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  • 7 minutes ago
चुनाव आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत राजनीतिक दलों को पहली बार पढ़ने योग्य वोटर लिस्ट हार्ड और सॉफ्ट दोनों फॉर्मेट में दी जाएगी। इस फैसले के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि कथित 'वोट चोरी' के कारण 13 करोड़ भारतीयों को मतदान के अधिकार से वंचित किया गया है। इसे 'देशद्रोह' करार देते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया में बड़े सुधारों की मांग की है। हालांकि, आयोग के इस कदम से आगामी विधानसभा चुनावों वाले राज्यों में नए युवाओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का बड़ा अवसर मिलेगा।

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00:03चुनावायोग पहली बार राजिन्तिक दलों को पढ़ने योग्य वोटर लिस्ट, हाड और सौफ्ट कॉपी दोनों फॉर्मेट में उपलब्ध कराएगा।
00:30इस महासचीव केसी वेडु गोपाल ने शोचल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उनकी पार्टी दोहजार पच्चे से
00:36मशीन से पढ़ी जा सकने वाली वोटर लिस्ट की मांग कर रही है।
01:00कॉंग्रिस की ओर से लगाए गए है।
01:01दरेसल चुनाव आयोग ने 17 राजियों और केंदर शाशित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के सालाना स्पेशल समरी रिविजन का आदेश
01:09दिया है।
01:09आयोग के एक वरिष्ट अधिकारी के मताबिक इन राजियों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है जबकि असम में
01:15कानूनी कारणों से स्पेशल रिविजन कराया गया था।
01:19इन राजियों में अंतिम मतदाता सूची चार जनवरी को जारी की जाएगी।
01:49भूआ, मडिपूर और पंजाब में आगामी विधान सभाचुनावों से पहले नए मतदाताओं को पंजी करण का मौका मिलेगा।

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