00:00धर्म, परिवर्टन और आरक्षण को लेकर देश की सरवोच अदालत ने एक बहुत बड़ा और उस्पष्ट फैसला सुनाया है
00:07सुप्रिम कोट ने तमिलनाडू सरकार के उस याचिका को खारज कर दिया है
00:10जिसमें धर्म बदलकर इसलाम अपनाने वाले व्यक्तियों को पिछड़ा वर्ग के तहट आरक्षण का लाप देनी की वकालत की गई
00:17थी
00:17इसके साथ ही शिर्ष अदालत ने मदरास हाई कोट के उस फैसले को पूरी तरह बरकरा रखा है
00:21सुप्रिम कोट का कहना है कि कोई भी वक्ति जो हिंदू सामाजिक व्यवस्ता से गैर हिंदू सामाजिक व्यवस्ता में परिवर्थित
00:28होता है
00:28वे केवल अपनी पूर्व धर्म की सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर
00:33सम्विधहन के अनुछेद सोला चार के तहत सकरात्म करवाई या एरक्षन का दावा नहीं कर सकता है
00:40पूर्वर्ती सामाजिक व्यवस्था में जेला गया पिछड़ापन अपने आप आगे ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है
00:45जिससे उसे उस धर में पिछड़ा वर्ग का दरजा मिल जाए जिसमें उसने परिवर्तन किया है
00:51बीजेपी नेताओं ने सुप्रेम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है
00:54खासकर मुस्लिम नेताओं का कहना है कि देश की सरवोच नियायाले जो फैसला लेती है
00:58सोस समझगाद और देश के हित में लेती है
01:01माने नियाले का जो फैसला है उस माने नियाले सारे एस्पेक्स को चेक करके जो भी फैसला देता है
01:07हम सब एकता विश्वास के साथ अपने देश को आगे ले जाए यही हम सब का प्रियास होना चाहिए
01:33लेकिन शिया धर्म गरू और और ओल इंडिया शिया परसनलों बॉर्ड के अध्याष मुलाना मुहम्मद मिर्जा यासुब अब्बास के अलगी
01:41राग देखने को मेरे
01:42यासुब अब्बास ने सुप्रिम कोर्ट के फैसले पर पलटवार किया है उनका कहना है कि सुप्रिम कोर्ट को एक बार
01:48फिर से अपने फैसले पर विचार करना चाहिए
02:24सुप्रिम कोर्ट के इस फैसले से अब ये कानूनी इस्तिती बिलकुल साफ हो गई है कि धार्मिक पहचान वदलने के
02:29साथ ही आरक्षन और उससे जुड़े कोटे के लाव की पात्रता समाप्त हो जाती है
02:34देश के अदालतों को एक फैसला रक्षन ववस्था और समविधानी प्रावधानों के लिहास से बेहग एहम माना जा रहा है