00:00विदेश में रहने वाले भारतियों के लिए भारत में निवेश करना पहले के मुकाबले आसान हो सकता है
00:05शेयर बाजार में पैसे लगाने की इच्छा रखने वाले कई निवेश को केवाई सी, डॉक्यूमेंट्स की जाच और एकाउंट खुलने
00:13की प्रोसेस में ऐसी परिशानियों का सामना करना पड़ता है
00:16जिनकी वज़त से निवेश शुरू करने में काफी समय लग जाता है
00:20विदेश में रहने के कारेंग डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन कराना, अपनी पहचान साबित करना और जरूरी फॉर्मालिटीस पूरी करना कई बार
00:28मुश्किल हो जाता है
00:29ऐसे में सरकार और बाजा नियामक भारतिय बाजार में विदेशी निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए के वाईसी और ओन
00:37बोर्टिंग की प्रोसेस को सरल बनाने की दिशा में काम कर रहे है
00:40Therefore, the Securities Exchange Board of India, SEBI is the second part of the Securities Exchange Board of India,
01:27The question is, why is this question of NRI NIVESHK in KYC?
01:35The question is, why is this question of NRI NIVESHK in KYC?
01:39पते और दूसरी जानकारियों का वेरिफिकेशन कराना पड़ता है। देश में रहने वाले निवेशिकों के लिए ये प्रोसेस आमतोर पर
01:47comparatively आसान होती है। लेकिन विदेश में रहने वाले NRI निवेशिकों के सामने एक्ट्रा चुनौतिया हो सकती है। उन्हें विदेश
01:55म
01:55में जारी documents जमा करने, उनकी प्रमाणिकता साबित करने और संबंधित संस्थानों से सत्यापन कराने की जरूरत पड़ सकती है।
02:03अलग-अलग देशों में documents से जुड़े नियम और प्रक्रियाएं भी अलग होती हैं, जिससे निवेश शुरू करने में देरी
02:08हो सकती है। कई
02:10निवेशक के पास जरूरी documents मौशूद होने के बावजूद, उनके verification की process पूरी करने में समय लगता है। कुछ
02:17मामलों में physical रूप से मौजूद रहने या फिर extra सबूत उपलब्द कराने की जरूरत भी process को मुश्किल बना
02:25सकती है। यही वज़ा है कि digital के YC और documents के online verification जैसे options
02:31को आधिक सुविधा जानक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका मकसद निवेशकों की पहचान और सुरक्षा से जुड़े
02:37नियमों को कमजोर करना नहीं बलकि वैद निवेशकों के लिए जरूरी आपचारिकताओं को सरल बनाना है। सभी के प्रस्ताफ का
02:44एक एहम हिस
02:44सर डिजिटल माधियम से KYC और onboarding की सुविधा को बहतर बनाना है। इसके तहट पात्र निवेशक विदेश में रहते
02:52हुए भी डिजिटल माधियम से अपनी पहचान से जुड़े दस्ताविज जमा कर सकें और ज़रूरी verification पूरा कर सकें। इस
02:59दिशा में बदलावों पर व
03:13अनलाइन जाच और अने तकनीकी उपायों का इस्तमाल किया जा सकता है। हाला कि केवल डॉक्यूमेंट्स अप्लोट कर देना ही
03:19काफी नहीं होगा। निवेशक की पहचान और उसके दावों की विश्वसनियता सुनुष्ट करने के लिए आतिरिक जाच भी जरूरी होगी�
03:30जनसे इस सुनुष्ट किया जा सकी कि आवेदन करने वाला व्यक्ति वास्तविक है और उसकी ओर से दी गई जानकारी
03:37सही है। उदारन के तोर पर डिजिटल सत्यापन के दौरान निवेशक की वास्तविक मौजूद्गी की पुष्टी करने के लिए लाइवनिस
03:43शेक जैसे
03:59डिजिटल प्रक्रिया को आसान मिराने के साथ साथ निवेशकों और बाजार की सुरक्षा बनाए रखना भी है। विदेश में रहने
