00:01देश की न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए, राष्ट्रपती द्रोकदी मुर्मू ने सुप्रीम
00:10कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने को मन्जूरी दे दी है।
00:30इस फैसले का मुख्य उद्दिश्य सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के बढ़ते बोज को कम करना और लोगों को तेजी
00:38से न्याय दिलाना है।
00:40माना जा रहा है कि जजों की संख्या बढ़ने से मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और लंबे समय से
00:46पेंडम चल रहे केसों का निप्टारा भी जल्दी हो पाएगा।
00:50राष्ट्रपती मुर्मु के इस फैसले की सतापक्ष के नेताओं ने सराहना की है।
01:20बिल के रूप में पेश होगा और संसद के द्वारा उसका अनुमोधन किया जाएगा।
02:02वही विपक्षी दलों के नेताओं ने भी राष्ट्रपती मुर्मु के फैसले को सही ठहराया है।
02:07उनका कहना है कि महामहीम का ये फैसला हमारी इन्याइक विवस्था को और मजबूत करने का काम करेगा।
02:26तो अच्छा काम किया द्रोपती मुर्मु जी ने, महामहीम द्रोपती मुर्मु जी ने, इसमें बारह साल बाद आप किसी की
02:36संख्या बढ़ाने की मंजूरी देते हैं।
02:38ये तो भारती जनता पार्टी की सरकार को जबाब देना होगा ना, देश में के नियायलेओं में करोडों केस लंबित
02:43पड़े हुए हैं।
02:45और उन करोडों केसों में लाखों लोग ऐसे हैं जो निरपराज जेल में होंगे।
02:50भारत में सुप्रीम कोड के जजों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा पहला कानून साल 1956 में बनाया गया था।
02:58इसके बाद समय समय पर नियाय पालिका की बढ़ती जबरतों के अनुसार जजों की संख्या में बदलाव किया जाता रहा
03:05है।
03:05इससे पहले वर्ष 2019 में सुप्रीम कोड के जजों की संख्या 30 से बढ़ा कर 33 की गई थी।
03:12और अब नए अध्यादेश के बाद कोड में कुल सुप्रत जजों की संख्या Chief Justice of India सहित 38 हो
03:19जाएगी।
03:19इसे देश की नियाईक व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत करने और लोगों को समय पर नियाय उपलब्ध कराने की दिशा
03:27में एक एहम कदम माना जा रहा है।
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