00:00लोगतांत्रिक प्रक्रिया से चुनाव के द्वारा गवर्मेंट चेंज शब्द होता है और जो रिजीम चेंज शब्द होता है वो शडियंत्र
00:09और हिंसक संघर्ष के द्वारा तक्ता पलट करने के यह प्रयास्त को होता है
00:25एक गद्दन के दल और विलुक्त होते हुए वामपन्ती दलों के निरंतर समाप्त होते हुए जन्समर्थन और निरंतर होते हुए
00:37नैतिक पतन से
00:38जब उन्हें अब राजनैतिक द्रिष्टी से सपलता की कोई संभावना नहीं दिख रही है तब हिंसक संघर्ष और शडियंत्र के
00:50द्वारा विदेशी शक्तियों के साथ हाथ बिलाकर तख्ता पलट किये जाने वाले
00:59रिजीम चेंज जैसे शब्दों का प्रियोग अब भारत की राजनीत में दिखाई पड़ रहा है और उसके भी नए व्याकरण
01:08करता आकर या समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि नहीं ये तो लोगतांत्रिक प्रक्रिया है
01:15हम स्पश्ट करना चाहते हैं लोगतांत्रिक प्रक्रिया से चुनाओ के द्वारा गवर्मेंट चेंज शब्द होता है ओ जो रिजीम चेंज
01:24होता है वो शड्यंत्र और हिंसक संघर्ष के द्वारा
01:28तक्ता पलट करने के यहाँ प्रयास को होता है परंतु आज कॉंग्रेस इंडी गढ़बंदन वामपन्थी दनों और कुछ अन्य संग्ठनों
01:43के द्वारा जो तथा कतित विराट आंदोलन बनाने का घुश्णा की गई थी कनाट प्लेस में
01:52मुझे लगता है कि जो चंद मुठी भर लोग वहाँ पर आए तो चूंकि कनाट प्लेस के आउटर सर्किल को
02:00इंदरा चौक कहते हैं और इनर सर्किल को राजीव चौक कहते हैं तो निश्चित रूप से स्वरगी इंदरा जी और
02:07स्वरगी राजीव जी वहाँ से बैठ कर उनक
02:33जाओं जाओंगा की वहाँ जा के देख सकता है कि वह बहुता है विवेड और यह चाहुंगा की वहाँ जा
02:50के देख सकता है
02:52वीकेंड में साप्ताहंत में शाम को 6-7-8 बजे लगभग इतनी ही भीड़ आपको हमेशा कनाट प्लेस के इनर
03:00सरकिल पर मिलेगी इससे या इस पष्ट हो जाता है कि ये लोग क्यों प्रोटेस्ट ऐसी जगों पर ही करना
03:07चाहते हैं इसे हिंदी में कहावत होती है हींग लगे
03:23परन्तों मैं गंभीर पुछना चाहते हूं कि ये सारा का सारा प्रोटेस्ट इसी समय और इन्हीं करनाट प्लेस और सेंटल
03:33देली के इलाकों में क्यों किया जा रहा है
03:35यही करनाट प्लेस से लेके और चान्जी चौक तक का जो छेत्र है ये इस फेस्टिवल सीजन में तेवारों के
03:43सीजन में आर्थिक गदिविरी का सबसे बड़ा केंद पिछले वर्ष का आंकड़ा है कि नवरात्रि से लेके और छट पूजा
03:51तक यानि नवरात्रि से लेके �
03:53दीपावरी और छट पूजा तक 6 लाग करोण का कारोबार भारत में हुआ था और वो एक बहुत बड़ा कारणवला
03:59इंटर्नल कंजम्शन जिसकी वह से हम टैरिफ को अपने अंदर उस वार को सहन करने में सफल रहे।
04:23नहीं हो रहा है। मुझे लगता है देश के नौजवानों को भी या भली भाती समझना चाहिए कि मात्र 3
04:31-4 महीने पहले जो अंदोलन इस विशय को लेकर कहते थे कि केवल परिक्षा वेवस्था और इंट्रेंस इक्जाम में सुधारियूं
04:39का उद्देश है वह अब देश की �
04:41अर्थ विवस्था को ध्वस्थ करने नुकसान पहुचाने के शडियंत्र में खुले तोर पर दिखाई पड़ रहे हैं। मुझे लगता है
04:51कि बहुत इस पश्ट रूप से या समझने की आवशक्ता है कि एक तरफ आये में हमारी ग्रोफ रेट बढ़ा
04:58रहा है और 7% कर रहा
04:59है दूसरी तरफ वो सारी ताक्ते लगी हुई हैं कि भारत की अर्थवस्था की गति को कैसे अब रुद्ध किया
05:05जा सके और मैं देश के सभी युवाओं से कि शोर वहके और युवा वहके यानि टीनेजर्स एंद यंग पीपोर
05:17सबसे कहना चाहूंगा बहुत समझदारी से
05:20चलिए और सब बच्चों से चाहें वो आंदोलन में शामिली हो या अंदर भी हो उन्हें यह समझना चाहिए कि
05:30आप किसी के मोहरे मत बनिये यह सब बड़े इस्तर के अंतर राश्ट्री ये शडियंत्र और दुरभी संद्र हैं और
05:41उसका उधारन दिखा कि सिर्फ आपकी भ
05:47स्विक्ता में सब को अपील कर सके परिच्छा सुधार का और चार महीने में उससे अपने असली वार के उपर
05:55आ गए तो मैं जुवाबर्ग से ऑन दा लाइटर नोट कहना चाहूंगा कि आप लोग घ्याम रखिये ये सब बाहर
06:03से आये हुए आयतित लोग के चक्कर में मत प
06:17अगली फ्लाइट से अपने आका के पास लौट जाओ गए तो मैं इसलिए सभी देश के युवाओं से यह कहना
06:25चाहता हूं और आज
06:27दिल्ली के केंद्र में यह बात बहुत साफ हो गई कि जनाधार विहीन, आधार विहीन, तत्य विहीन, हिंसा के आधार
06:38पर देश में तक्टा पलट का खौब सजोने वालों के आखों पर से निश्यत रूप से परदा हड़ गया होगा
06:49और एगर नहीं भी हटा है
06:51तो नकाब हट गया है और देश की जनता के सामने बहुत इस्पष्ट दो टूप दूद का दूद और पानी
06:58का पानी हो गया