00:00पुस्टक यह बात कर रहे हैं, वह पुस्टक आज तक कभी प्रकासित हुई ही नहीं।
00:04खोटे मैगसीन रिपोट, in this parliament there are presidents.
00:10नहीं नहीं ऐसा नहीं हैं।
00:11पुस्टक नहीं का नहीं है।
00:14नर्वने का पुस्टक नहीं है।
00:17Thank you speaker sir, for letting me speak on the president's address.
00:25A young colleague over there made an allegation against the Congress Party.
00:34I was not going to raise this issue, but because he has raised the issue about our patriotism,
00:47our understanding of Indian culture, I'd like to start by reading something.
00:59And this is from the memoir of Army Chief Narawani.
01:08And I'd like you to listen nicely, you will understand exactly who is patriotic, who is not.
01:23It'll take a little while, so this is about when four Chinese tanks were entering Indian territory.
01:34They were taking a ridge in Dhoklam, and the Army Chief writes,
01:42and I quote from an article that is, quoting his book,
01:48the tanks were within a few hundred meters of Indian positions on the Kailash Range.
01:54No sir, no sir, no sir, no sir, Allah only started, no, no, he is not yielding, he is not yielding, sir sir, this is not, he is not yielding,
02:03Allah is not yielding, he is on the front, because minister cannot involve.
02:07It's not yielding, sir, this is not yielding, sir, this is not yielding, sir.
02:19Please, it is not yielding, sir.
02:21Please.
02:22प्रतिपश्क के नेता हैं पुर में भी अन्बव राया है
02:48सांसत प्रिंका गांधी जी ने भी एक बात बोली थी तो उन्हों ने ऑथंटिक उस किताब को यहाँ पर टेबिल पर किया मेरा जो रक्षा मंती जी ने विशे उठाया है उसमें केना है कि हम जो बोले उसको ऑथंटिक कर सेकें उसी विशे को सदन के पठग रखें यह मर्या�
03:18100% authentic 100% authentic
03:22से ये पूछना चाहता हूं जिए रखो इसे से जिस सर राजनाच सिंग इसके एक्सराइज को यहां प्रकासित हुई है या नहीं हुई है कि और मैं एक प्रस्नका जबाब इन से चाहता हूं जखते हुए
03:36प्रकासित हुई है कि नहीं हुई है कि नहीं हुई है तो किस पुस्तक से वहु लेक कर रहे है
04:06कि इस पुस्तक का प्रकाशन हुआ है निवा उसका जवाब देदें आप और आप सदन के अंदर उन चीजों को मेंशन नहीं कर सकते हैं
04:25किताबों पर अकबारों पर उनकी कटिंग पर चर्चा नहीं होती है
04:35आप सदन में एक्सपर्ट एक्सप्स हैं उसमें प्रधान मंत्री के बारे में राजनाच सिंधी के बारे में प्रियर नी कुछ लिखा है मैं वह आउस को बताना जाता हूं
04:57इस नहीं है जो किताब नहीं ऐसा नहीं है जब माननी रक्षा मंती जी ऑठंटीक बोल रहे हैं कि किताब प्रकाशन नहीं है
05:17छिए आगे पर देरे प्रफेश्ट का अभरूरम्ड जर्णिका कि रूपिए, ताग्या हारी हुआ आगा जीँ हम पत्रिश्ट किसी लिख्ट कर दो फुटिए हम रूने कर से लिख्ट ए इस और आगोटर्मॉड़ का रूने भूडुड़ में पर दुटिए पर दिएयो जि
05:47सब्सक्राइब दिस्टर्बिक एपोसिए लिए सब्सक्राइब तो वह प्रकासित हुई या नहीं हुई
06:10नर्वने का किस तक नहीं है इतना सब्सक्राइब मैगेजिन तो कुछ भी लिख सकता है
06:20मानने सब्सक्राइब इन सदन की नियम और परंप्राइब है अगबार की कटिंग पर और अगबार की कटिंग के अलावा उन चीजों पर मेंशन नहीं कर सकते जो कोई
