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Jio Listing event में Ambani Grandkids की funny moments और शरारतों के वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं! लेकिन इन वायरल पलों में हर parent के लिए एक बड़ी सीख भी छिपी है।

बच्चों की शरारतों पर parents इतने शांत कैसे रहते हैं? Public events में बच्चों को बिना शर्मिंदा किए कैसे संभालें? जानिए इस viral Jio Listing moment के जरिए Calm Parenting, Positive Parenting और Emotional Regulation की अहम बातें।

यह वीडियो funny जरूर है, लेकिन इसकी सीख हर parent के काम आ सकती है।

आप ऐसी situation में अपने बच्चे को कैसे handle करते हैं? Comment में बताएं।


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Transcript
00:05स्टेज पर बच्चे दोड रहे हैं
00:07कोई फूलों की बीच लीटा है
00:08कोई स्पीच के दोरान मंच पर पहुँच गया
00:10और सामने देश के बड़े बिजनस परिवार का एक बड़ा इविंट चल रहा है
00:20लेकिन इन विडियोज में एक बात बहुत खास है
00:22बच्चों की शरारतों से ज़ादा चर्चा हो रही है उन्हें संभालने वाले बड़ों के वेवार की
00:27ना कोई बड़ा हंगामा ना बच्चों को लेकर सारवजनिक रूप से शर्मंदी की का प्रदर्शन
00:32तो सवाल है क्या ये किसी खास तरह की पेरेंटिंग है
00:36और जब आम माता पिता बच्चों की ऐसी हरकतों पर पर परिशान या शर्मंदा हो जाते हैं
00:41तो कुछ लोग इतने शांत कैसे रह पाते हैं
00:43साइकलोजी में इसे इमोशनल रेगुलेशन कहते हैं
00:47यानि अपनी भावनाव, गुस्से और तनाव को संभालना
00:50जब बच्चा किसी आपचारिक कारिक्रव में शरारत करता है
00:53तो माता पिता को एक साथ दो चीज़ें परिशान करती हैं
00:56बच्चे का व्यभार और दूसरे क्या कहेंगे
00:59लेकिन अगर माता पिता पहले अपनी घबराहट को संभालने
01:02तो बच्चे को डाटने या घबराने के बजाए
01:04जादा सोच समझ कर प्रतिक्रिया दे सकते हैं
01:08इसका मतलब ये नहीं कि वो बच्चों की हर हरकत को सही मानते हैं
01:12इसका मतलब है कि वो हर इस्तिती को गुस्से से नहीं
01:15समझदारी से समभालने की कोशश करते हैं
01:18छोटे बच्चों को हमेशा ये समझ नहीं आता कि किसी बड़े कारिक्रब में कब शांत बैटना है और कब खेलना
01:24बंद करना है
01:25उनकी उम्र, उर्जा और ध्यान बनाय रखने की श्रमता भी इसमें भूमिकाने भाती है
01:30ऐसे में बच्चों को सबके सामने शर्मिंदा करने के बजाए, प्यार से समझाना, उसका ध्यान दूसरी तरफ लगाना या जरुवत
01:37पढ़ने पर उसे वहां से ले जाना ज़ादा उपयोगी हो सकता है
01:41Parenting Research में Co-Regulation इसी प्रक्रिया को समझाता है, जब वैसक अपनी स्थिर प्रतिक्रिया और मार्ग दर्शन से बच्चों
01:49को अपनी भावनाओ और व्यावाय संभालना सीखने में मदद करते हैं
01:53इसका मतलब यह नहीं कि बच्चे को कोई सीमा ही न बताई जाए, प्यार के साथ सपष्ट सीमाई भी ज़रूरी
01:59है
02:00येकिन कई बार परिशानी सिर्फ बच्चों की शरारत नहीं होती, उसके साथ जुड़ जाता है लोगों का डर
02:05सब क्या सोचेंगे, लोग मुझे खराब माता-पिता तो नहीं समझेंगे
02:09और मेरे बच्चे को व्यवहार करना नहीं आता, ऐसा तो नहीं लगेगा
02:13जब माता-पिता अपने बच्चे के व्यवहार को अपनी पेरेंटिंग का रिपोर्ट कार्ड समझने लगें, तो छोटी सी शरारत भी
02:20बहुत बड़ी लग सकती है
02:21लेकिन बच्चे का एक सारवजनिक नकरा ये साबित नहीं करता कि माता-पिता अच्छे है या बुरे
02:26बच्चे सीख रहे होते हैं और माता-पिता भी हर परिस्तती में बहतर प्रतिक्रिया देना सीखते ही है
02:32लेकिन क्या मानी फैमिली की पेरेंटिंग को आदर्श मान लेना चाहिए
02:36यहाँ एक जरूरी बात है
02:38वारल वीडियो हुमें किसी परिवार के कुछ पल दिखाते हैं
02:41उनकी पूरी पेरेंटिंग नहीं
02:43लेकिन अगली बार आपका बच्चा किसी शादी, पार्टी या सारजनिक जगह पर शरारत करें
02:48तो खुद से सवाल पूछे
02:49क्या मुझे बच्चे के वेवहार को संभालना है या लोगों की राय के डर को
02:53क्यूकि काम पेरेंटिंग का मतलब ये नहीं कि बच्चा कुछ भी करे और माता-पिता चुप रहें
02:58इसका मतलब है कि माता-पिता बच्चे को संभालते वक्त अपना संतुलन ना खोएं
03:03क्यूकि बच्चे को हर बार परफेक्ट दिखाना पेरेंटिंग नहीं है
03:07उसे धीरे-धीरे बहतर व्यवहार सिखाना बिना हर गलती को अपनी बेज़ती समझना असली सीख है

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