00:00भारत में अब 100% तक एथनॉल वाले इंधन से चलने वाली गाडियों का रास्ता साफ हो गया है।
00:05सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्राले ने Central Motor Vehicles Rules 1989 में बदलाव करते हुए E100 को भी नियमों में
00:13शामिल कर लिया है।
00:14इस फैसले के बाद वाहन निर्माता ऐसी Flex Fuel कारे और बाइक बना सकेंगे जिनहें E100 यानी लगभग शुद एथनॉल
00:21पर चलने के लिए डिजाइन और प्रमानित किया गया हो।
00:23लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि आपकी मौझूदा पेट्रोल कार या E20 वाली गाड़ी में अब E100 डलवाया
00:30जा सकता है।
00:31सरकार ने साब किया है कि E85 और E100 इंधन का इस्तिमाल केवल खास तोर पर तयार और प्रमानित वाहनों
00:37में ही होगा।
00:37तो आखिर नए नियमों में क्या बदला है? पुरानी गाड़िवों पर इसका क्या आसर पड़ेगा? और क्या पेट्रोल पर निर्भरता
00:43कम होगी? इस खबर पर देखे ये खास रिपोर्ट।
01:07इस्तिमाल की मनजूरी दे दी है। इसके बाद चचा तेज हो गई है कि क्या आने वाले समय में पेट्रोल
01:13की जगह एथिनॉल से गाड़िया चलेंगी? क्या आप नई तकनीक वाली कार खरीदना जरूरी होगा? और सबसे बड़ा सवाल क्या
01:20पुरानी पेट्रोल डीजल गा
01:36ये बदलाव मुख्य रूप से उन वाहनों से जुड़ा हुआ है जिन्हें ज्यादा एथनॉल वाले इंधन पर चलने के लिए
01:42विशेश रूप से तयार किया जाएगा। आए पात सवालों में पूरा मामला समझते हैं।
01:48सबसे पहला, सरकार ने E-100 इंधन को लेकर क्या फैसला लिया है? सड़क परिभहन एवं राजमार्ग मंत्राले यानी M
01:56.O.R.T.H. ने Central Motor Vehicle Rules में संशोधन करके E-100 इंधन से चलने वाले Flex Fuel
02:02वाहनों के लिए नियामक्य रास्ता खोल दिया है। नए प्रावधानों में पहले स
02:07से शामिल E-85 इंधन के साथ E-100 को भी शामिल किया गया है।
02:38अब E-100 की मंजूरी से ऐसे वाहनों के विकास और इस्तेमाल का रास्ता खुलता है जो कहीं ज्यादा एथिनॉल
02:45वाले इंधन पर चल सकते हैं।
03:07वी ऐसे वाहन होते हैं जिनका इंधन पेट्रॉल और एथिनॉल के अलग-अलग अनुपात वाले इंधन पर चलने के लिए
03:13तयार किया जाता है।
03:15इंधन वाहनों में आम तोर पर एक ही फ्यूल टैंक होता है।
03:18इंधन और इंधन प्रनाली इस तरहे डिजाइन किया जाते हैं कि वे इंधन में एथिनॉल की मात्रा के अनुसार अपने
03:24काम करने के तरीके को समायोजित कर सके।
03:27समझने के तोर पर किसी फ्लेक्स फ्यूल वाहन को उसकी तकनीकी क्षमता और निर्माता की मन्जूरी के मताबिक पेट्रॉल E85
03:35या E100 जिसे इंधन पर चलाया जा सकता है।
03:38E85 में लगभग 85 फीसेदी एथनॉल और 15 फीसेदी पेट्रॉल होता है जिबकि E100 लगभग पूरी तरह एथनॉल पर आधारी
03:46होता है।
03:47यहाँ एक बात पर ध्यान रखना बेहत जरूरी है। हर फ्लेक्स फ्यूल वाहन हर अनुपात के इंधन पर चल सके
03:54ये जरूरी नहीं है।
03:56वाहन के वस्त्विक शम्ता उसके मॉडल, इंजिन, इंधन प्रणाली और निर्माता द्वारा तै किये गए मानकों पर निर्भर करेगी।
04:03इस तकनीक का एक बड़ा उदेश इंधन के विकल्प को बढ़ाना है।
04:07यानि वाहन चलाने के लिए केवल पेट्रोल पर निर्भर रहने के बजाए जरूरत और उपलब्धता के हिसाब से इथिनौल आधारित
