00:08मैं अभी खड़ा हूं बेमिना के दुर्बल लोकालिटी में जहां पर कल रात को एक आग का वाकार नमूदार हुआ
00:15और जिसमें तक्रीबन 60 से ज्यादा जुगियां जो आप मेरे पीछे हैं ये जल गी है इन जुगियों में काम
00:22कर रहे हैं मजदूर उस वक्त सो रहे थे जब
00:25आग नमूदार हुई और कुछी महस कुछी घंटों में ये पूरा जो यहां दुर्बल एरिया में जो जुगियां थी सब
00:34की सब खाक में तब्दील हो गई और लोग जो मोसली नॉन लोकल से दिली के रहने वाले मजदूरी करते
00:42हैं और यहां जुगियों में रहा करते थे �
00:47जुगियां चोड़कर अपनी जान बचाने में लगए हमारे साथ मुझूद है कुछ ऐसे व्यक्ति जो उस वक्त मुझूद थे इस
00:56इन जुगियों में जब यह आग जाहिर हुई तो हम कोशिश करतें बात करें कि इन से और जानने की
01:02यह आग कैसे निमूदार हुई आपका
01:14उस सो गए आग बढ़ गया आग बढ़कर लगया फिर सिलेंडर मागला स्रिंडर बास्ट वह न तो दो बंदे मर
01:20गये तो इस यह जो दो बंदे मर इंकी शीनाक्त क्या इनकी पहचान के बार में आपको कुछ बता है
01:27यह दिल लीक तो मेरा मामा का लटका है एक दोस्ते हैं �
01:33परिवार भी थाए नाइए नाइए नी तो इन जूगियों में कॉन लोग रहते थे और कितने तेहराद में लोग रहते
01:41थे यहोगा
01:51तो कितने लोग कितने व्यक्ति बेगर हो गई है इस आग की बारदान में पचास साथ बंद बेगर हो गए
01:58पचास साथ तो आपका ये कहना है कि ये आग अपनी ही कोताही की वजा से किसी ने आग जला
02:06दी थी
02:07अपनी के लिए आग जला तो अजो गठी जलाता तो आग भड़ गया उनने पता भी नहीं चला फिर आग
02:14लग गय तो आपकिस आप मज़्दूर है या आपका कोई यहां बिजनिस है कोई चोटा-वाटा कवाड का काम करते
02:21है चैखा सब जल गया कुछ भी नहीं रहा
02:28जिसमें सोते हो भी नहीं, कुछ भी नहीं रहा बरतन बांटे सब जल गया, विस्तर विस्तर कुछ भी नहीं, अब
02:33जो सोगा रात को भी नहीं
02:34जी सेर, जैसा कि हमें कल रात को पता चला कि ऐसा ऐसा इंसिडेंट हुआ है, हमारा जो आवट्सकर्ट्स में
02:42ये बिचारे यहाँ पे उनका एक शेल्टर था, हमें 11 बजे एक न्यूज आई, हमारा एक कॉमन वाट्सप ग्रूप है,
02:48उसमें एक मैसेज आई कि ऐसे जो यहाँ �
02:50कॉमन शेल्टर लेके यहाँ पे लोग है, वहाँ पे मतलब आग लगी है, तो हम उसी टाइम पे हमारा यूद
02:56जो है, वो इस स्पॉर्ट पर पहुंचा, उन्होंने अपने एंड से जितना भी हो सकता था उनके लिए, हमने किया,
03:02हमारा यूद जो है, उन्होंने पानी लाना
03:06स्टार्ट किया, उन्फॉर्चनेटली डूट जो इनका शेल्टर का जो स्ट्रक्चर था वो वुड का बना था और वहाँ पे बहुत
03:14सारी मतलब लगडियों की चीज़े थी, जिसकी वज़ा से आग अनकंट्रोलेबल हुई, हम लोकल यूद उस आग को कंट्रोल नहीं
03:22कर प
03:35थे, वो इसमें बिचारे मतलब मर गए, तो, लोकल्स की तरफ से कितना सपोर्ट मेरा है, सर, जैसा कि आप
03:43दे सकते हमारा यूद जो है, वो कल रात 11 बजे से ही, इसी इंसिडेंट की स्पोर्ट पर मोजूद है,
03:49चाहे वो अभी खाने पीने का इंतिजाम हो, या ब्लैंकेट
03:54का कबड़ों का, क्योंकि इनके इनके बहुत सारे बच्चे है, अभी सर्दिया चल रही है, तो हमने अभी अपने एंट
04:01से दुर्बल का जो यूथ है, उन्होंने अपने एंट से अभी कबड़े जमा किये, उनके लिए लाज़ प्रेपेर किया, इन्शाला
04:08जितने भी दिन �
04:09इसको लगेंगे, जब तक कि ये दुबारा रहाबिलिटेट ना आओ, तो तब तक हम अपने एंट से इनके लिए लांच,