06:39और अथन्टिक नहीं है यह हमेशा यहां की सदन की प्रंप्राइब हैं यह इसमें नर्वाने जी कहा है कि उनका मेंवार है उसे सरकार पब्लिश नहीं होने दे रही है इसमें सब निक्ता है
07:01और मैं सिर्फ इसमें से पाँच लाइन पढ़ना चाहता हूँ जिसमें नरवाने जी ने राजनात सिंग के बारे में और मोधी जी के बारे में पूर्प जो पुष्टक प्रकासी ही नहीं है
07:19पुष्टक प्रकासीत नहीं हुई है अब जो पुष्टक प्रकासीत नहीं हुई है इसका धिक्र सदन में कैसे हो सकता है
07:42जो प्रकासीत हो तो भी नहीं कर सकते नहीं है अधिक्र सदन में
07:50कोई भी किताब प्रकासीत थो कोई भी मेल पर छीछ पर चिर्चा कैसे हो सकती है सदन में
07:53दो
07:57आ कि सदश है आप राश्पती एमिवा बने इस पीता हूंड one
08:02we are within a few hundred meters of our positions on the Kailash range
08:09माई का कंट्रोल
08:16सदन को गुमराह करने की कोशिश ना करें
08:22और यहां अनावश्चक बातों का उलेख नहीं किया जाना चाहिए रहू
08:27करें जाना चाहिए आर ना करें लीज द्रू डुट
08:44साथ आर नहीं यहिppया रहा हमारी परलेमन questioned पर यह भल गाउब
08:53लुके माई बस्तोली परलेमने सवाल उक्ताट है
08:57मैं यह रेज नहीं करने वाला था, मैं नहीं रेज करने वाला था, मगर उसका जवाब देने के लिए मैंने यह निकाल लिए
09:05अब अब अब अब यह 100% authenticated है, यह नरवाने जी का memoir है
09:16कोई authentic source तो चाहिए, कोई authentic source तो चाहिए, और जिस किताब के का उलेक वा कर रहे हुआ किताब आज तक प्रकासित ही नहीं हुई है, यह उलेक कहां से कर रहे है, मैं यह जानना चाहता हूँ
09:37अधिया जी सदस्य पॉइंट ओप ओडर रेस करें, क्या पॉइंट ओडर है?
09:43चाहसे 3491, 3491, पॉइंट 3491, इस पर चर्चा नहीं किया, हमारी अटवारी जी और अटल जी चर्चा करना चाहते थे
10:07पॉइंट प्लीज, मैं पहले वैस्ता दे चुका हूँ, आप कोई रूल बुक की मत्रिकालो, मैंने रूल बुक पड़ रखी है, मैं पहले वैस्ता दे चुका हूँ कि अकबार की कटिंग पर, कोई किताब पर, कोई ऐसे विशे जो ऑथन्टिक नहीं उन विशेओं पर, स�
10:37थसे बुका नहीं खुड़ इस बुका इस नहीं आप सदन के नहीं नहीं
10:56एक मिर्वे एक मिर्वे जब मान्य सदाश्य करने नो
11:14मान्य सदाश्य
11:20मान्य सदाश्य करने जब किसी विशे पर हमारे पूरत अद्यक्षों ने कई बार रूलिंग दिये मैंने कोई नई रूलिंग नी दी मैंने कोई नयम नियम परक्रेय बताई मैंने नया नयम परंपरा नहीं लागो की
11:48मैं ऐसा नहीं कि नहीं परंपरा नया नयम नय रूल आपके लिए लागो कर रहा हूं जो पूरती नियम है और जो परंपरा है उसका हवाला दिया है और आप प्रतिपश की नेता है मुझे आशा है कि आप नियम परक्रेयाओं का पालंग करेंगे
12:03नयम परक्रेयाओं के लिए नियम परक्रेयाओं के लिए नियम बतायता हूं पिले आपको
12:17नो मैं नियम बताऊं 349 ऐसे मैंने वेक्टिए बोल दिन 349 ऐसी पुस्तक समाचा पत्र नहीं पड़ा जाएगा जिसकी सभाकी कारवाई से कोई समझ ना हो
12:43पिर दूसरा आगे भी ले लो
12:47आगे के ओर पढ़ लो आगे के ओर देख लो एक मिन्ट नहीं सबके लिए नियम है
13:00सबके लिए नियम है
13:02और नियम 353 भी देख ले
13:11नो आप रूल बता दे
13:18इस विशे पर
13:24इस विशे पर इस विशे पर इस विशे पर रूलिंग हो चुकी है
13:32इस विशे पर रूलिंग हो चुकी है
13:37इस विशे पर रूलिंग हो चुकी है
13:38ने प्रीस
13:40स्पिकर सर
13:41आप देशबक्ती की और बात बताया ने
13:46सर मुझे बोलने
13:46यह यह जो किताब है
13:50यह नरावाने जी के किताब है
13:53तो इस दे जलेगा या बुन सबीज दे जलेगा