04:15इंधन का इस्तमाल किया जा सके।
04:17सवाल नमबर 3
04:54इसलिए अगर आपके वाहन पर E20 की अनुकूलता का स्टिकर लगा है तो उसे E100 के इस्तमाल की अनुमती ना
05:02समझें।
05:03सरकार ने भी सपश्ट किया है, E85 और E100 का इस्तमाल उन्ही वाहनों में किया जा सकता है जिनके लिए
05:09विशेश रूप से डिजाइन और प्रमानित किया गया है।
05:12यानि केवल पेट्रॉल पंप परना या इंदन उपलब्ध होने से आप अपने पुरानी गाड़ी में उसे नहीं भरवा सकते।
05:18ऐसा करने से वाहन के प्रदेशन और इंदन प्रुनाली पर असर पढ़ सकता है।
05:23अगला सवाल, सवाल नमबर 4, E85 और E100 वाली गाड़िया कब आएंगी और इंदन कहा मिलेगा।
05:53लक्षे रखा गया है। शिरुवात में दिले NCR और मुंबई पुने नागपूर जैसे छेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है।
05:59हाला कि यहां एक अंतर समझना भी जरूरी है।
06:03E85 के लिए केंद्रों की संख्या बढ़ाने की योजना का मतलब यह नहीं है कि E100 भी हर जगे उपलब्ध
06:08होगा।
06:09दोनों इंधनों की उपलब्धता अलग-अलग हो सकती है और इसे लेकर वाहन चालकों को अपने आसपास के पिट्रॉल पंप
06:15के जानकारी लेनी होगी।
06:17वही वाहन कमपनियों को ऐसे इंजिन और इंधन प्रुनाली वाले मॉडल तयार करने होंगे जो ज्यादा इथिनॉल के इस्तेमाल के
06:24लिए उप्योगत हों।
06:24कुछ कमपनिया फ्लेक्स फ्यूल तकनीक पर काम कर रही हैं लेकिन हर मॉडल की लॉंच उतारीक और उसके इंदन ख्षमता
06:31कि पुष्टिक संबंधित कमपनी से ही करानी चाहिए।
06:35इसे गाड़ी खरीदने से पहले सिर्फ ये न देखें कि वो E85 ये E100 पर चल सकती है।
06:40ये भी पता करें कि आपके शहर में संबंधित इंदन उपलब्ध है या नहीं।
06:45अगर इंदन भरवाने के लिए बार-बार दूर जाना पड़ रहा है तो रोज मर्रा के इस्तिमाल में परिशानी हो
06:51सकती है।
06:52अगला सवाल सवाल नमबर पांच क्या E100 आने के बाद पुरानी पेट्रोल डीजल गाडियां बंद हो जाएंगी।
06:58ये सबसे बड़ा सवाल है और इसका सीधा जवाब है जी नहीं।
07:30इसका उदेशे ये बिल्कुल भी नहीं है कि सभी वाहन मालिकों को तुरंट अपनी पुरानी गाडियां छोड़कर नई फ्लेक्स फ्यूल
07:37गाडियां खरीदनी पड़े।
07:39हाँ भविश में वाहन खरीदे समय आपके सामने एक और विकल्प हो सकता है।
07:43आप अपनी जरूरत, बजट, इन दिन की उपलब्दता और वाहन की शमता देखकर फैसला ले सकते हैं।
07:50कि आपको सामाने पेट्रॉल वाहन खरीदना है या फ्लेक्स फ्यूल वाहन।
07:53इस तकनीक से बारत को कच्च्वे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है।
07:58गरेलूस तर पर इथनॉल उत्पादन बढ़ने से किसानों और कृशी आधारित उद्योगों को भी अवसर मिल सकते हैं।
08:07इस बात पर निर्भर करेगा कि एथनॉल की सोर से और किस प्रक्रिया से तयार किया गया है।
08:34तो कॉमेंट में बताईए अगर कुछ सवाल रह जाते हों तो भी कॉमेंट में बताईए हम कोशुश करेंगे कि अगली
08:39ख़बर में उस सवाल का भी जवाब आपके लिए ढूंकर लाएंगे।
08:43बाकी ऐसी और अपडेट्स के लिए देखते रहे है वान इंडिया हिंदी।
08:47अधर्णाओ प्यू्ट करेंगे उस्साथ जवान ऊप्टेश्ट पूंकर लाएंगे।
08:52जवान टूंकर लाएंगे लिए यूंकर लाएंगे यूंकर लाएंगे।