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  • 1 hour ago
अपने देश में न केवल नए-नए हथियार तेजी से बन रहे हैं, बल्कि इनका निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर हो रहा है. दुनियाभर में भारतीय हथियारों की मांग तेजी से बढ़ी है. यही कारण है कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में 38,424 करोड़ रुपये के हथियार और रक्षा उत्पाद दूसरे देशों में भेजे गए. हाल ही में जारी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट बताती है कि भारत यूरोप में हथियारों की सप्लाई करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है. रिपोर्ट के अनुसार पिछले 4 वर्षों में यूरोपीय बाजार में भारत से जाने वाले गोला-बारूद (तोप के गोले, मोर्टार, प्रोपेलेंट्स और विस्फोटक) आदि की डिमांड में काफी इजाफा हुआ है. इससे इनके निर्यात में 1,600% से अधिक का उछाल आया है. इससे रक्षा निर्यात पिछले 4 वर्षों में 413 करोड़ से बढ़कर 7,325 करोड़ हो गया है. इससे भारत यूरोप में युद्ध सामग्रियों की सप्लाई करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है. इससे पहले साल 202-21 में अपना देश 18वें स्थान पर था. रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोपीय देश (जैसे पोलैंड, चेक गणराज्य, रोमानिया) आदि में हथियारों की डिमांड काफी बढ़ गई है. इन देशों ने अपने रक्षा बजट को भी रिकॉर्डतोड़ बढ़ा दिया है. आधुनिक तकनीक होने के बावजूद यूरोप की फैक्ट्रियां डिमांड के मुताबिक रक्षा हथियार नहीं बना पा रहीं हैं. इससे उन्हें दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. दक्षिण कोरिया, स्पेन और भारत जैसे देश यूरोप की इस डिमांड को पूरी कर रहे हैं.

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00:03भारत दुनिया में बड़ा हत्यार निर्यातक के रूप में उभरा है यूरोप का तीसरा सबसे बड़ा हत्यार सप्लायर बना है
00:09गोला बारूत के एक्सपोर्ट में 1600 फीसिदी का रिकॉर्ड उच्छा लाया है
00:13हाल ही में जारी ब्लूमबा की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले चार वर्षों में यूरोपिया बाजार में भारती हत्यारों की डिमांड
00:20काफी बड़ी है जिससे रक्षा निर्यात पिछले चार वर्षों में 413 करोड रुपए से बढ़कर 7,325 करोड रुपए हो
00:29गया है
00:30भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्राले के ट्रेट डेटा मॉनेटर के मुताबिक रूस यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से
00:37भारतिये कमपनियों ने बड़े पैमाने पर यूरोप को तोप मोर्टार बारूत की बिक्री की
00:43सरकार ने 2029 तक वार्षिक रक्षा उत्पादन में 3,00,000,000 करोड रुपए और निर्यात में 50,000 करोड
00:51रुपए का लक्षिते किया है
00:52रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020-21 में रूस युक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले यूरोपिय देशों में तोप के गोले,
01:00मोर्टार समेत अन्य सामग्रियों की सप्लाई बहुत कम थी
01:03उस दोरान भारत अठारवे पैदान पर था
01:06साल 2025-26 में यूरोप में करीब 8,324 करोड रुपए के रक्षा उत्पादों की सप्लाई के साथ दक्षिल कोरिया
01:14नंबर वन सप्लाईर है
01:16रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021-22 से पहले भारत यूरोप को कोई भे विसफोटक नहीं बेचता था
01:22इसके बाद इसमें तेजी आई यूकरेन यूद छड़ने के बाद से विसफोटक को की मांग बढ़ने पर भारत ने बड़े
01:29पैमाने पर विसफोटक की सप्लाई शुरू कर दी
01:31साल 2025-26 में करीब 427 करोड रुपए के विसफोटक के निरयात के साथ भारत टॉप पर पहुच गया
01:39वहीं अमेरिका करीब 332 करोड रुपए के विसफोटक निरयात के साथ दूसरे स्थान पर बना रहा
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