04:16चाहे लांच हो, डिनर हो, या जो भी खाने पिने का सामान हो, या कबड़े वगएर हो, हम उनको अपने
04:21एंट से इनको देंगे, तो फाइर फाइर �
04:34जब इसके पॉइंट पर पहुंचे जब बहुत ज्यादा आग बढ़ गई तो अचानक वहां पर ब्लास्ट भी होने लगे, उसके
04:41लिए जो यूथ था हमारा, जाहे यहां पर जितने भी लोग मुझूद थे, उनके लिए मतलब उनके लिए थोड़ा सा
04:47मुश्किल था कि इ
04:52लिए सिलेंडर था जो यह गर फास्ट नहीं कि और उनकी जो मतलब फे लूै क्रीब, अगरrings करीब जाते तो
05:14one लोग जो आसवासट थे, उनमे से कोई केglich की हो जाती है
05:19लबक सारे 11 से 12 बजे तक इदर से शोर आया जो आग लग गए हम सारे निकल के बाहर
05:26आ गए
05:26देखते देखते दो मिनिट भे नहीं हुआ सारे जल गया अधर दो आदमी फस गया था उनका डेट हो गया
05:33हमें पता ही नहीं चला हमने चुछ आप निकल गया
05:36सारे बाहर आका बचे बचे लेका कुछ भी नहीं निकल सका घर से सारे आख में लपट में आ गया
05:43गैस बेस सारे फट गया उदर से फिर हम बाहर आया फिर उन दोनों का पता नहीं चला
05:50फिर हमने सब से पूँछा फिर पता ही नहीं चल रहा था पर अफिसर को बोला फिर उन्होंने फोन करके
05:56देखा उनका फोन बंद था फिर हमने इधर से सारे आग बुजा के फिर अंदर आया सबने फिर देखा डेड
06:04बॉडी अंदर ये
06:05तो कितने लोग थे तब इस इस इन जुवियों में लगबगा तीस पे तीस लोग होगा इसके अंदर था बचे
06:15बचे सब को लेके तो कितना मुश्किल हुआ कि आग की लब्डों से बच्चों को बचाते हुए यह बहुत-बहुत
06:22मुश्किल हो गया था क्या वो लूग घर के �
06:24आंदर समान बबन खाने का चीज में सब कुछ लिए कुछ दा कुछ भी नहीं निकाल से अगा जिए फैसर
06:29बैसा सब खुछ गया यहां जो रहते हैं व्र्ट तो पर रहते हैं वे हम तो नहीं है नग बस्द्ट
06:40जगह से रहते था इथ
06:42तर हमें उतना भी नहीं पता है क्वान की हिदर से हैं तो फायर डिबाटमेंट से या पुलीज से कोई
06:49आया मौके पर उपायर सर्विस आ गया था पुलीज भी आ गया था सारे आग बुजा इधर से नहीं जला
06:55उधर सारे राक हो गया।
06:58तो व्यक्ति मारें इनके बारे में बता सकते हैं ये कून थे हाँ ये के हमारा मामा ससूर है उनका
07:03बेटा दो दिन के लिए घुमने आया था इदर को पारा से वो बोले थे हम इदर भाई के पास
07:09दो दिन घुमेंगे फिर आ जाएंगे बाप पर और दूसरे का पता है नहीं उस
07:28था इदर फिर रात को इसके पापा को कॉल किया पा उसके पापा को बोल रहे थे हैं मुझे यहां
07:34पर अच्छा नहीं लग रहा है मैं घर जाओंगी उसकी पापा ने बोला मैं सुबह आ जाओंगी तुझे लेने बस
07:39सुबह तक कि यह सारा खतम हो गया इनकी आयू क्या रही
07:58नहीं है अब सरकार से गुजारिश है वो थोड़ा मदद कर देगा तो अच्छा होगा हम रपस पैसा भी नहीं
08:04बचा जो हम दूसरे जगह में जाएंगे दिली में जाके बसेंगे उधर तो कुछ भी है ही नहीं
08:10इतना जो हमने यहां देख लिया मोकी पर बिलकुल फ्लाइटन हुआ है अभी भी इस राक के देर से दुआ
08:18उट रहा है और ये मजदूर जो मुक्तलिफ इलाकों से दिली से आऊ है राज़ानी से आऊ है इनकी बस
08:25एक ही चिंता है कि आश्याने के साथ साथ इनका सारा सब कु�
08:33के लिए बिस्तर भी ने ही बचा बह्मिना से वान इंडिया के लिए मैं इजहार अली है
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