्फ
33:08तुमारे हिफाज़त की थी
33:14हाँ अगर कई मुझे से कोई गलती हो गई हो
33:16कोई कोताही हो गई हो
33:18तो मुझे माफ कर देना
33:22भूल जाना
33:26माफ कर सकती हूँ अबू
33:29भूल नहीं सकती
33:39मेरी युनिवर्सिटी में इसी लड़की के अबू ने
33:42अपनी बेटी पे इतनी सकती नहीं की जितनी आपने मेरे पे की
33:46मेरी नियत सिर्फ मैं और मेरा अल्ला जानता है
33:52एक तुम पी समझ जाओगी
33:53नहीं समझूंगी मैं
33:55कभी नहीं समझूंगी
33:57पाप से किस लेज़े मैं और क्या बात करती
33:59अमीर लेज़ा गलत हो सकता है लेकि मेरी बात गलत नहीं है
34:03किल बात नहीं
34:07अब यह मेहमान है
34:11और मेहमानों की बात का बुरा नहीं मानते है
34:18सोजाने तो इससे
34:29खामन मिर किया तो बाप का रुदबा मत भूल
34:34सबान को लगाम दे
34:49अरक से पूँचो इसमें खाम ही क्यों नहीं पाता