13:58जरे अधीर का नो
14:00तर लुक्त असरोाथ से समझाना मुड़ेगा भारा
14:03इसी कोटे
14:05तर यह सब करें तर यह सब
14:09आएम आएम कोटें
14:12जरे वाथ सर किताब नहीं है
14:14अध्यक्ति महुले
14:16मैं किवन एक बवस्थाब की सबसे चाहता हूँ
14:19लीडला पोजीशन
14:21अपनी चाहते वा पुस्तक
14:23जहां प्रस्तूत कर दे
14:25किस पुस्तक पे लिखा है
14:26वो मैं पुस्तक देखना चाहता हूँ
14:29सदन देखना चाहता हूं
14:30बिल्कुल नहीं
14:31प्रकाशिक नहीं, पुस्तथ प्रकाशिक नहीं, मैं कान्फिडेंस के साथ कहना चाहता हूँ, पुस्तथ प्रकाशिक नहीं
14:39आप उतर दियो, आप उतर दियो सर्थ, देकर रिप्लाई
14:50जब इस विशे पर व्यास्ता दे चुका हूँ, तो मैं माननिये पती पक्षिक के नेता से अपिक्षा करता हूँ, कि वो सदन की गरीमा को रखेंगे, और मैंने पहले बता दिया कि मैंने कोई नहीं परंपरानी जी,
15:08सदन में अपनी बात रने का अधिकार है,
15:38लेकिन सदन में नियम परक्रिया परंपराओं भी होती है, ठीके ना, इस सदन का उप्योग बोलने के लिए कोई नहीं रोख रहा हूँ, लेकिन सदन नियम परक्रिया परंपराओं से चलता है, इसके नियम परक्रिया परंपराओं से बोले हैं, उन्होंने अगर कोई बात �
16:08उन्होंने अगर वह भी कोई अक्बार कटिंग की बात करते हैं उनको भी रोखता है
16:14आप किसी को बोलिए आपका सदन है सब को बोलने की इजाज़त है
16:25लेकिन सदन नेमो परक्रियाओं परंपराओं से चलता है
16:31और मुझे आशा है कि आप प्रतिपस्किन देता है
16:35आप नेम परक्रियाओं से बोले ऐसे आपसे अपक्षा की जाती है
16:43मैं आपको फिर गराओं कि आप मैंगसिन कोट करेंगे से
16:52मैं मेरे हाथ में एक मैगजीन है उस मैगजीन में आर्टिकल है उसको मैं कोट कर रहा हूँ
17:01अध्यक्षा महदाई यहां को गुम्राह करने की कोशिद कर रहे हैं
17:17मैं आपके अनुद करना चाहता हूँ इन्हें किसी भी सूरत पे यह बात बोलने की यहां पर याज़त नहीं दियानी चाहिए
17:23तो नारवने जी कहते हैं माई पॉजिशन वाज प्रिटिकल
17:37अध्यक्षा महदे चीन का सवाल बहुत सेंस्टिव है
17:58अध्यक्षा महदे चीन का सवाल बहुत सेंस्टिव है
18:01अगर कोई सुझाव ऐसा है देश के हित में
18:04तो मैं समझता हूँ लीडर अपॉजिशन को पढ़ देना चाहिए
18:07मादनी ये सदशे
18:14इतना ही रही रहेगा बहुत सेंस्टिव है
18:18अगर चीन से साबदान नहीं रहें
18:33अगर चीन से साबदान नहीं रहेंगे
18:35यह तो हम सुनने के लिए हम सुनने के लिए बैठे आधर में परदानमंति जी भी आपको सुनने के लिए बैठे हैं और ये जो मुद्दा हुटा है उसका रूलिंग दे चुके हैं
19:04चेर से रूल 349 में एक रूलिंग दे चुके हैं
19:09रूलिंग देने के बाद भी ये बार-बार फिर से ये पर रहे हैं
19:13ऐसे सदम कैसे चलेगा सर्थ
19:15हम लोग ने शुरू से कहा
19:16आपका भी बार हम सांती से सुनेंगे
19:19हमारा भी आप सांती से सुनना चाहिए
19:21आप नियम ही पालन नहीं करेंगे चर्चा बहस कईसे हो सकते हैं इसमें रूलिंग दे चुके हैं चेयर ने कि आप मेगजिन का न्यूस पार का यहां बिना मतलब से कोट नहीं कर सकते हैं नहीं पर सकते हैं रूलिंग दे चुके हैं आज राश्ट्रपती का अविवार्शन प
19:51तो युझे बहुत अचाहिए ना सदन नियम सचलता है शिस्टेम है हम लोग सब चुने वे प्रतिनीदिय है यह किसी के मनमानी से सदन नहीं चलेगा रूलीं देश के एचेर से
20:02सबस्क्राइब कर दोड़ कर दोड़ हैं मैं वे शिर्ड़ दो अनियस ध्यूश्ट कर दो ना सब्लोड़ से एचे से कर दो अबड़े घ्यूश्ट कि अधनी से स्क्राइब झाल आप मुझे झाल आपनीदियू है
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