00:00sexual offenses तो भारत में हर लड़की के साथ हर जगा हो रहे हैं तो लड़की क्या करें अपनी नजरों
00:04में गिर जाएं हमें ये सोच अपनी संस्कृत से निकालनी पड़ेगी कि लड़की की इज़त तो उसके यौनांगों में बसती
00:13है वो मनुष्य है उसके पास अभी कला मेधा प्र�
00:29कभी सेक्शूल दुर्वेभार से न गुजरना पड़ा हो सबके साथ ही होता है आप सड़क में चल रही हो आप
00:36बस में चल रही हो आप ट्रेन में हो आप फ्लाइट में हो आप सिनेमा हॉल में हो आप क्लासरूम
00:41में हो आप बाजार में हो आप चाहें अपने घर में ही क्यों
00:44ना हो, sexual offenses तो भारत में हर लड़की के साथ हर जगा हो रहे हैं, तो लड़की क्या करें,
00:50अपनी नजरों में गिर जाएं, नहीं, सर उठा के चलो, सीना तान के चलो, हमने कुछ नहीं गलत करा है,
00:57ये समाज वहशियों का है, कुत्तों का है, उसकी हुझे से हम अपनी नजर में क
01:02गिरें, आप सड़क पे जा रहे हो, कोई पागल कुत्ता आके आपको काट गया, आप जान दे दोगे क्या, बलातकारी
01:09तो पागल कुत्ता है, आपकी बेज़िती थोड़ी हो गई, वह आपको काट गया तो, आप क्यों मान रहे हो कि
01:15इस्जत लुट गई, उससे हमारे आत्म
01:18सम्मान पर थोड़ी यहां चानी चाहिए, हम यह थोड़ी कहीं है कि वह मेरी इस्जत लुट के ले गया, मैं
01:24ट्रिविलाइज नहीं कर रहा हूं, मैं मुद्दे को छोटा नहीं बना रहा हूं, मैं कह रहा हूं, जानवर अगर आप
01:30पर हमला करता है, तो सदा जानवर को मिलन
01:33चाहिए, कोई मूरक आदमी आपके साथ बत्तमीजी करता है, तो बेज़ती मूरक की हुई है, आपकी इस्जत नहीं लुट गई,
01:40आपकी सेक्श्वालिटी की बिनिश्यत रूप से कीमत है, लेकिन आपकी consciousness ने, आपकी चेतना की, आपके knowledge, आपकी understanding की,
01:49आपकी आंतरिक ताक
01:51लुटत की, आपकी शक्ति की, आपके सायम की, इनकी कहीं ज्यादा कीमत है, और आपसे एक बात और बोल रहा
01:59हूं, पतानी, लोक सुनेगी उन्हें कैसी लगेगी, कोई आपके तन को गंदा कर जाए, बुरा मानीये, पर कोई आपके मन
02:07को गंदा कर जाए, और ज्यादा बु
02:21आपके शान्ति पर, आपके सच्चाई पर हमला करें और ज्यादा बुरा मानिये।