04:05वाले निवेशकों के लिए एक और एहम मुद्दा के वाईसी की जानकारी को दोबारा उपलप्त कराने और उसका वेरिफिकेशन कराने
04:12स
04:12जुड़ा है। अगर किसी निवेशक ने पहले ही किसी विनियमित्स वितिय संस्थान के जरीय अपनी पहचान और जरूरी दस्तवेजों का
04:20सत्यापन करा लिया है तो समान जानकारी को अलग-अलग जखा दोबारा जमा करना उसके लिए परिशानी पैदा कर सकता
04:27है। इसी स
04:40समंदित नियमों के तहट किसी निवेशक का पहले से सत्यापित के वाई सी रिकॉर्ड फिकार किया जाता है तो उसे
04:46हर बार पूरी प्रोसेस नए सिरे से शुरू करने की जरूरत कम पड़ेगी। इसे अकाउंट खोलने और निवेश शुरू करने
04:52में लगने वाला समय घट
04:53सकता है आला कि इस सुविधा किन परिस्थितियों में और किन संस्थानों के बीच अवेलेबल होगी इसका निर्धारन अंतिम नियमों
05:01और समंदित संस्थानों की प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
05:23इसका फायदा उन निवेशकों को मिल सकता है चिनके पास विदेश में रहने के कारण हर स्थिती में एक जसे
05:29आधिकारिक दस्तवेज उपलब नहीं होते हैं।
05:32अब सवाल ये है कि आखिर किन निवेशकों को फायदा मिल सकता है।
05:37देगे प्रस्तावित बदलावों का फायदा मुख्य रूप से विदेश में रहने वाले व्यक्तिगत निवेशकों को मिल सकता है।
05:42इसमें नौन रेजिडेंट इंडियन्स यानि NRI, Overseas Citizens of India यानि OCI और नियमों के दाइरे में आने वाले विदेशी
05:50नागरिक शामिल हो सकते हैं।
06:15इसका उत्देश ऐसे निवेशकों के लिए नियम एक जैसे लागू होंगे ये मान लेना सही नहीं होगा।
06:24इसके बावजूर निवेशकों को संबंधित नियमों के तहट मावंगी गई जानकारी और डॉक्यमेंट सुपलप्त कराने होंगे।
06:32किवाईसी और उन्बोर्टिंग को आसान बनाने की कोशश को भारतिय बाजार में विदेशी निवेश बढ़ाने की व्यापक रणनीती के संदर
06:38में भी देखा जा सकता है।
06:40सरकार चाहती है कि पात्र विदेशी निवेशकों के लिए भारतिय कंप्तियों में निवेश करना अधिक सुविधाजनकों और पूंजी जुटाने के
06:47विकल्पों का दाइरा बढ़े।
07:10व्यक्तिगत निवेश की सीमा 5% से बढ़ा कर 10% करने और सभी व्यक्तिगत पात्र विदेशी निवेशकों की कुल
07:17हिस्सेदारी की सीमा 10% से बढ़ा कर 24% करने की विवस्था घूशत की गई है।
07:40अद्यतन रखना चाहिए। साथ ही किसी अनाधिकरत एजेंट या ऐसी वेबसाइट पर व्यक्तिकर जानकारी साज़ा करने से बचना चाहिए।
07:48जिसकी विश्वस नियाता कि पुष्टी ना हो।
07:51डिजिटल प्रक्रिया आसान होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पहचान सत्यापन या सुरक्षा से जुड़े नियम खत्म हो
07:56जाएंगे।
07:57कुल में लाकर NRI और अन्यपात्र विदेशी निवेशिकों के लिए KYC और ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया सरल बनाने की दिशा में
08:04उठाए जा रही कदम भातिया शेहर बाजार तक उनकी पहच बेहतर कर सकते हैं।
08:09डिजिटल सत्यापन और पोट्रेबिल KYC जैसे सुवधाय लागू होने पर डोक्यूमेंट्स की दोहराई जाने वाली प्रोसस और निवेशिकों को वास्तविक
08:21लाप कब और किस रूप में मिलेगा? ये अंतिम रेगुलेटरी नियमों पर डिपेंड करेगा।
08:26इसलिए फिलहाल प्रस्ताफ को राहत की दिशा में एक एहम कदम के रूप में देखना चाहिए ना कि सभी प्रक्रियाओं
08:33में तुरंत लागू हो चुके पदलाफ के रूप में।