00:00क्या चीज़ पुछना चाह रहा है आप मैम आज नियायाले में फैसला सुनाया गया है तासी की सजा दी गई
00:08है क्या इसके अलावा जुड़ कोई कॉमेंट भी इस केस पर किया गया है क्योंकि इसको रेयरेस्ट आप दी रेयर
00:16केस बोला जा रहा था
00:20प्रभावी पेर्वी की गई है और इस समय नियायले द्वारह जो भी आदेश दिया गया वह फुक रहे स्पार रहे
00:27मान्य नियायले केद्वारा जो भी बिक्या गया है
00:29इसमें अब इनके एक्यूस जो हैं दोनों सिद्धोश बंदीगण की तरफ से अपील के लिए जेलर साहब से बात करने
00:36वो चाहते हैं अपनी अपील करनी हाई कोट में और इसमें यह कि कंफर्मेशन तो हाई कोट से आती है
00:41और इसमें तीन महीने के अंदर कमेटी बैठके वो �
00:44जिम्मेदारी हो जाते हैं कि वो निर्ने करेंगी कि यह फासी उसको दी जाए कि नहीं दी जाए वो उस
00:50पर है कि वो इसमें अपील का अधिकार तो है बंदीगान का उसमें क्या होता है तब वो हाई कोट
01:09का
01:13क्या इन लोगों ने उसके बाद मुस्कान और साहिल ने आप से कुछ बात चीत की जब वीडियो कॉंपिंसेट के
01:18साथ है इस सम्मन में आप से कुछ बात नहीं करूंगे
01:25क्या आप लोग आगे अपील करेंगे अपनी तरफ से ही पहले यह बंदीगर्ण की इच्छा है बंदीगर्ण जो है डिस्टिक
01:31जेल जो हमारे जेलर साथ है जेल सुप्रिंटेंडन उनके समक्षी अपनी बात रख सकते हैं और यह चाहेंगे वहां पर
01:39जैसे ही पत्रों का हाई
01:40हाई कोट लीगल सर्विस कमेटी पर हमारा जो है लीगल डीफेंस कॉंसल के वल इहां पर डिस्टिक लेवल पर नहीं
01:45है यह बंदीगर्ण की ट्रायल अपील होने के बार अपील का राइट है महां पर नूपके जा रहे हैं और
01:58वह प्रभावी पैर्वी कर रहे हैं इस तरीक
02:10लेवल पर जा रहे हैं तो हाई कोट लीगल सर्विस कमेटी में पैनल एडवोकेट है वहाँ पर फ्री ओफ कॉस्ट
02:14वहाँ पर एडवोकेट मिल रहा है उनकी अपील के लिए भी और बेल के लिए पर आपका का कॉमेंट है
02:22कोई सरकम्स्टांशल एविडेंस है इसमें डारेक्
02:39नहीं गए तो मेरे हिसाब से तो यह आजीवन केस जो है वहाँ पर जो है और इसको नहीं मिलेगी
02:48मेरा तो यह प्रियास रहेगी तैंक यू मैम तैंक यू मैम तैंक यू मुच्वा टाइब